Sep 17, 2017

ट्रेन में लोअर-मिडिल बर्थ वाले रात 10 से 6 बजे तक ही सो सकेंगे, रेलवे बोर्ड का फैसला

रेलवे ट्रेनों में रिजर्वेशन कंपार्टमेंट में सोने का वक्त घटाने जा रही है।

सर्कुलर में कहा गया है कि पैसेंजर्स को बीमार, दिव्यांगों और प्रेग्नेंट महिलाओं की सोने की सीमा से बाहर जाकर भी मदद करनी चाहिए। (फाइल)

नई दिल्ली. रेलवे ट्रेनों में रिजर्वेशन कंपार्टमेंट में सोने का वक्त घटाने जा रही है। रेलवे बोर्ड के सर्लुकर के मुताबिक, रिजर्व बर्थ में अब पैसेंजर्स के सोने का वक्त रात 10 से सुबह 6 बजे तक का रहेगा। कोच में ज्यादा लोग बैठ सकें, इसके लिए ये फैसला लिया गया है। पहले ये वक्त रात 9 से सुबह 6 बजे तक था। 31 अगस्त को जारी हुआ सर्कुलर...
- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, रेलवे बोर्ड ने 31 अगस्त को सर्कुलर जारी किया है। इसके मुताबिक रिजर्व कोच में (खासकर लोअर और मिडल बर्थ) सोने का वक्त रात 10 से सुबह बजे तक रहेगा। हालांकि कुछ खास पैसेंजर्स को इसमें छूट रहेगी।
- सर्कुलर में कहा गया है, "पैसेंजर्स को बीमार, दिव्यांगों और प्रेग्नेंट महिलाओं की सोने की सीमा से बाहर जाकर भी मदद करनी चाहिए।"
- बता दें कि जब तक सर्कुलर जारी नहीं होता, तब तक सोने की समयसीमा रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक रहेगी।

ये था पुराना पुराना नियम?
- इंडियन रेलवे कमर्शियल रेलवे मैन्युअल, वॉल्यूम I के पैराग्राफ 652 में पैसेंजर्स के सोने का वक्त रात 9 से सुबह 6 बजे तक निर्धारित किया गया था। नए नियम से ये समयसीमा बदल जाएगी। 
- रेल मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन अनिल सक्सेना के मुताबिक, "स्लीपिंग अरेंजमेंट्स को लेकर हमें अफसरों से फीडबैक मिले थे। हमने पहले ही नियम बना लिया था। हम इस बात को साफ करना चाहते हैं कि अब नियम का पालन होना चाहिए।"
- बता दें कि रिजर्वेशन के सभी कोचेज में सोने की नई समयसीमा लागू होगी।
Source - Bhaskar