Mar 15, 2018

Railway ने बंद की ये सुविधा, जान लें वरना पड़ेगा भारी



रेल ने पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए और अपना खर्च कम करने के लिए कागज के कम इस्तेमाल को लेकर एक और पहल की है.

भारतीय रेलवे लागत में कटौती के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. अब रेलवे ने पर्यावरण को ध्यान में रखकर अपना खर्च कम करने के लिए कागज के कम इस्तेमाल को लेकर एक और पहल की है. इसका आप पर कितना असर होगा, ये जानने के लिए पढ़ेंं अगली स्लाइड- 

बंद होगी i-Ticket: भारतीय रेल के केटरिंग और टूरिज्म कार्पोरेशन यानि IRCTC के मुताबिक 1 मार्च से देशभर में i-Ticket की बुकिंग पर रोक लगा दी गई है. रेलवे ने करीब 16 साल पहले यानि 2002 में i-Ticket की शुरुआत की थी.


ये है e-Ticket और i-Ticket में फर्क: जैसे IRCTC की वेबसाइट से e-Ticket की बुकिंग होती है, उसी तरह से i-Ticket भी बुक की जाती थी. लेकिन इन दोनों में फर्क ये है कि e-Ticket बुक करने वाले यात्री को टिकट की जानकारी SMS से भेज दी जाती है, साथ में यात्री चाहे तो उस टिकट का प्रिंट ले या नहीं लें, लेकिन उसका टिकट मान्य होगा.

लेकिन i-Ticket में ऐसा नहीं होता, i-Ticket बुक होने के बाद रेलवे खुद यात्री के घर पर काउंटर टिकट की तरह दिखने वाला टिकट पहुंचाता है, इसके लिए रेलवे अलग से पैसे वसूल करता था.
i-Ticket के लिए रेलवे लेता है इतना चार्ज: स्लीपर या सेकेंड क्लास के टिकट के लिए रेलवे 80 रुपए और AC क्लास के टिकट के लिए 120 रुपए प्रति टिकट की वसूली करता था. i-Ticket को यात्रा से 2-3 दिन पहले बुक करना पड़ता था.

अब बदल चुके हैं नियम: IRCTC सूत्रों के मुताबिक अब देश में प्रिंट किए हुए टिकट का दौर खत्म हो गया है. साल 2011 से रेलवे ने SMS के जरिए मिलने वाले टिकट की जानकारी को भी मान्य टिकट कर दिया है, यानी यात्री को उस जानकारी को सत्यापित करने के लिए महज अपना पहचान पत्र दिखाना होगा.
Source - News 18

Translate in your language

M 1

Followers