Mar 20, 2019

खार रोड पैदल ऊपरी पुल की सीढियाँ 19 से बंद

खार रोड पैदल ऊपरी पुल की सीढियाँ 19 से बंद

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बान्द्रा टर्मिनस – अजमेर स्टेशनों के बीच वाया रतलाम ट्रेन के दो फेरे

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मुंबई: हादसे के बाद टूटी रेलवे की नींद, भांडुप, कुर्ला समेत 3 स्टेशन के फुटओवर ब्रिज ढहाने का किया फैसला

मुंबई: हादसे के बाद टूटी रेलवे की नींद, भांडुप, कुर्ला समेत 3 स्टेशन के फुटओवर ब्रिज ढहाने का किया फैसला

मुंबई सीएसटी रेलवे स्टेशन पर फुटओवर ब्रिज हादसे में 6 लोगों की मौत के बाद प्रशासन की नींद टूटी है. मध्य रेलवे ने भांडुप, कुर्ला, विखरोली, दीवा और कल्याण जंक्शन स्टेशन के फुटओवर ब्रिज को ढहाने का फैसला किया है. मध्य रेलवे ने पहले फुट-ओवर ब्रिजों को ढहाने के लिए टेंडर को पास कर दिया है. इससे पहले मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के बाहर हुए फुटओवर ब्रिज हादसे में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑडिटर नीरज देसाई को गिरफ्तार किया. नीरज देसाई ने पुल का ऑडिट किया था. इसके अलावा पुलिस ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) और भारतीय रेलवे के अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया था. इसके बाद बीएमसी के चार इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया गया था. मुंबई पुलिस ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) और भारतीय रेलवे के अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है.
बता दें कि 14 मार्च को मुंबई में फुटओवर ब्रिज का हिस्सा गिरने से कई लोग घायल हो गए थे जबकि पांच लोगों की मौत हो गयी. पांच मृतकों की पहचान अपूर्वा प्रभु (35), रंजना तांबे (40), भक्ति शिंदे (40), जाहिद सिराज खान (32) और तपेंद्र सिंह (35) के रूप में हुई है. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जब पुल ढहा तब पास के सिग्नल पर लाल बत्ती के चलते ट्रैफिक रुका हुआ था और इसी कारण से ज्यादा मौतें नहीं हुई. वहीं अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि आज सुबह पुल पर मरम्मत कार्य चल रहा था इसके बावजूद इसका इस्तेमाल किया गया. इस पुल को आम तौर पर 'कसाब पुल' के नाम से जाना जाता है क्योंकि 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के दौरान आतंकवादी इसी पुल से गुजरे थे.
Source - News State

पहली बार सौर ऊर्जा से चलेगी ट्रेन, भोपाल में बनेगा प्लांट

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10 विशेष ट्रेन चलेगी होली त्यौहार पर

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Why let our guests judge us! Indian Railways has a hard-hitting message to check spitting menace

Why let our guests judge us! Indian Railways has a hard-hitting message to check spitting menace

Indian Railways takes a tough stance for ‘Swachh Bharat Mission’! More often than not we find people spitting betel saliva on railway platforms and railway premises. Even the strict penalties imposed by Indian Railways have failed to check such annoying practice. The Western Railway has started a drive to make passengers aware about the ills of littering in railway stations. Taking forward Prime Minister Narendra Modi’s ‘Swachh Bharat Mission’, Central Railways has reminded passengers that tourists from different countries visiting India travel by trains. The citizens from foreign countries get a “wrong impression” about the country when they see unclean and stained platforms and trains, the Western Railway zone said.
“Why let our guests judge us! Please do not spit ‘Paan’ anywhere inside station premises. It leaves a wrong impression on our guests from foreign nations, tweeted Western Railways.” Talking to Financial Express Online, a Western Railway official said that Indian Railways slaps a fine of up to Rs 500 for such acts. Indian Railways has a stringent Penalties for Activities Affecting Cleanliness at Railway Premises Rules 201 under which a fine can be slapped for spitting at the railway station, defacing rail properties, littering rail stations, cooking, bathing, urinating and feeding animals. However, the fervent appeal made by the Western Railway aims at instilling civic sense and also shows that pride of the country is at stake.
In 2015, cases were slapped against over 1,300 persons under Section 198 of the Railways Act by Western Railway for spitting. A total of Rs 1.17 lakh were collected as fines. The figure went up in 2016 as Rs 3.11 lakh were collected as penalty. In 2017, Rs 3.92 lakh were collected by Western Railway, according to a report.
Last November, South Eastern Railway (SER) started a two-day drive to check spitting. Passengers, who were caught littering in station areas, were penalised Rs 100 in Howrah and Santragachi railway stations. The authorities said that such drives to discourage passengers from littering station areas would continue at other stations under the SER.
Source - Financial Express

स्टाफ के लिए सिरदर्द बने रेलवे अधिकारियो के प्रोटोकाल

स्टाफ के लिए सिरदर्द बने रेलवे अधिकारियो के प्रोटोकाल

Mar 19, 2019

विजयपुर-पचोर के बीच विद्युतीकरण पूरा, 22 को ट्रायल में दौड़ेगा इलेक्ट्रिक लोको इंजन


