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Jul 31, 2026

RTI कैसे लगाएँ? (Step-by-Step पूरी प्रक्रिया) | ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन करने की संपूर्ण गाइड (भाग-1)

RTI कैसे लगाएँ? (Step-by-Step पूरी प्रक्रिया)

यदि आपको किसी सरकारी विभाग से कोई आदेश, पत्र, फाइल नोटिंग, रिपोर्ट, प्रमाणित प्रति, जांच रिपोर्ट, चयन सूची, नियम या अन्य सरकारी रिकॉर्ड की जानकारी चाहिए, तो आप सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 के तहत आवेदन कर सकते हैं।

बहुत से लोग RTI लगाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि आवेदन कहाँ करें, किस वेबसाइट पर जाएँ, किसके नाम आवेदन लिखें, ₹10 शुल्क कैसे जमा करें या आवेदन में क्या लिखें।

इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए यह विस्तृत मार्गदर्शिका तैयार की गई है। यदि आपने पहले कभी RTI नहीं लगाई है, तब भी इस लेख को पढ़कर स्वयं आवेदन कर सकेंगे।

महत्वपूर्ण: केंद्रीय सरकार के मंत्रालयों, विभागों तथा उनसे संबंधित सार्वजनिक प्राधिकरणों के लिए ऑनलाइन RTI आवेदन RTI Online Portal (Version 2.0) के माध्यम से किया जा सकता है। राज्य सरकारों के विभागों के लिए संबंधित राज्य के RTI पोर्टल या ऑफलाइन प्रक्रिया अपनानी होती है।

RTI लगाने से पहले यह तैयारी कर लें

आवेदन शुरू करने से पहले निम्न जानकारी तैयार रखें—

  • आपका पूरा नाम

  • पूरा डाक पता

  • मोबाइल नंबर

  • ई-मेल आईडी

  • जिस विभाग से सूचना चाहिए उसका नाम

  • किस अवधि की सूचना चाहिए (यदि लागू हो)

  • आवेदन शुल्क जमा करने का माध्यम (UPI, Debit Card, Credit Card, Net Banking आदि)

यदि आपके पास यह जानकारी पहले से तैयार होगी तो आवेदन भरने में केवल 10–15 मिनट लगेंगे।

सबसे पहले यह तय करें कि RTI कहाँ लगानी है

यहीं सबसे अधिक लोग गलती करते हैं।

यदि सूचना रेलवे से चाहिए तो आवेदन रेलवे को भेजें।

यदि सूचना बैंक से चाहिए तो संबंधित सरकारी बैंक को भेजें।

यदि सूचना नगर निगम से चाहिए तो नगर निगम को भेजें।

यदि सूचना किसी राज्य सरकार के विभाग से चाहिए तो केंद्रीय RTI पोर्टल पर आवेदन न करें, बल्कि संबंधित राज्य के RTI पोर्टल या उस विभाग के लोक सूचना अधिकारी (PIO) को आवेदन भेजें। केंद्रीय RTI पोर्टल केवल केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों और उनसे जुड़े सार्वजनिक प्राधिकरणों के लिए है।

ऑनलाइन RTI लगाने की प्रक्रिया

Step 1 : RTI Portal खोलें

सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर में इंटरनेट चालू करें।

अब ब्राउज़र (Chrome, Edge, Firefox आदि) खोलें।

इसके बाद केंद्रीय RTI पोर्टल खोलें।



होम पेज पर आपको सामान्यतः निम्न विकल्प दिखाई देंगे—

  • Home

  • Submit Request

  • Submit First Appeal

  • View Status

  • View History

  • Login

  • FAQ

  • User Manual

ये विकल्प समय-समय पर अपडेट हो सकते हैं, लेकिन मुख्य सेवाएँ इसी प्रकार उपलब्ध रहती हैं।

Step 2 : नया अकाउंट बनाएँ या Login करें

यदि आपने पहले कभी RTI ऑनलाइन नहीं लगाई है, तो पहले User Registration (Sign Up) करें।

यदि पहले से अकाउंट बना हुआ है, तो सीधे Login करें।

स्क्रीनशॉट – 2 यहाँ लगाएँ

नए उपयोगकर्ता को सामान्यतः निम्न जानकारी भरनी होती है—

  • नाम

  • मोबाइल नंबर

  • ई-मेल

  • Username

  • Password

OTP सत्यापन पूरा होने के बाद आपका अकाउंट बन जाता है। इसके बाद Username और Password से Login करें।

