Dec 30, 2016

रेलवे अधिकारियों पर भड़के प्रभु, कहा- आपसे नहीं होता तो बोरिया बिस्तर पैक कर लें*


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नई दिल्ली। डेढ़ महीने के भीतर उत्तर प्रदेश में दो रेल हादसों ने रेलमंत्री सुरेश प्रभु की प्रतिष्ठा दांव पर लगा दी है जिससे उन्हें अपना सौम्य व्यवहार बदलना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को रेलवे के तमाम आला अफसरों को उनके उग्र तेवरों का सामना करना पड़ा।

यहां तक कि रेलवे बोर्ड सदस्यों और जोनल महाप्रबंधकों को 'आपसे नहीं होता तो अपना बोरिया बिस्तर पैक कर लें' जैसी अप्रिय चेतावनी भी झेलनी पड़ी। इतना ही नहीं, अफसरों को सबक सिखाने के लिए प्रभु ने जापान और कोरिया के विशेषज्ञों को बुला लिया है जो उन्हें सुरक्षित ट्रेन संचालन के गुर सिखाएंगे। पूर्व कैग विनोद राय अब रेलवे की संरक्षा प्रणालियां का आडिट करेंगे।

दो साल के कार्यकाल में रेलमंत्री सुरेश प्रभु को अफसरों पर इतना क्रोधित शायद ही कभी देखा गया होगा। बृहस्पतिवार को उन्होंने रेलवे बोर्ड अध्यक्ष और सदस्यों से लेकर जोनल महाप्रबंधकों तक किसी को नहीं बख्शा। सभी को एक ही नसीहत थी कि अब ऐसा कतई नहीं चलेगा। या तो परिणाम दें, या दूसरी नौकरी देख लें। इस दौरान जहां रेलवे बोर्ड, राइट्स और रेल विकास निगम के अधिकारी सामने थे, वहीं जीएम से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए सवाल-जवाब हो रहे थे।

यही नहीं, प्रभु ने देश-विदेश के अनेक रेलवे विशेषज्ञों से भी सलाह ली। इनमें रेलवे संरक्षा समिति के अध्यक्ष रहे परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डा. अनिल काकोडकर शामिल हैं। प्रभु ने पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक विनोद राय की एक समिति बना दी है। यह रेलवे की तमाम संरक्षा प्रणालियों का आडिट कर खामियों का पता लगाएगी तथा संरक्षा संगठन को सुदृढ़ करने के सुझाव देगी।

इसी के साथ रेलमंत्री ने अधिकारियों को 'बैक टू बेसिक्स' यानी रेल परिचालन के बुनियादी उसूलों का कड़ाई से पालन करने के आदेश दिए। इसके तहत से सभी जोनों में आपरेशन से जुड़े कर्मियों को नए सिरे से ट्रेन संचालन का बुनियादी प्रशिक्षण दिया जाएगा। सभी मेंबर व जीएम से एक हफ्ते में हादसों पर अंकुश के बारे में अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है। मंडल प्रबंधकों से कहा गया है कि अगले दस दिनों तक ट्रेनों में लोको पायलट के साथ एक अधिकारी को इंजन में तैनात कर ट्रैक व सिगनल का मुआयना कराएं।

रेलवे बोर्ड के सदस्य सेफ्टी से जुड़े सभी 'मैन्युअल' और 'कोड' का नए सिरे से अध्ययन करेंगे। जबकि राइट्स और आरवीएनएल से संरक्षा के तकनीकी समाधान पेश करने को कहा गया है। रेलवे बोर्ड संरक्षा के लिए जरूरी मशीनों और सामग्रियों की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाएगा।

दिन भर चली कसरत में रेलमंत्री ने वित्तमंत्री अरुण जेटली से भी चर्चा की और भरोसा लिया कि संरक्षा के मामले में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। चेतावनी के साथ यह संदेश रेलवे अफसरों तक भी पहुंचा दिया गया है।
जागरण ब्यूरो,