Aug 8, 2020

रेलवे ने बंद की अंग्रेजों के जमाने की व्यवस्था, वरिष्ठ अधिकारियों को अब नहीं मिलेंगे 'बंगला चपरासी'



रेलवे अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आवास पर काम करने वाले ‘बंगला पियुन’ या खलासियों की नियुक्ति की औपनिवेशिक काल की प्रणाली को खत्म करने की तैयारी कर रहा है और इस पद पर अब कोई नई भर्ती नहीं की जाएगी.रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में बृहस्पतिवार को आदेश जारी किया.

रेलवे बोर्ड ने आदेश में कहा है कि टेलीफोन अटेंडेंट सह डाक खलासी (टीएडीके) संबंधी मामले की समीक्षा की जा रही है.

Indian Railways में नौकरी का सपना देखने वालों को बड़ा झटका, अब इन पदों पर नहीं होगी कोई भर्ती



भारतीय रेलवे (Indian Railways) देश में सबसे ज्यादा लोगों को रोजगार (Jobs) देता है. लेकिन अगर आप रेलवे में नौकरी की तैयारी कर रहे हैं तो आपके लिए एक बुरी खबर है. रेलवे ने अपनी मौजूदा व्यवस्था में बदलाव का फैसला किया है. भारतीय रेलवे जल्द एक खास स्तर के पदों को हमेशा के लिए समाप्त करने का फैसला ले सकती है.

खलासियों की नहीं होगी भर्ती

रेलवे अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आवास पर काम करने वाले ‘बंगला पियुन’ या खलासियों की नियुक्ति की औपनिवेशिक काल की प्रणाली को समाप्त करने की तैयारी कर रहा है और इस पद पर अब कोई नई भर्ती (New Appointment) नहीं की जाएगी. रेलवे बोर्ड (Railway Board) ने इस संबंध में बृहस्पतिवार को आदेश जारी किया.

लो चल पड़ी किसान रेल..., अब खराब नहीं होंगी सब्जियां और फल, किसानों को भी होगा फायदा



भारतीय रेल ने शुक्रवार से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किसान रेल की शुरुआत की है। यह ट्रेन महाराष्ट्र के देवलाली से बिहार के दानापुर तक 30 अगस्त तक चलाई जाएगी। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर कहा है कि पीएम मोदी जी ने देश की पहली किसान रेल के लिये अपना अमूल्य मार्गदर्शन और सुझाव दिये। उनकी इस प्रेरणा से रेलवे ने देश के किसानों के हित में अपने दायित्वों को निभाकर उन्हें पूर्ण करना सुनिश्चित किया। मैं इसके लिये उनका आभारी हूं।

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