भारतीय रेलवे का इतिहास अनेक गौरवशाली उपलब्धियों से भरा हुआ है, लेकिन यदि किसी एक स्टीम लोकोमोटिव ने विश्व स्तर पर भारतीय रेल को विशेष पहचान दिलाई है, तो वह है Fairy Queen। यह केवल एक रेल इंजन नहीं, बल्कि भारत की औद्योगिक विरासत, इंजीनियरिंग कौशल और रेलवे इतिहास का जीवंत प्रतीक है।
लगभग डेढ़ शताब्दी से अधिक पुराना यह स्टीम इंजन आज भी रेलवे प्रेमियों, इतिहासकारों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। अपनी ऐतिहासिक महत्ता और संरक्षित अवस्था के कारण Fairy Queen को विश्व के सबसे पुराने परिचालन योग्य (Operational) स्टीम लोकोमोटिवों में गिना जाता है।
Fairy Queen का परिचय
Fairy Queen का निर्माण वर्ष 1855 में इंग्लैंड की प्रसिद्ध कंपनी Kitson, Thompson & Hewitson द्वारा किया गया था। उस समय भारत में रेलवे का विस्तार प्रारम्भिक अवस्था में था और नई-नई रेल लाइनों पर स्टीम इंजन चलाए जा रहे थे।
यह इंजन ईस्ट इंडियन रेलवे (East Indian Railway) के लिए बनाया गया था और प्रारम्भिक वर्षों में यात्री तथा हल्की मालगाड़ियों के संचालन में उपयोग किया गया।