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Sep 11, 2021

रेलवे ने खत्‍म किया कई ट्रेनों का ठहराव, सोनपुर रेल मंडल क्षेत्र में बढ़ रहा लोगों का गुस्‍सा

कोरोना संक्रमण और लाकडाउन के बीच रेलवे ने सुधार की अपनी योजनाओं को तेज रफ्तार से बढ़ाया है। इसके जरिए रेलवे अपने संसाधनों को बढ़ाने और उपलब्‍ध संसाधनाें का तर्कसंगत इस्‍तेमाल पर जोर दे रहा है, लेकिन आम रेल यात्रियों की परेशानी इससे बढ़ी है। हालत यह है कि बिहार की राजधानी पटना से जोड़ने वाले सोनपुर स्‍टेशन पर कई महत्‍वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव बंद कर दिया गया है। यह हालत उस स्‍टेशन की है, जहां रेलवे का मंडल कार्यालय है यानी डीआरएम बैठते हैं। मुजफ्फरपुर-हाजीपुर-छपरा रेलखंड पर स्थित सोनपुर स्‍टेशन से ही पटना जंक्‍शन, दानापुर और पाटलिपुत्र स्‍टेशन के लिए ट्रेनें गुजरती हैं। कई बार पटना जिले के लोग भी सोनपुर से ट्रेन पकड़ते हैं।

77 जोड़ी ट्रेनें गुजरती हैं सोनपुर से

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोनपुर से होकर मेल एक्सप्रेस, पैसेंजर तथा वीकली गाड़‍ियों को मिला कर लगभग 77 जोड़ी ट्रेनें गुजरती हैं। इनमे से सवारी गाड़ी तथा मेल एक्सप्रेस को मिला कर कुल 35 जोड़ी ट्रेनों का यहां ठहराव है। कुछ गाड़‍ियां ऐसी हैं, जिनका केवल तकनीकी ठहराव है। ऐसी गाड़‍ियों के लिए यहां टिकट बुकिंग नहीं होता। यहां महत्वपूर्ण गाड़‍ियों का ठहराव खत्म किए जाने से यात्रियों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है । स्थानीय लोगों में सोनपुर की महत्ता कम आंकने को लेकर आक्रोश पनप रहा है।

महत्वपूर्ण गाड़‍ियों में शहीद एक्सप्रेस, गरीब नवाज एक्सप्रेस, पूर्वांचल एक्सप्रेस, सरयू जमुना एक्सप्रेस, टाटा एक्सप्रेस, सद्भावना एक्सप्रेस, बाघ एक्सप्रेस, बरौनी लखनऊ एक्सप्रेस, अवध असम एक्सप्रेस, बरौनी गोंदिया एक्सप्रेस तथा मुजफ्फपुर से सूरत जाने वाली सूरत एक्सप्रेस समेत 42 जोड़ी ऐसी गाड़‍ियां हैं, जिनका यहां ठहराव नहीं है। रेलवे आय के अनुसार स्टेशनों के वर्गीकरण करती है, जिसे एनएसजी कहते हैं। यह गैर उपनगरीय ग्रेड का स्टेशन तीसरे नंबर पर आता है। यही नहीं सोनपुर में पूर्व मध्य रेल का मंडल कार्यालय है। यहां डेमू ट्रेनों के लिए शेड है, जिसमें गाड़‍ियों का रखरखाव किया जाता है।

सोनपुर एक ऐतिहासिक स्थल है। यहां विश्वविख्यात हरिहरक्षेत्र मेला लगता है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु यात्री रेल और अन्य वाहनों से यहां पहुंचते हैं। यहीं के बैजलपुर में जड़भरत ऋषि का आश्रम है। यहां से थोड़ी दूर पर गंगा और गंडक का संगम स्थल है। इसके बावजूद रेल प्रशासन ने इसे महत्वहीन मानते हुए धीरे-धीरे न केवल महत्वपूर्ण गाड़‍ियों का ठहराव खत्म कर दिया, बल्कि कई महत्वपूर्ण सुविधाएं भी समाप्त कर दी हैं।

पूछे जाने पर पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि ट्रेनों का स्टॉपेज खत्म नहीं किया गया है बल्कि कोविड-19 को लेकर अभी स्पेशल गाड़‍ियां चलाई जा रही हैं। ट्रेनों का नंबर बदल गया है। कोविड-19 के दिशा निर्देशों के अनुसार सब कुछ चल रहा है। ऐसे में अनेक स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव तत्काल समाप्त किया गया है, लेकिन स्थिति सामान्य होते ही सब कुछ ठीक हो जाएगा और सोनपुर में भी ट्रेनों का ठहराव नियमित हो जाएगा।

Source - Jagran 

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