Step 3 : Submit Request पर क्लिक करें

Login करने के बाद Submit Request विकल्प चुनें।

सबसे पहले RTI आवेदन से संबंधित दिशा-निर्देश (Guidelines) दिखाई देंगे।

इन्हें ध्यान से पढ़ें।

इसके बाद I Have Read and Understood the Above Guidelines (या इसी प्रकार का विकल्प) स्वीकार करके आगे बढ़ें।

Step 4 : मंत्रालय/विभाग चुनें

अब सबसे महत्वपूर्ण चरण आता है।

जिस विभाग से सूचना चाहिए, वही विभाग चुनें।

उदाहरण—

  • Ministry of Railways

  • Ministry of Home Affairs

  • Ministry of Finance

  • Department of Personnel & Training

  • Central Board of Direct Taxes

यदि विभाग गलत चुन लिया, तो आवेदन में विलंब हो सकता है या उसे स्थानांतरित करना पड़ सकता है।

Step 5 : अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरें

अब आवेदनकर्ता का विवरण भरना होगा।

सामान्यतः निम्न जानकारी माँगी जाती है—

  • पूरा नाम

  • लिंग (यदि पूछा जाए)

  • मोबाइल नंबर

  • ई-मेल

  • पूरा डाक पता

  • राज्य

  • जिला

  • पिन कोड

  • नागरिकता संबंधी घोषणा

सभी जानकारी सही-सही भरें, क्योंकि इसी पते और ई-मेल पर विभाग द्वारा सूचना या पत्राचार भेजा जा सकता है।

Step 6 : RTI आवेदन (Application) कैसे लिखें?

अब सबसे महत्वपूर्ण भाग आता है। अधिकांश लोग यहीं गलती कर देते हैं।

याद रखें, RTI में केवल सूचना (Information) माँगी जाती है, स्पष्टीकरण (Explanation) या राय (Opinion) नहीं। RTI आवेदन में उपलब्ध रिकॉर्ड, दस्तावेज़, आदेश, पत्र, रिपोर्ट या फाइल की प्रतिलिपि माँगें।

Subject कैसे लिखें?

Subject छोटा और स्पष्ट रखें।

उदाहरण

  • सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत सूचना प्राप्त करने हेतु आवेदन।

  • RTI Application under the Right to Information Act, 2005.

RTI Application कैसे लिखें?

RTI Portal में "Text for RTI Request Application" नाम का बॉक्स दिखाई देगा।

यहीं अपना आवेदन लिखना है।

अच्छा उदाहरण

कृपया सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत निम्नलिखित सूचनाएँ उपलब्ध कराने की कृपा करें—

1. दिनांक 01.01.2025 से 31.12.2025 तक इस विषय में जारी सभी आदेशों की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध कराई जाए।

2. उक्त विषय से संबंधित फाइल नोटशीट (File Noting) की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध कराई जाए।

3. यदि कोई जांच रिपोर्ट उपलब्ध है, तो उसकी प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए।

4. यदि इस विषय पर कोई दिशा-निर्देश, परिपत्र या कार्यालय आदेश जारी किया गया है, तो उसकी प्रति उपलब्ध कराई जाए।

क्या नहीं लिखना चाहिए?

❌ आपने ऐसा क्यों किया?

❌ अधिकारी ने कार्रवाई क्यों नहीं की?

❌ क्या अधिकारी दोषी है?

❌ मुझे न्याय दिलाइए।

❌ मेरे खिलाफ कार्रवाई क्यों हुई?

ये RTI के प्रश्न नहीं हैं।

RTI में केवल रिकॉर्ड आधारित सूचना माँगी जाती है।

आवेदन लिखते समय ध्यान रखें

  • प्रत्येक सूचना अलग क्रमांक में लिखें।

  • एक बिंदु में केवल एक सूचना माँगें।

  • यदि किसी अवधि की सूचना चाहिए, तो अवधि अवश्य लिखें।

  • भाषा सरल रखें।

  • अनावश्यक विवरण न लिखें।

यदि आवेदन 3000 अक्षरों से अधिक हो जाए तो क्या करें?

