Sep 22, 2017

रेल दुर्घटना में सस्पेंड हुए अधिकारी काम पर लौटे


railway staff suspended for derailment back

उत्कल एक्सप्रेस हादसे का फाइल फोटो

उत्कल एक्सप्रेस रेल हादसे में पिछले महीने सस्पेंड किए गए अधिकारी सोमवार को काम पर वापस आ गए। उन्हें नॉर्दन रेलवे के अधिकारी पद पर भेजा गया है। हालांकि रेलवे ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि कमिश्नर रेलवे सुरक्षा द्वारा की जा रही जांच में उन्हें दोषी पाया गया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उत्कल एक्सप्रेस हादसा रेलवे कर्मियों की लापरवाही से हुआ था। उस हादसे में 23 लोगों ने अपनी जान गवांई थी जबकि कई घायल हुए थे। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि कमिश्नर रेलवे सुरक्षा की प्राथमिक जांच में घटना का जिम्मेदार कुछ अधिकारियों और रेलवे कर्मियों को माना गया था। उन लोगों को अभी तक दोषमुक्त नहीं किया गया है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई चल रही है।

नॉर्दन रेलवे के जनरल मैनेजर आरके कुलश्रेष्ठ और दिल्ली के डिविजनल रेलवे मैनेजर आरएन सिंह को इस घटना के बाद छुट्टी पर भेज दिया गया था। दिल्ली डिविजन के सीनियर डिविजनल इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर को माइनर चार्जशीट देकर हटा दिया गया था।

एक सीनियर सेक्शन इंजीनियर और एक जूनियर इंजीनियर अब भी सस्पेंड चल रहा है। जूनियर इंजीनियर और 11 गैंगमैन सहित 13 रेलवे कर्मियों को उनके कर्तव्यों का पालन न करने पर नौकरी से हटा दिया गया था। इन लोगों को अभी तक कोई राहत नहीं मिली है।

एक दूसरे अधिकारी ने बताया कि जनरल मैनेजर, डिविजनल रेलवे मैनेजर और सीनियर डिविजनल इंजीनियर उस समय जिस पोस्ट पर थे वह उनके लिए नई थी। उनका पुराना नौकरी का रेकॉर्ड भी बहुत अच्छा है। विभाग की अंतरिम जांच में भी इन तीनों अधिकारियों ने घटना के बाद सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए राहत कार्य शुरू करवाया। उसका नतीजा रहा कि कई लोगों की जान बचाई जा सकी। रेलवे ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकता जो जांच रिपोर्ट में सीधे तौर पर दोषी न पाए ए हैं। अगर एसा किया जाएगा तो कर्मचारियों का उत्साह गिरेगा।

रेलवे बोर्ड के सदस्य और सचिव स्तर के अधिकारी एके मित्तल ने भी रिटायरमेंट के एक दिन पहले 30 अगस्त को नौकरी ज्वॉइन कर ली थी। इस रेल हादसे में यह तथ्य सामने आया था कि हादसा स्थाई तौर पर लापरवाह का था। उसके बाद कुछ उच्च स्तर के अधिकारियों को छुट्टी पर भेज दिया गया था तो कई दूसरे सस्पेंड कर दिए गए थे।
Source - Navbharat Times