Aug 6, 2017

करोड़ोें की चपत, - टिकट बुकिंग क्लर्को ने रेलवे को लगायी करोड़ोें की चपत, जनरल टिकट पर ऐसे बनाते थे पैसे

जमशेदपुर, रांची: रेलवे बोर्ड की विशेष स्क्वायड टीम ने हटिया स्टेशन के बुकिंग काउंटर पर यूटीएस टिकट (अनरिजर्व टिकट सिस्टम) की एनआइ (नन इश्यूयिंग) में करोड़ों रुपये के फरजीवाड़े का खुलासा किया है. यूटीएस मशीन के सिस्टम से हेराफेरी कर वर्षों से गड़बड़ी की जा रही थी. इसमें बुकिंग केंद्र के कर्मचारियों से लेकर सुपरवाइजर की मिलीभगत सामने आयी है.

मामले का खुलासा होने पर रेलवे बोर्ड के निदेशक (पैसेंजर व मार्केटिंग) विक्रम सिंह ने बुधवार को दक्षिण पूर्ण रेलवे के जीएम को पत्र जारी करते हुए हटिया स्टेशन के 10 कर्मियों को निलंबित करने की जानकारी दी है. इनमें बुकिंग केंद्र के सात कर्मचारियों के अलावा चीफ बुकिंग सुपरवाइजर, काॅमर्शियल इंस्पेक्टर व सेक्शनल टीआइए शामिल हैं. बताया जाता है कि देश के कई बड़े स्टेशनों पर भी इस तरह की गड़बड़ी कर रेलवे को करोड़ों का चूना लगाया गया है.
हटिया स्टेशन पर मिली गड़बड़ी के बाद देश भर के स्टेशनों पर यूटीएस मशीन के सिस्टम में संभावित छेड़छाड़ को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. रेलवे बोर्ड के निर्देश पर सभी स्टेशनों पर जांच की जा रही है. विक्रम सिंह ने फरजीवाड़ा रोकने के लिए नौ बिंदुओं पर गाइड लाइन जारी की  है.

ऐसा किया जा रहा था फरजीवाड़ा
बुकिंगकर्मी पहले कम मूल्य के  जनरल टिकट यूटीसी सिस्टम से जारी करते थे. इसके बार सिस्टम काे फेल और गलत  टिकट जारी होने की बात कह मशीन का स्वीच आॅफ कर दिया जाता था. इस तरह कम  वैल्यू के जनरल टिकट के मूल्य  सिस्टम में सेव हो जाते थे. इसके बाद उसी  नंबर पर अधिक मूल्य के टिकट जारी कर लिये जाते थे. सिस्टम में उस टिकट काे  एनआइ (नन-इश्यू) दिखा दिया जाता था. इस तरह कम राशि रेलवे के खाते में जाती  थी. जबकि अधिक मूल्य का जारी किया गया फरजी टिकट की राशि यात्रियों से  वसूल कर बुकिंगकर्मी हड़प लेते थे.

इन्हें निलंबित किया गया
1. पी मंडल
2. बी राम
3. एके झा
4. बिनीता सिन्हा
5. विनीत सिंह
6. शिल्पी मुखर्जी
7. लता
8. पीके दीवान, चीफ बुकिंग सुपरवाइजर, हटिया
9. सेक्शनल कमर्शियल इंस्पेक्टर, हटिया
10. सेक्शनल टीआइए, हटिया

टाटानगर स्टेशन पर हुई जांच
रेलवे बोर्ड के निर्देश पर  बुधवार को टाटानगर स्टेशन में दक्षिण पूर्व रेलवे के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक  ने यूटीएस मशीनों की जांच की. एनआइ टिकटों के बारे में भी जानकारी ली और  सुपरवाइजर को जरूरी दिशा-निर्देश दिया.