RTI Online Portal में आवेदन का टेक्स्ट 3000 अक्षरों तक सीमित है।

यदि आपका आवेदन इससे बड़ा है, तो उसे PDF बनाकर Supporting Document के रूप में अपलोड किया जा सकता है। PDF फ़ाइल के नाम में स्पेस नहीं होना चाहिए तथा आधार, पैन या अन्य व्यक्तिगत पहचान दस्तावेज़ (BPL कार्ड को छोड़कर) अपलोड नहीं करने चाहिए। 

Step 7 : Supporting Document कब लगाएँ?

अधिकांश RTI आवेदन में कोई दस्तावेज़ लगाने की आवश्यकता नहीं होती।

लेकिन यदि आप किसी पुराने पत्र, आवेदन, आदेश या संदर्भ संख्या का उल्लेख कर रहे हैं, तो उसकी प्रति PDF के रूप में संलग्न कर सकते हैं।

यदि आप BPL (Below Poverty Line) श्रेणी में आते हैं, तो BPL प्रमाणपत्र की प्रति संलग्न करें ताकि आवेदन शुल्क से छूट मिल सके।

Step 8 : ₹10 आवेदन शुल्क कैसे जमा करें?

आवेदन पूरा भरने के बाद Make Payment बटन पर क्लिक करें।

अब भुगतान का पेज खुलेगा।

केंद्रीय RTI पोर्टल पर सामान्यतः निम्न भुगतान विकल्प उपलब्ध होते हैं—

  • UPI

  • Internet Banking

  • Debit Card

  • Credit Card

  • RuPay Card

आवेदन शुल्क सामान्यतः ₹10 होता है (BPL आवेदकों को शुल्क नहीं देना पड़ता)।

UPI से भुगतान कैसे करें?

यदि आपने UPI चुना है—

  • UPI विकल्प चुनें।

  • अपना UPI ID दर्ज करें या QR Code स्कैन करें (यदि प्रदर्शित हो)।

  • अपने UPI ऐप (BHIM, Google Pay, PhonePe, Paytm आदि) में भुगतान की पुष्टि करें।

  • भुगतान सफल होने के बाद पुनः RTI Portal पर वापस आएँ।

Debit / Credit Card से भुगतान

यदि कार्ड से भुगतान करना चाहते हैं—

  • Card Number दर्ज करें।

  • Expiry Date भरें।

  • CVV दर्ज करें।

  • OTP सत्यापित करें।

  • Payment Complete करें।

Net Banking से भुगतान

  • अपना बैंक चुनें।

  • Net Banking Login करें।

  • भुगतान की पुष्टि करें।

  • सफल भुगतान के बाद पोर्टल पर वापस लौटें।

यदि भुगतान हो जाए लेकिन Registration Number न मिले तो?

कभी-कभी भुगतान सफल हो जाता है, लेकिन Registration Number तुरंत नहीं बनता।

ऐसी स्थिति में दोबारा भुगतान न करें। पोर्टल के दिशा-निर्देशों के अनुसार 24–48 कार्य घंटों तक प्रतीक्षा करें। यदि उसके बाद भी Registration Number न मिले, तो पोर्टल के हेल्पडेस्क को अपने भुगतान विवरण के साथ ई-मेल करें।

Step 9 : RTI आवेदन सफलतापूर्वक जमा (Submit) करें

आवेदन भरने और शुल्क जमा करने के बाद एक बार पूरी जानकारी ध्यान से जाँच लें।

विशेष रूप से देखें—

  • विभाग सही चुना है या नहीं।

  • नाम एवं पता सही है या नहीं।

  • मोबाइल एवं ई-मेल सही हैं या नहीं।

  • आवेदन में कोई टाइपिंग गलती तो नहीं।

  • सभी प्रश्न स्पष्ट और क्रमांकवार लिखे गए हैं या नहीं।

यदि सब कुछ सही है, तो Submit बटन पर क्लिक करें।

ध्यान दें: आवेदन Submit होने के बाद सामान्यतः उसमें संशोधन (Edit) नहीं किया जा सकता। इसलिए Submit करने से पहले पूरी जानकारी अवश्य जाँच लें। 

Step 10 : Registration Number सुरक्षित रखें

आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने पर पोर्टल एक Registration Number (पंजीकरण संख्या) जारी करता है।

उदाहरण:

DOP&T/R/E/26/012345

यही आपका सबसे महत्वपूर्ण नंबर है।

भविष्य में—

  • आवेदन की स्थिति देखने,

  • अतिरिक्त शुल्क जमा करने,

  • प्रथम अपील करने,

  • विभाग से पत्राचार करने

के लिए इसी Registration Number की आवश्यकता होगी। 

Registration Number कहाँ-कहाँ मिलेगा?

