Jul 26, 2018

रेलवे के रनिंग स्टाफ के रेस्ट के घंटे बढ़े, एआईआरएफ की मांग पर रेलवे बोर्ड ने दिया आदेश



रेलवे बोर्ड ने रेलवे के रनिंग कर्मचारियों लोको पायलट सहायक पायलट व गार्ड्स के रेस्ट के घंटे बढ़ाने का आदेश दिया है. यह आदेश आल इंडिया रेलवेमैन फेडरेशन (एआईआरएफ) द्वारा बोर्ड के साथ आयोजित पीएनएम में उठाई गई मांग के परिप्रेक्ष्य में लिया गया है. इस निर्णय से अब उक्त रनिंग कर्मचारी यदि अपने मुख्यालय में हैं तो उन्हें कम से कम 16 घंटे के रेस्ट के बाद ही कॉल बुक की जायेगी, वहीं यदि स्टाफ मुख्यालय से बाहर रनिंग रूम में रेस्ट कर रहा है तो उसे कम से कम 8 घंटे के रेस्ट के बाद ही अगली ट्रेन के लिए बुक किया जाएगा. बुकिंग के बाद स्टाफ को 2 घंटे का समय तैयार होने में मिलेगा.

रेलवे बोर्ड के इस निर्णय के संबंध में पश्चिम मध्य रेलवे एम्पलाइज यूनियन के महामंत्री मुकेश गालव ने बताया कि पिछले काफी समय से यूनियन एआईआरएफ के माध्यम से यह मांग उठाती रही कि है कि रेलवे के ट्रेन संचालन व संरक्षा से प्रत्यक्ष रूप से सम्बद्ध रनिंग स्टाफ लोको पायलट, सहायक लोको पायलट व गार्डों को मुख्यालय व रंिनंग रूमों में पर्याप्त रेस्ट के बगैर ड्यूटी के लिए कॉल बुक कर दी जाती है, जिससे पर्याप्त विश्राम के अभाव में स्टाफ को काफी परेशानी उठानी पड़ती है, साथ ही संरक्षा का भी उल्लंघन हो रहा है. यह मामला एआईआरएफ ने रेलवे बोर्ड की पीएनएम में उठाया और बोर्ड चेयरमैन अश्विनी लोहानी को जमीनी हकीकत बताई, जिसके बाद रेलवे बोर्ड ने उक्त आदेश दे दिया है.





अब कम से कम इतने घंटों का तो रेस्ट देना ही होगा

वहीं इस मामले में पमरे एम्पलाइज यूनियन के जबलपुर मंडल के सचिव नवीन लिटोरिया व मंडल अध्यक्ष बीएन शुक्ला ने बताया कि यूनियन के महामंत्री मुकेश गालव के नेतृत्व में यह मामला एआईआरएफ के माध्यम से रेलवे बोर्ड की पीएनएम में काफी मजबूती से उठाया गया, जिसका परिणाम यह हुआ कि रेलवे बोर्ड ने गत 17 जुलाई को अपने आदेश मेें विश्राम का ज्यादा समय देने का निर्णय लिया. पहले मुख्यालय में स्टाफ को 14+2 यानी 16 घंटा में कॉल बुक लगा दी जाती थी, किंतु अब ऐसा नहीं होगा,

रेल प्रशासन को अब 16 घंटे बाद कॉल बुक देनी होगी और उसे दो घंटे का समय तैयार होकर ड्यूटी पर पहुंचने का भी समय देना होगा यानी अब रनिंग स्टाफ को मुख्यालय में कम से कम 18 घंटे का विश्राम तो मिलेगा ही, इसी तरह ड्यूटी करके बाहर जाने वाले स्टाफ को पहले 6 घंटे के बाद कॉल बुक लगा दी जाती थी और 2 घंटे का मार्जिन टाइम मिलता था, जिसे भी बदलकर अब कम से कम 8 घंटे का विश्राम व 2 घंटे का मार्जिन टाइम मिलेगा, यानी उसे 10 घंटे का समय अगली ड्यूटी के लिए मिलेगा. इस निर्णय से पश्चिम मध्य रेलवे के तीनों रेल मंडलों के साथ-साथ पूरे देश भर के लाखों रनिंग कर्मचारियों को लाभ मिलेगा व रेलवे की संरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी.

Source - PPI




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