Oct 15, 2017

भोपाल रेल मंडल में फैल रही लाखों के घोटाले की रोशनी, एक ADRM की भूमिका संदिग्ध!

प्रवेश गौतम, भोपाल। शनिवार को रेलवे बोर्ड के चेयरमैन (सीआरबी) अश्विनी लोहानी भोपाल में थे। लोहानी के दौरे के दौरान भोपाल रेल मंडल के अधिकारी पूरी कोशिश में थे, कि सीआरबी को किसी प्रकार की शिकायत न हो। रेल मंडल में घोटाले की रोशनी को भी दबाने की पूरी कोशिश की गई, जिसमें एक एडीआरएम (ADRM) स्तर के अधिकारी की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
द करंट स्टोरी को प्राप्त जानकारी अनुसार, हाल ही में मंडल की इलेक्ट्रिकल शाखा ने एलईडी लाइट खरीदने व लगाने के लिए टेंडर जारी किया था। इस टेंडर में रेलवे व इंजीनियरिंग के सभी नियमों की खुलेआम अवहेलना की गई। 
15 दिनों में ही ठेकेदार को हो गया भुगतान:
द करंट स्टोरी ने पूरे मामले की पड़ताल की, जिसमें तीन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पड़ताल में यह भी सामने आया कि नियम विरुद्ध तरीके से एलईडी लाइट का टेंडर किया गया और मात्र 15 दिनों में ही ठेकेदार ने माल की सप्लाई भी कर दी और उसको पेमेंट भी हो गया। संभवत: इतनी जल्दी सप्लाई और भुगतान का यह पहला मामला है।
वह 31 की शाम:
भोपाल मंडल के डीआरएम कार्यालय में, 31 तारीख की शाम को ही एक अधिकारी के चेंबर में एमबी बुक पर साइन हो गया। वहीं इसी शाम को मटेरियल भी सप्लाई हो गया। गजब की फुर्ति दिखाई गई।  
एक एडीआरएम स्तर के अधिकारी की भूमिका संदिग्ध:
द करंट स्टोरी की पड़ताल में सामने आया कि, पूरे मामले में एक एडीआरएम स्तर के अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है। वहीं एक एसएसई ने भी ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए कई तरह से गोलमाल किया।
सेंपल गायब?
द करंट स्टोरी की पड़ताल में यह भी सामने आया कि ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए संदिग्ध तरीके से सैंपल की जांच एक कथित लैब में कराई गई। बाद में उक्त सैंपलों को गायब कर दिया गया। पूरे मंडल में किसी को भी नहीं पता कि कौन से सैंपल लैब में भेजे गए और अब वह कहां हैं। 
अगले पार्ट में पढ़ें: 
कैसे हुआ घोटाला, कौन से अधिकारी हैं इस घोटाले में लिप्त, कौन है ठेकेदार, कहां गए सैंपल, 31 की शाम की कहानी, क्यों हुआ एमबी बुक में साइन, कितना मिला कमीशन, और भी बहुत कुछ। 
द करंट स्टोरी ने इस पूरे मामले की इंवेस्टिगेशन की है, और मामले से जुड़े समस्त दस्तावेज द करंट स्टोरी के पास उपलब्ध है। 
Source - https://www.thecurrentstory.com/exclusive/LED-SCAM-in-Bhopal-rail-division-role-of-one-ADRM-suspicious