आमतौर पर—

  • स्क्रीन पर

  • ई-मेल पर

  • SMS (यदि मोबाइल नंबर दिया है)

  • View History में (यदि लॉगिन करके आवेदन किया है)

इसलिए Registration Number का स्क्रीनशॉट लेकर सुरक्षित रखें।

Step 11 : RTI आवेदन की स्थिति (Status) कैसे देखें?

RTI लगाने के बाद सबसे बड़ा प्रश्न होता है—"मेरा आवेदन कहाँ तक पहुँचा?"

इसके लिए RTI Portal के होम पेज पर जाएँ।

अब View Status पर क्लिक करें।

यहाँ सामान्यतः निम्न जानकारी भरनी होती है—

  • Registration Number

  • ई-मेल आईडी

  • Security Code (Captcha)

इसके बाद Submit पर क्लिक करें।

Status में क्या-क्या दिखाई दे सकता है?

आपको निम्न में से कोई स्थिति दिखाई दे सकती है—

  • Application Received

  • Under Process

  • Forwarded to CPIO

  • Reply Uploaded

  • Additional Fee Required

  • Disposed

प्रत्येक स्थिति का अलग अर्थ होता है।

1. Application Received

इसका अर्थ है कि आपका आवेदन सफलतापूर्वक प्राप्त हो गया है।

2. Forwarded to CPIO

आपका आवेदन संबंधित Central Public Information Officer (CPIO) को भेज दिया गया है।

अब वही अधिकारी सूचना उपलब्ध कराएगा।

3. Under Process

आवेदन पर कार्यवाही चल रही है।

अभी प्रतीक्षा करें।

4. Reply Uploaded

इसका अर्थ है कि विभाग ने उत्तर अपलोड कर दिया है।

अब आप उत्तर डाउनलोड कर सकते हैं।

5. Additional Fee Required

यदि दस्तावेज़ों की प्रतिलिपि अधिक पृष्ठों की है या नियमों के अनुसार अतिरिक्त शुल्क देय है, तो विभाग इसकी सूचना पोर्टल पर देगा।

ऐसी स्थिति में View Status के माध्यम से Make Payment का विकल्प उपलब्ध कराया जाता है, जहाँ से अतिरिक्त शुल्क ऑनलाइन जमा किया जा सकता है।

Step 12 : RTI का उत्तर (Reply) कैसे डाउनलोड करें?

यदि विभाग ने उत्तर अपलोड कर दिया है, तो—

  • View Status खोलें।

  • Registration Number दर्ज करें।

  • Reply/Attachment लिंक पर क्लिक करें।

  • PDF डाउनलोड करें।

यदि उत्तर डाक द्वारा भेजा गया है, तो वह आपके पते पर प्राप्त होगा।

स्क्रीनशॉट – 12 यहाँ लगाएँ
(Reply Download Page)

Step 13 : यदि 30 दिन तक उत्तर न मिले तो क्या करें?

RTI अधिनियम के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में लोक सूचना अधिकारी को 30 दिनों के भीतर उत्तर देना होता है।

यदि—

  • उत्तर नहीं मिला,

  • अधूरा उत्तर मिला,

  • गलत सूचना दी गई,

  • सूचना देने से मना कर दिया गया,

तो आप प्रथम अपील (First Appeal) कर सकते हैं। प्रथम अपील के लिए RTI Online Portal पर अलग Submit First Appeal विकल्प उपलब्ध है और इसके लिए कोई शुल्क देय नहीं है।

RTI ऑफलाइन कैसे लगाएँ? (Step-by-Step पूरी प्रक्रिया)

