Jun 13, 2018

सुरक्षित रेल परिचालन में ग्रामीण भी करेंगे मदद



रेलवे भागलपुर-किऊल रेलखंड पर सुरक्षित रेल परिचालन के लिए ग्रामीणों की मदद लेगी। जिन स्टेशनों और गाव के आसपास ट्रेनों में चेन पुलिंग (वैक्यूम) की जाती है, वैसे गावों की रेलवे सूची तैयार कर रही है। इसके बाद संबंधित गाव के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर चेन पुलिंग की घटनाओं पर अंकुश लगाने पर विचार-विमर्श किया जाएगा। रेलवे की यह रणनीति सफल रही तो इस सेक्शन पर हो रही चेन पुलिंग से हद तक निजात मिल जाएगी।


मुंगेर, लखीसराय, पीरपैंती, सुल्तानगंज, बरियापुर से कई ट्रेनों में सैकड़ों की संख्या में छात्र कोचिंग में पढ़ाई करने आते हैं। इनमें से कइयों का घर स्टेशन या फिर रेलवे हॉल्ट के पास पड़ता है। कोचिंग क्लास करने के लिए ज्यादातर छात्र पैसेंजर से चले आते हैं। लेकिन वापसी में एक्सप्रेस ट्रेनों में सवार होते हैं। हॉल्ट पर एक्सप्रेस ट्रेन नहीं रुकने की वजह से वैक्यूम कर रोक देते हैं। इससे जहा गाड़ियां लेट होती हैं।

इससे रेलवे को राजस्व का घाटा होता है। वहीं, बार-बार वैक्यूम की वजह से कपलिंग टूटने और इंजन फेल होने की संभावना बनी रहती है। इससे कभी भी रेल हादसा होने का खतरा बना रहता है। इन सभी वजहों से निजात पाने के लिए रेलवे ने संबंधित गाव के लोगों से मदद लेने का निर्णय लिया है।

विलंब होती हैं गाड़ियां

भागलपुर-किऊल रेलखंड पर 98 किलोमीटर की दूरी तय करने में एक्सप्रेस गाड़ियों को ढाई से तीन घटे लगता है। लेकिन वैक्यूम होने से यह सफर चार से पांच घंटों का हो जाता है। इस सेक्शन पर तीन दर्जन से ज्यादा एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन रोज होता है। ऐसे में जिस गाड़ी में वैक्यूम किया जाता है उसके बाद पीछे आ रही गाड़ियां पिट जाती हैं। मंगलवार को साहिबगंज इंटरसिटी और जनसेवा के यात्री राहुल, समेश कुमार, वीके सिन्हा ने बताया कजरा और धरहरा के बाद दो बार चेन पुलिंग हुई, जिससे ट्रेनें रुकी रहीं।

इन जगहों पर होता है वैक्यूम

भागलपुर-किऊल-जमालपुर रेलखंड पर कई जगह वैक्यूम जोन है। इसमें महेशी हॉल्ट, खड़िया पीपरा हॉल्ट, गनगनिया, कल्याणपुर, ऋषिकुंड हॉल्ट, पाटम हॉल्ट, बड़ी आशिकपुर, सारोबाग, अदलपुर, घोघी बरियारपुर, लय पबय हॉल्ट के अलावा उरैन, धनौरी, कहलगाव-विक्रमशिला के बीच रमजानीपुर के पास ज्यादा ट्रेनों का ठहराव नहीं होने पर वैक्यूम किया जाता है।

कोट

चलती ट्रेन में वैक्यूम करने वालों पर आरपीएफ एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है। अबतक वैक्यूम करने के मामले में सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यात्रियों को जागरूक करने तथा वैक्यूम से होने वाली रेल की क्षति के बारे में लोगों को अवगत कराते रहते हैं।

Source - Jagran

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