Dec 30, 2015

जनवरी से लागू हो सकता है 7वां वेतन आयोग, लेकिन रेलवे की अर्थव्यवस्था चिंताजनक

नई दिल्ली।
सातवां वेतन आयोग की जनवरी से लागू किया जाना प्रस्तावित है। वेतन आयोग की संस्तुतियों को लागू करने से केन्द्र सरकार के सर्वाधिक कर्मचारियों वाले रेल विभाग पर 32 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की संभावना है। 

इतनी बड़ी राशि का प्रबंध हर साल करना रेल मंत्रालय के लिए टेढ़ी खीर बन सकता है। रेल मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों के बीच यह चर्चा है कि यदि केन्द्र ने आर्थिक मदद न की तो क्या होगा। ऐसे में रेल मंत्रालय के पास एक ही विकल्प बचता है कि वह रेल किराया बढ़ाए। इसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ेगा।

सूत्रों के अनुसार पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे रेलवे के लिए इतनी बड़ी रकम का इंतजाम करना एक बड़ी समस्या है। उधर, रेल परियोजनाओं में देरी के चलते लागत बढ़ती जा रही है, जिसका सीधा असर रेलवे की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है।

रेलवे सूत्रों के मुताबिक 32 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त इंतजाम करना रेलवे के लिए आसान नहीं है। रेलवे के पास आय बढ़ाने का एक ही रास्ता है-किराया और माल भाड़ा बढ़ा देना। पर किराया बढ़ाने से जनता में रेलवे विशेषकर सरकार की छवि पर विपरीत असर पड़ेगा। सूत्रों के अनुसार रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने इस आर्थिक संकट को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली से भी बात की है।

उल्लेखनीय है कि पहले भी रेल मंत्री वित्त मंत्रालय को पत्र लिखकर कह चुके हैं कि वेतन आयोग का बोझ वहन करने के लिए केंद्र सरकार उनकी मदद करे ,क्योंकि रेलवे को माल भाड़े से होने वाली आमदनी भी लक्ष्य से काफी कम है।

SOURCE - rajasthanpatrika.

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