यदि किसी विभाग में ऑनलाइन RTI की सुविधा उपलब्ध नहीं है, या आप डाक के माध्यम से आवेदन भेजना चाहते हैं, तो ऑफलाइन RTI सबसे सरल तरीका है।

ऑफलाइन RTI लगाने के लिए आपको किसी विशेष फॉर्म की आवश्यकता नहीं होती। साधारण A4 आकार के कागज़ पर भी आवेदन किया जा सकता है, जब तक संबंधित राज्य या विभाग ने कोई अलग प्रारूप निर्धारित न किया हो।

Step 14 : सबसे पहले सही PIO (Public Information Officer) का पता करें

ऑफलाइन आवेदन भेजने से पहले यह सुनिश्चित करें कि संबंधित विभाग का लोक सूचना अधिकारी (PIO/CPIO/SPIO) कौन है।

यदि अधिकारी का नाम नहीं पता है, तो चिंता की बात नहीं है।

आप इस प्रकार भी लिख सकते हैं—

सेवा में,

लोक सूचना अधिकारी (Public Information Officer)

............... विभाग

............... कार्यालय

इससे भी आवेदन स्वीकार किया जाता है।

स्क्रीनशॉट – 13 यहाँ लगाएँ

(संबंधित विभाग की वेबसाइट पर PIO सूची का स्क्रीनशॉट)

Step 15 : आवेदन किस कागज़ पर लिखें?

यह सबसे अधिक पूछा जाने वाला प्रश्न है।

उत्तर है—

✔ साधारण A4 पेपर

✔ सादा सफेद कागज़

✔ हाथ से लिखा या कंप्यूटर से टाइप किया हुआ

दोनों मान्य हैं।

यदि आवेदन टाइप किया हुआ हो तो पढ़ने में आसानी रहती है।

Step 16 : आवेदन किस भाषा में लिख सकते हैं?

RTI आवेदन आप—

  • हिन्दी में

  • अंग्रेज़ी में

  • संबंधित राज्य की राजभाषा में

लिख सकते हैं।

यदि आप हिन्दी में सहज हैं, तो पूरा आवेदन हिन्दी में लिख सकते हैं।

Step 17 : आवेदन कैसे शुरू करें?

सबसे ऊपर लिखें—

सेवा में,

लोक सूचना अधिकारी

(संबंधित विभाग का नाम)

कार्यालय का पता

फिर लिखें—

विषय : सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत सूचना उपलब्ध कराने हेतु आवेदन।

Step 18 : आवेदन में क्या लिखें?

अब सीधे सूचना लिखना प्रारंभ करें।

उदाहरण—

महोदय,

कृपया सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत निम्नलिखित सूचनाएँ उपलब्ध कराने की कृपा करें—

  1. ....................................

  2. ....................................

  3. ....................................

  4. ....................................

इसके बाद अंत में लिखें—

दिनांक

नाम

पूरा पता

मोबाइल नम्बर

हस्ताक्षर

Step 19 : आवेदन के साथ क्या संलग्न करें?

सामान्य RTI आवेदन में सामान्यतः केवल आवेदन और आवेदन शुल्क पर्याप्त होते हैं।

यदि आवश्यक हो तो—

✔ पुराने पत्र की प्रति

✔ आवेदन संख्या

✔ आदेश की प्रति

✔ BPL प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)

संलग्न कर सकते हैं।

आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य पहचान पत्र सामान्यतः संलग्न करने की आवश्यकता नहीं होती, जब तक संबंधित विभाग विशेष रूप से न माँगे।

Step 20 : ऑफलाइन ₹10 शुल्क कैसे जमा करें?

यह सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न है।

केंद्रीय लोक प्राधिकरणों के लिए आवेदन शुल्क सामान्यतः ₹10 होता है। ऑफलाइन भुगतान संबंधित नियमों के अनुसार Indian Postal Order (IPO), Demand Draft, Banker's Cheque या Cash (रसीद सहित) के माध्यम से किया जा सकता है। भुगतान का माध्यम संबंधित विभाग के नियमों के अनुसार चुनें।

(1) Indian Postal Order (IPO)

यह सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला तरीका है।

  • किसी भी डाकघर जाएँ।

  • ₹10 का Indian Postal Order खरीदें।

  • उसे संबंधित Accounts Officer (या विभाग के निर्देशानुसार अधिकारी) के नाम देय (Payable) बनवाएँ।

