रेलवे बोर्ड ने टिकट चेकिंग स्टाफ कर्मचारियों को रनिंग स्टाफ का दर्जा देने के लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों की कमेटी का गठन किया है। कमेटी टिकट चेकिंग स्टाफ को रनिंग स्टाफ का दर्जा देने की जांच कर तीन माह में अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। इससे 87 साल से अंग्रेजों की दी गई सजा भुगत रहे उक्त कर्मियों को रनिंग स्टाफ का दर्जा मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
इससे 35 हजार रनिंग स्टाफ को लाभ मिलेगा। रेलवे बोर्ड ने 28 नवंबर को तीन वरिष्ठ अधिकारियों एडिशनल मेंबर, कॉमर्शियल, एडिशनल मेंबर, स्टाफ व पीईडी, फाइनेंस की कमेटी के गठन संबंधी आदेश जारी कर दिए हैं। इसमें उल्लेख है कि लोको पायलट, सहायक लोको पायलट व गार्ड की तर्ज पर टिकट चेकिंग स्टाफ (टीटीई-टीसी) को रनिंग स्टाफ के लाभ क्यों नहीं दिए जा रहे हैं। पायलट व गार्ड की तर्ज पर टिकट चेकिंग स्टाफ भी ट्रेन में ड्यूटी करता है। इसलिए कमेटी इसकी जांच कर तीन माह में अपनी रिपोर्ट सौंपे। कमेटी यह भी तय करेगी कि टीसी-टीटीई के पदों पर नई भर्ती में कर्मियों को रनिंग स्टाफ का लाभ मिलेगा। सूत्रों ने बताया कि कमेटी मार्च के प्रथम सप्ताह में अपनी रिपोर्ट सौंप देगी।
1931 से भेदभाव जारी
आजादी की लड़ाई में क्रांतिकारियों-आंदोलनकारियों को ट्रेन में बर्थ देने, सूचनाएं देने और सहयोग करने के आरोप में अंग्रेजी हुकूमत ने 1931 में टिकट चेकिंग स्टाफ कर्मियों को रनिंग स्टाफ की श्रेणी से बाहर कर दिया था। उनसे भत्ते और सुविधाएं भी छीन ली गईं थी। बंटवारे के बाद 1962 में पकिस्तान और 2004 में बांग्लादेश ने अपने टिकट चेकिंग स्टाफ को रनिंग स्टाफ का दर्जा दे दिया।
1968 से लगातार हो रही थी मांग
भारतीय रेल ने इस ओर ध्यान नहीं दिया जबकि रेलवे एसोसिशन व यूनियन 1968 से निरंतर अपने रनिंग स्टाफ का दर्जा देने की मांग कर रही हैं। पिछले दिनों हुए टिकट चेकिंग स्टाफ एसोसिएशन के सदस्य रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी से मिले थे। उन्होंने आश्वासन दिया कि इसका पता लगाया जाएगा कि उन्हें रनिंग स्टाफ का दर्जा क्यों नहीं दिया गया। इसी कड़ी में कमेटी का गठन किया गया है।
चार महीने पहले पीएमओ को लिखा था
शिवसेना के सांसद हेमंत तुकाराम गोडसे ने 17 अगस्त 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टिकट चेकिंग कर्मचारियों को रनिंग स्टाफ का दर्जा देने के लिए पत्र लिखा था। उन्होंने पाकिस्तान-बंगलादेश का हवाला देते हुए भारतीय रेल के टिकट चेकिंग कर्मियों को रनिंग का दर्जा देने की मांग की थी।
ये होगा फायदा
- 30 फीसदी अधिक मिलेगा बेसिक वेतन का ट्रेन के ड्राइवर-गार्ड की ही तरह।
- ओवरटाइम के कारण कमाई में इजाफा होगा। 01 लाख रुपये तक महीने में कमा लेते हैं मालगाड़ी के ड्राइवर-गार्ड। टिकट चेकिंग कर्मचारियों से गार्ड-ड्राइवर का डीए अधिक
- गार्ड-ड्राईवर की ही तरह अधिक पेंशन मिलेगी। उन्हें 8000 रुपये तक अधिक पेंशन मिलता है।
- ड्राइवर-गार्ड की तरह ही वातानुकूलित रेस्ट रूम, खाना बनाने के लिए कुक, समय पर जगाने के लिए कॉलमैन आदि की सुविधाएं मिल सकती हैं
Source - HT

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