मक्सी रेल लाइन विद्युतीकरण के लिए चल रहा काम आखिरी दौर में हैं। इस ट्रैक पर विजयपुर से पचोर के बीच करीब 100 किमी में 22 मार्च को ट्रायल के लिए इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ाया जाएगा। इसके बाद 24 मार्च को कमिश्नर आफ रेलवे सेफ्टी (सीएसआर) ट्रैक का निरीक्षण कर इस पर बिजली इंजन से ट्रेन चलाने की अनुमति देंगे।

रेलवे द्वारा विजयपुर- मक्सी रेल खंड पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने और ट्रेन सुविधा का विस्तार करने के लिए काम किया जा रहा है। इसके लिए रेलवे विद्युतीकरण कराने वाली राइट विंग द्वारा केईसी इंटरनेशनल कंपनी गुड़गांव से 150 करोड़ रुपए से रेलखंड पर 180 किमी में विद्युतीकरण का काम कराया जा रहा है। इसके लिए कंपनी ने बीते नवंबर 2017 में काम शुरू किया था, जिसमें से अभी तक विजयपुर से पचोर के बीच करीब 95 फीसदी काम पूरा हो गया है। सिर्फ टेस्टिंग और ब्रेकेट आदि लगाने का काम चल रहा है। इसे अगले एक या दो दिन में पूरा कर दिया जाएगा। इसके बाद विजयपुर से पचोर के बीच लोको का ट्रायल होगा फिर 24 मार्च को सीआरएस निरीक्षण कर इस ट्रैक पर बिजली के इंजन से ट्रेनें चलाने की अनुमति देंगे।

बिजली ट्रैक का सेफ्टी ट्रायल सफल, इसी माह 110 की स्पीड से चलेगी ट्रेन


जिले के लोगों के लिए यह अच्छी खबर है। अजमेर और उदयपुर के बीच इसी महीने इलेक्ट्रिक ट्रेन में सफर कर सकेंगे। ट्रैक को विद्युतीकृत कर दिया है। डेट से उदयपुर के बीच केवल 24 किलोमीटर ट्रैक का रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) निरीक्षण बाकी था। यह निरीक्षण सोमवार को पूरा हो गया। सीआरएस मुंबई सुरेशचंद्र ने टीम के साथ निरीक्षण के बाद ट्रैक को हरी झंडी दे दी है। यानि उन्होंने इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन सुरक्षित बता दिया है। इसके साथ ही चित्तौड़गढ़, उदयपुर व अजमेर के वरिष्ठ अधिकारी इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन में जुट गए हैं। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि मार्च में ही इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने का प्रयास रहेगा। वर्तमान में इस ट्रैक पर अधिकतम 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्ता

कुढ़नी-भगवानपुर के बीच दोहरी रेललाइन पर सीआरएस स्पेशल का ट्रायल रहा सफल


मुजफ्फरपुर रेलखंड के दोहरीकरण योजना के दूसरे चरण में सोमवार को कुढ़नी से भगवानपुर तक बिछी नई रेललाइन पर 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से स्पेशल ट्रेन का ट्रायल हुआ। पूर्वी सर्किल के सीआरएस लतीफ खान ने सोमवार की सुबह पहले चरण में कुढ़नी से भगवानपुर स्टेशन तक रेलखंड का ट्रॉली से निरीक्षण किया। फिर, शाम में सीआरएस ने स्पेशल ट्रेन का स्पीड ट्रायल लिया। निर्माण विभाग से जुड़े अधिकारियों की मानें तो ट्रायल सफल रहा। सोनपुर डीआरएम ने कहा कि सीआरएएस से हरी झंडी मिलते ही नई रेल लाइन पर ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। अंतिम चरण में भगवानपुर से घोसवर तक दोहरीकरण का काम पूरा किया जाएगा। जमीन अधिग्रहण में आई समस्या के कारण फिलहाल सराय में गुड्स लाइन का निर्माण नहीं होगा। पैसेंजर लाइन का निर्माण कर शीघ्र हाजीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड के दोहरीकरण का काम पूरा किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान सीआरएस के साथ सोनपुर मंडल के डीआरएम अतुल्य सिन्हा, मुख्य अभियंता निर्माण अशोक कुमार राय, उप मुख्य अभियंता अभय कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

पमरे मेें नये डीजीएम की तलाश, राहुल स्टडी लीव पर


पश्चिम मध्य रेलवे में एक बार फिर नये सिरे से उप महाप्रबंधक (डीजीएम) के लिए नये अधिकारी की तलाश शुरू हो गई है, दरअसल वर्तमान डीजीएम राहुल जयपुरिया ने एक साल की स्टडी लीव मांगी थी, जो पिछले दिनों मंजूर हो गई है, जिसके बाद नये डीजीएम की तलाश की जा रही है.

उल्लेखनीय है कि पश्चिम मध्य रेलवे में डीजीएम के पद पर कई अधिकारी काम नहीं करना चाहता, खासकर जो अधिकारी फील्ड में वह भी इंजीनियरिंग सेवा का होता है, वह डीजीएम जैसी सेवा में अपना समय बर्बाद नहीं करना चाहता, यही कारण है कि पूर्व में जब पमरे में डीजीएम रहे सचिन शुक्ला को पमरे महाप्रबंधक का सचिव बनाया गया था, उस दौरान जबलपुर रेल मंडल में सीनियर डीईएन (वेस्ट) रहे राहुल जयपुरिया काफी समय तक रिलीव नहीं हुए, येन-केन-प्रकारेण डीजीएम के पद पर ज्वाइनिंग को टालते रहे.

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