  • IPO आवेदन के साथ संलग्न करें।

(2) Demand Draft (DD)

कुछ विभाग DD भी स्वीकार करते हैं।

(3) Banker's Cheque

कुछ विभाग Banker's Cheque भी स्वीकार करते हैं।

(4) नकद (Cash)

यदि विभाग नकद शुल्क स्वीकार करता है, तो कार्यालय में ₹10 जमा करके उसकी रसीद प्राप्त करें और उसका विवरण आवेदन में लिखें।

महत्वपूर्ण: आवेदन भेजने से पहले संबंधित विभाग की वेबसाइट पर यह अवश्य देख लें कि वह कौन-कौन से भुगतान माध्यम स्वीकार करता है।

Step 21 : आवेदन कहाँ भेजें?

आवेदन को निम्न माध्यम से भेज सकते हैं—

✔ स्पीड पोस्ट

✔ रजिस्टर्ड पोस्ट

✔ स्वयं कार्यालय में जमा करके प्राप्ति (Acknowledgement) लेना

मेरी सलाह है कि स्पीड पोस्ट से भेजें, क्योंकि उसकी ऑनलाइन ट्रैकिंग उपलब्ध रहती है।

Step 22 : लिफाफे पर क्या लिखें?

लिफाफे के सामने लिखें—

सेवा में

लोक सूचना अधिकारी

(विभाग का नाम)

पूरा कार्यालय पता

बाएँ ऊपर छोटे अक्षरों में लिख सकते हैं—

"सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत आवेदन"

इससे डाक प्राप्त करने वाले कार्यालय को आवेदन की प्रकृति तुरंत समझ में आ जाती है।

RTI में क्या लिखें? (सबसे महत्वपूर्ण भाग)

अधिकांश RTI आवेदन केवल इसलिए असफल हो जाते हैं क्योंकि उनमें सूचना माँगने के बजाय शिकायत, स्पष्टीकरण या व्यक्तिगत राय माँग ली जाती है।

याद रखें—

RTI का उद्देश्य केवल उपलब्ध अभिलेखों (Records) में मौजूद सूचना प्राप्त करना है।

यदि सूचना किसी रिकॉर्ड में उपलब्ध है, तो उसे माँगा जा सकता है।

यदि सूचना किसी रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है, तो विभाग उसे बनाकर देने के लिए बाध्य नहीं है।

RTI में क्या लिखें?

निम्न प्रकार की सूचना माँगी जा सकती है—

✔ आदेश (Order) की प्रमाणित प्रति

✔ कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum)

✔ परिपत्र (Circular)

✔ नियम (Rules)

✔ अधिसूचना (Notification)

✔ फाइल नोटिंग (जहाँ उपलब्ध हो)

✔ पत्राचार (Correspondence)

✔ रिपोर्ट

✔ जांच रिपोर्ट

✔ चयन सूची

✔ वरिष्ठता सूची

✔ भुगतान विवरण (यदि रिकॉर्ड में उपलब्ध हो)

✔ कार्यवाही रिपोर्ट

✔ रिकॉर्ड का निरीक्षण (Inspection)

✔ प्रमाणित प्रतिलिपि (Certified Copy)

अच्छा RTI प्रश्न कैसा होता है?

उदाहरण – 1

गलत

मेरे आवेदन पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

सही

मेरे आवेदन संख्या ______ दिनांक ______ पर अब तक की गई कार्रवाई से संबंधित उपलब्ध अभिलेखों की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध कराई जाए।

उदाहरण – 2

गलत

अधिकारी ने नियमों का उल्लंघन क्यों किया?

सही

इस विषय से संबंधित लागू नियमों, आदेशों एवं दिशा-निर्देशों की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध कराई जाए।

उदाहरण – 3

गलत

क्या अधिकारी दोषी है?

सही

यदि इस विषय में कोई जांच रिपोर्ट उपलब्ध हो तो उसकी प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए।

RTI में क्या बिल्कुल नहीं लिखना चाहिए?

निम्न प्रकार के प्रश्न RTI के अंतर्गत सामान्यतः उपयुक्त नहीं माने जाते—

❌ आपने ऐसा क्यों किया?

❌ आपने कार्रवाई क्यों नहीं की?

