Oct 18, 2016

नागपुर-सिकंदराबाद रेलवे कॉरिडोर की गति बढ़ाने के संबंध में व्यवहार्यता अध्ययन हेतु भारतीय रेल और रूस की रेल के मध्‍य प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर

रेलवे क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय सहयोग के लिए नागपुर-सिकंदराबाद रेलवे कॉरिडोर की गति बढ़ाने के संबंध में व्यवहार्यता अध्ययन के लिए भारतीय रेल और रूस की रेल के मध्‍य एक प्रोटोकॉल पर गोवा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के मध्‍य 15 अक्‍टूबर, 2016 को आयोजित द्विपक्षीय बैठक के दौरान हस्‍ताक्षर किये गये। इस प्रोटोकॉल में नागपुर-सिकंदराबाद सैक्‍शन में यात्री गाड़ियों की गति 200 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ाने के लिए तकनीकी और निष्पादन अध्ययन कार्य को शामिल किया गया है। इस परियोजना का भारतीय रेल और रूसी रेलवे संयुक्‍त रूप से वित्‍त पोषित करेगी और दोनों पक्षों की 50 प्रतिशत लागत हिस्सेदारी होगी। इस प्रोटोकॉल पर भारत की ओर से श्री नवीन कुमार शुक्ला, सलाहकार/गतिशीलता/रेलवे बोर्ड और रूस की ओर से रूसी रेल के अध्‍यक्ष श्री ओ.वी ब्‍लोजिरॉव ने हस्ताक्षर किए।

पृष्ठभूमि 

दिसंबर, 2015 के दौरान रेल मंत्रालय और रूसी रेलवे के मध्‍य तकनीकी सहयोग पर हस्ताक्षर किए गए थे। समझौता ज्ञापन में निम्नलिखित सहयोग क्षेत्रों की पहचान की गई थी: 

1. भारत में हाई स्पीड रेल (एचएसआर); 

2. रेलों की गति 160-200 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ाने के लिए भारतीय रेलवे की मौजूदा लाइनों का आधुनिकीकरण; 

3. सैटेलाइट नेविगेशन और डिजिटल संचार माध्‍यमों पर आधारित आधुनिक नियंत्रण एवं सुरक्षा संबंधित प्रणालियां; 

4. सैटेलाइट और भू-सूचना प्रौद्योगिकी; 

5. परिवहन सुरक्षा और साइबर सुरक्षा; 

6. रोलिंग स्टॉक; 

7. हैवी हॉल परिवहन; 

8. भारतीय रेलवे के लिए मानव संसाधन प्रशिक्षण का आयोजन; छात्रों को उच्‍च व्‍यावसायिक शिक्षा तथा प्रबंधकों सहित स्टाफ सदस्यों को उन्नत प्रशिक्षण; 

9. स्टेशनों का पुनर्विकास; 

10. समर्पित माल ढुलाई रेल गलियारें; 

11. ट्रैक अधिरचना पुलों और सुरंगों सहित सिविल इंजीनियरिंग कार्यों का आधुनिकीकरण, पुनर्निर्माण और निर्माण; 

12. स्लैब पटरियां।
Source - PIB