Aug 23, 2016

अरुण जेटली जनवरी में एकसाथ पेश करेंगे आम और रेल बजट!



सरकार अब रेलवे बजट को आम बजट के साथ ही पेश करने की योजना बना रही है. इसके साथ ही आम बजट फरवरी की बजाए जनवरी में पेश किया जा सकता है.

वित्त मंत्रालय के एक सूत्र ने बताया, "इस प्रस्ताव (जनवरी में बजट पेश करना) पर विचार किया जा रहा है. जल्द ही इस पर फैसला ले लिया जाएगा. यह विचार हर साल एक व्यावहारिक बाधा को दूर करने के लिए किया गया है."


अधिकारी ने कहा, "अब तक फरवरी के अंत में बजट प्रस्तुत किया जाता है. लेकिन, निधि जुलाई के बाद ही जारी हो पाती है. औपचारिकताओं को पूरा करने में तीन-चार महीने बरबाद हो जाते हैं."

उन्होंने कहा, "इसलिए हमारे वरिष्ठ अधिकारियों ने यह सलाह दी है कि बजट को जनवरी में ही पेश किया जाए, ताकि मार्च अंत तक सभी मंत्रालय को निधि जारी कर दी जाए. इस तरह से सभी मंत्रालय को आवंटित धन को खर्च करने के लिए पूरा साल मिल जाएगा."

सरकार यह कदम ऐसे समय उठाने की सोच रही है, जब उसने वित्त वर्ष को एक अप्रैल की बजाए किसी नई तिथि से शुरू करने की व्यावहारिकता की समीक्षा के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया है. फिलहाल एक अप्रैल से 31 मार्च तक वित्त वर्ष माना जाता है.

इस बयान में कहा गया है, "पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार शंकर आचार्य की अध्यक्षता में इस समिति का गठन किया गया है जो वित्त वर्ष को एक अप्रैल से 31 मार्च की जगह विभिन्न तारीखों को रखने के गुण-दोष की जांच करेगी."

इस महीने की शुरुआत में वित्त सचिव अशोक लवासा ने बताया था कि सरकार रेलवे मंत्रालय के एक प्रस्ताव पर विचार कर रही है कि उसके बजट को आम बजट में ही मिला दिया जाए.

वित्त सचिव ने कहा, "हम इस प्रस्ताव (रेल मंत्री सुरेश प्रभु के प्रस्ताव) की समीक्षा कर रहे हैं. यह रेलवे मंत्रालय के सलाह से किया जाएगा. इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है."

रेल बजट 1924 से आम बजट से अलग प्रस्तुत किया जाता रहा है. अंग्रेजों ने भारत के बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर देने के लिए रेल बजट को अलग से पेश करना शुरू किया था. उस समय रेल बजट कुल बजट का 70 फीसदी होता था.

SOURCE - hindi.pradesh18