❌ आपकी क्या राय है?

❌ क्या आप सहमत हैं?

❌ क्या भविष्य में ऐसा करेंगे?

❌ मेरे साथ न्याय कीजिए।

❌ दोषी अधिकारी पर कार्रवाई कीजिए।

RTI शिकायत निवारण का माध्यम नहीं है। यदि आपकी शिकायत है, तो संबंधित विभाग की शिकायत निवारण व्यवस्था का उपयोग करें।

RTI आवेदन लिखने के 10 स्वर्णिम नियम

1. आवेदन छोटा रखें।

दो से तीन पृष्ठ पर्याप्त होते हैं।

2. प्रश्न क्रमांकवार लिखें।

3. एक प्रश्न में एक ही सूचना माँगें।

4. सूचना की समय अवधि अवश्य लिखें।

उदाहरण—

01.01.2024 से 31.12.2024 तक।

5. प्रमाणित प्रतिलिपि माँगें।

इससे प्राप्त दस्तावेज़ अधिक उपयोगी होते हैं।

6. यदि रिकॉर्ड देखना चाहते हैं तो निरीक्षण (Inspection) भी माँग सकते हैं।

7. भाषा सरल रखें।

कठिन कानूनी भाषा लिखने की आवश्यकता नहीं है।

8. किसी अधिकारी पर आरोप लगाने से बचें।

9. भावनात्मक बातें न लिखें।

RTI तथ्य और रिकॉर्ड का माध्यम है।

10. आवेदन भेजने से पहले एक बार अवश्य पढ़ें।

छोटी-सी गलती भी आवेदन में अनावश्यक विलंब करा सकती है।

RTI आवेदन भेजने के बाद क्या करें?

✔ Registration Number या Speed Post Receipt सुरक्षित रखें।

✔ आवेदन की एक प्रति अपने पास रखें।

✔ उत्तर की प्रतीक्षा करें।

✔ यदि अतिरिक्त शुल्क माँगा जाए, तो समय पर जमा करें।

✔ उत्तर मिलने पर सभी दस्तावेज़ सुरक्षित रखें।

सामान्य गलतियाँ

❌ गलत विभाग में आवेदन भेज देना।

❌ बहुत लंबा आवेदन लिख देना।

❌ एक ही आवेदन में कई विभागों की सूचना माँग लेना।

❌ शिकायत लिख देना।

❌ राय माँगना।

❌ कारण पूछना।

❌ समय अवधि न लिखना।

❌ आवेदन की प्रति अपने पास न रखना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1. क्या कोई भी RTI लगा सकता है?

हाँ, कोई भी भारतीय नागरिक RTI आवेदन कर सकता है।

प्रश्न 2. RTI लगाने की फीस कितनी है?

केंद्रीय लोक प्राधिकरणों के लिए सामान्य आवेदन शुल्क ₹10 है। BPL श्रेणी के आवेदकों को नियमानुसार शुल्क में छूट मिलती है। अलग-अलग राज्यों के नियम भिन्न हो सकते हैं।

प्रश्न 3. क्या RTI मोबाइल से लगा सकते हैं?

हाँ। यदि संबंधित पोर्टल मोबाइल ब्राउज़र में उपलब्ध है, तो मोबाइल से भी आवेदन किया जा सकता है।

Question 4. क्या RTI हिन्दी में लिख सकते हैं?

हाँ।

हिन्दी, अंग्रेज़ी या संबंधित राज्य की राजभाषा में आवेदन किया जा सकता है।

Question 5. उत्तर कितने दिनों में मिलता है?

सामान्यतः 30 दिनों के भीतर।

Question 6. यदि उत्तर नहीं मिले तो क्या करें?

प्रथम अपील (First Appeal) करें।

Question 7. क्या RTI ईमेल से भेज सकते हैं?

