Jul 18, 2018

12वीं के बाद पढ़ाई का पूरा खर्चा उठाएगा रेलवे, चिकित्सकों की कमी के कारण लिया फैसला



रेलवे में कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए खुश खबर है। चिकित्सकों की कमी को देखते हुए रेलवे ने निर्णय लिया है कि अब रेलवे कर्मचारियों के बच्चों को ही डॉक्टरी की पढ़ाई कराई जाएगी। इसके लिए कक्षा 12वीं के बाद जो बच्चा प्री मेडिकल परीक्षा या पीएमटी की परीक्षा की तैयारी करना चाहेगा उसका खर्च रेलवे उठाएगी। इससे रेलवे के कर्मचारियों को भी लाभ होगा।



- असल में देशभर में रेलवे चिकित्सालयों में चिकित्सकों की 40 प्रतिशत तक कमी है। इस कमी को पूरा करने के लिए रेलवे ने अनेक बार प्रयास किए लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली। इसके बाद अब रेलवे ने ये नया प्रयास किया है। अब रेलवे ने अपने कर्मचारियों के प्रतिभावान विद्यार्थियों को ही चिकित्सक बनाने का निर्णय लिया है। रेल कर्मचारियों के बच्चों की पढ़ाई का व्यय रेलवे पहले से उठाता है। यूनियन द्वारा मांग की थी कि चिकित्सकों की कमी को देखते हुए रेलवे कर्मचारियों के बच्चों को चिकित्सक बनाए व रेलवे अस्पताल में ही नौकरी दे। इस मांग को मानने के बाद ग्रुप सी व ग्रुप डी स्तर के कर्मचारियों को भी बच्चों को डॉक्टर बनते देखने का सपना पूरा होगा। रेलवे के अनुसार कर्मचारियों के वे विद्यार्थी जो 70 प्रतिशत से अधिक अंक लाते हैं। 


- उनको मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसमें कक्षा 12वीं के बाद अगर वे पीएमटी की परीक्षा देते हैं व इनका चयन होता है तो आगे की पढ़ाई का व्यय रेलवे उठाएगी। इसके लिए कर्मचारी को पहले से आवेदन करना होगा।

इसमें शर्तें लागू

- ऐसा भी नहीं है कि चिकित्सक बनाने के लिए रेलवे खर्च उठाए तथा बाद में चिकित्सक बनकर कर्मचारी का बच्चा कहीं और काम करे। इसके पूर्व रेल कर्मचारी के बच्चों को अनुबंध करना होगा कि चिकित्सक बनने के बाद वे देशभर में रेलवे के बताए अनुसार कहीं भी अपनी सेवा देने के लिए तैयार रहेगा। इसके लिए कम से कम 10 वर्ष तक रेलवे में चिकित्सक की नौकरी करनी होगी।

Source - DB 


Translate in your language

M 1

Followers