सामान्यतः नहीं। संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल या ऑफलाइन प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 प्रत्येक भारतीय नागरिक को सरकारी रिकॉर्ड तक पहुँच का कानूनी अधिकार देता है। यदि आवेदन सही विभाग को, स्पष्ट भाषा में और रिकॉर्ड-आधारित प्रश्नों के साथ भेजा जाए, तो आवश्यक सूचना प्राप्त करने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

इस लेख में ऑनलाइन और ऑफलाइन RTI आवेदन की पूरी प्रक्रिया, शुल्क, आवेदन लिखने का तरीका, सामान्य गलतियाँ और महत्वपूर्ण सावधानियाँ सरल भाषा में समझाई गई हैं। यदि आप पहली बार RTI लगा रहे हैं, तो इस गाइड का पालन करके बिना किसी अतिरिक्त सहायता के आवेदन कर सकते हैं।

Jul 29, 2026

Posting & Tenure of Vigilance / Investigating / Enquiry Inspectors on Zonal Railways

 1. Posting of officials in the Vigilance Organisation of the Zonal Railways should be made in consultation with the CVO concerned.

2. These posts have been kept as tenure posts. The normal period of tenure should be 4 years which could be extended upto 6 years in individual cases meriting such a consideration by the GM of the concerned Railway/ Production Unit etc. based on the recommendation of the concerned CVO.

Jul 16, 2026

भारतीय रेलवे के प्रसिद्ध डीजल लोकोमोटिव एवं उनके नाम: इतिहास, महत्व और विशेषताएँ

भारतीय रेलवे में डीजल लोकोमोटिव का युग 1950 के दशक के उत्तरार्ध में प्रारम्भ हुआ। स्टीम इंजनों की तुलना में डीजल इंजन अधिक शक्तिशाली, किफायती और रखरखाव की दृष्टि से सरल थे। धीरे-धीरे इन्होंने अधिकांश रेल मार्गों पर स्टीम इंजनों का स्थान ले लिया और भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डीजल युग के प्रारम्भिक वर्षों में कुछ महत्वपूर्ण लोकोमोटिवों को विशेष नाम भी दिए गए। इनमें से अनेक नाम भारत के महान नेताओं, राष्ट्रीय प्रतीकों, वीरता, शक्ति तथा तकनीकी उपलब्धियों से प्रेरित थे। कुछ नाम किसी नए लोकोमोटिव वर्ग के प्रथम इंजन को दिए गए, जबकि कुछ समय के साथ पूरे वर्ग की पहचान बन गए।

भारतीय रेलवे के प्रसिद्ध इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव एवं उनके नाम: इतिहास, महत्व और विशेषताएँ

विद्युतीकरण (Electrification) ने भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा। स्टीम इंजनों के बाद इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव ने तेज़ गति, अधिक शक्ति, कम रखरखाव और पर्यावरण के प्रति बेहतर प्रदर्शन के कारण रेलवे संचालन में क्रांतिकारी परिवर्तन किया। इन इंजनों में से कई ऐसे भी थे जिन्हें केवल उनके लोको नंबर से नहीं, बल्कि विशेष नामों से जाना गया।

इन नामों में राष्ट्रीय नेताओं, महान व्यक्तित्वों, तकनीकी उपलब्धियों, सांस्कृतिक मूल्यों और आधुनिक भारत की प्रगति की झलक दिखाई देती है। कुछ नाम किसी नए लोकोमोटिव वर्ग के प्रथम इंजन को दिए गए, जबकि कुछ विशेष उपलब्धियों के उपलक्ष्य में रखे गए।

भारतीय रेलवे के प्रसिद्ध स्टीम लोकोमोटिव एवं उनके नाम: इतिहास, महत्व और रोचक तथ्य

 स्टीम लोकोमोटिव भारतीय रेलवे के स्वर्णिम युग की पहचान माने जाते हैं। लगभग एक शताब्दी तक भाप के इंजन भारतीय रेल परिवहन की रीढ़ रहे। इसी दौर में अनेक इंजनों को विशेष नाम दिए गए, जो केवल पहचान का माध्यम नहीं थे, बल्कि भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति, तकनीकी उपलब्धियों और रेलवे की गौरवशाली परंपरा के प्रतीक भी बने।

इनमें कुछ नाम ऐतिहासिक व्यक्तित्वों पर आधारित थे, कुछ राष्ट्रीय भावनाओं से प्रेरित थे और कुछ ऐसे भी थे जो किसी विशेष उपलब्धि या रेलवे की तकनीकी प्रगति का प्रतिनिधित्व करते थे। आज भी रेलवे इतिहास के अध्ययन में इन नामित इंजनों का विशेष महत्व है।

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