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Sep 22, 2026

रेलवे से जुड़े लंबित मामलों के निपटारे और स्वच्छता को संस्थागत रूप देने के लिए विशेष अभियान 6 की तैयारियां जारी

 ई-कचरा, स्क्रैप व लंबित मामलों के निपटान तथा स्थान प्रबंधन पर जोर


अभियान गतिविधियों की निगरानी और समन्वय के लिए 150 से अधिक नोडल अधिकारी नामित

केंद्र सरकार ने स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करने के लिए विशेष अभियान 6 की शुरुआत की है। यह अभियान दो चरणों में चलेगा: पहले चरण की अवधि 15 से 30 सितंबर, 2026 तक रहेगी, जिसमें लक्ष्यों को तय किया जाएगा। इसके बाद, मुख्य कार्यान्वयन चरण 2 से 31 अक्टूबर, 2026 तक संपन्न होगा।

पिछले अभियान 5.0 के दौरान रेल मंत्रालय ने सार्वजनिक शिकायतों, वीआईपी मामलों और अन्य लंबित मामलों के समाधान के लिए निश्चित लक्ष्यों को शत प्रतिशत पूरा कर महत्वपूर्ण प्रगति दिखाई। इस दौरान उल्लेखनीय उपलब्धियों में 6.06 लाख वर्ग फुट स्थान का उपयोग और 570 करोड़ रुपए का राजस्व सृजन शामिल है।

रेल मंत्रालय अपने सभी क्षेत्रीय इकाइयों, संबद्ध एवं अधीनस्थ कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और स्वायत्त निकायों में लंबित मामलों के निपटान हेतु विशेष अभियान 6 (एससीडीपीएम 6) के सफल कार्यान्वयन के लिए पूरी तरह से तैयार है। रेलवे बोर्ड इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने हेतु तैयारियों की बारीकी से निगरानी कर रहा है। प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) द्वारा जारी विस्तृत दिशानिर्देश सभी क्षेत्रीय इकाइयों को जमीनी स्तर पर कार्यकर्मियों को जुटाने, अभियान स्थलों की पहचान करने और स्थान प्रबंधन की योजना बनाने हेतु भेज दिए गए हैं। इस संबंध में रेलवे बोर्ड के सचिव द्वारा सभी महाप्रबंधकों और अन्य इकाइयों के प्रमुखों को एक पत्र भी जारी किया गया है।

सभी क्षेत्रीय रेलवे, मंडल कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू), उत्पादन इकाइयों (पीयू) और केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों को व्यापक स्तर पर भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं। भारतीय रेलवे में 150 से अधिक नोडल अधिकारियों को इस प्रयास के समन्वय हेतु नामित किया गया है। ये अधिकारी दैनिक आधार पर प्रगति संबंधी जानकारी एकत्र करेंगे और इसे रेलवे बोर्ड को भेजेंगे, जिससे बोर्ड इसे सीधे डीएआरपीजी के केंद्रीय एससीडीपीएम निगरानी पोर्टल में दर्ज कर सकेगा। इससे वास्तविक समय में निगरानी और साप्ताहिक उच्च स्तरीय समीक्षा संभव हो सकेगी।

तैयारी का चरण अब शुरू हो चुका है और प्रमुख अभियान मापदंडों के संबंध में लक्ष्य निर्धारित किए जा रहे हैं। इस वर्ष के फोकस के अनुरूप, ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 के अनुसार "ई-कचरे का प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान", सामान्य वित्तीय नियमों (जीएफआर) के तहत स्क्रैप निपटान, कार्यालय परिसर का सौंदर्यीकरण, प्रक्रिया/नियमों का सरलीकरण और लंबित मामलों का निपटान जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

रेल चौपाल (एससीडीपीएम 4.0) और अमृत संवाद (एससीडीपीएम 5.0) के सफल आयोजन के बाद, मंत्रालय एससीडीपीएम 6 के दौरान "रेल जन संवाद" का आयोजन करेगा ताकि जन सहभागिता को और मजबूत किया जा सके और नागरिकों के साथ सार्थक संवाद को बढ़ावा दिया जा सके।

स्वच्छता को नियमित परिचालन मानक के रूप में स्थापित करने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, रेल मंत्रालय जन सहयोग को और अधिक सुगम बनाने और लंबित मामलों के शीघ्र समाधान को प्राथमिकता देता रहेगा। समन्वित योजना और सभी इकाइयों की समर्पित भागीदारी के माध्यम से, मंत्रालय का उद्देश्य विशेष अभियान 6 को एक बड़ी सफलता के रूप में स्थापित करना है।

Sep 11, 2026

Railway Promotion Panels में Multiple Selection का Issue फिर महत्वपूर्ण: Zonal Railways को Panel Revision की Power

 Railway Board की RBE No. 68/2026 guideline के implementation को लेकर आज फिर एक महत्वपूर्ण clarification सामने आया है। इसका संबंध उन situations से है जहां एक ही feeder category के कर्मचारी एक साथ चल रही multiple departmental selections में सफल हो जाते हैं और एक कर्मचारी एक से अधिक panels में आ जाता है।

ऐसी स्थिति में एक ही employee के एक से अधिक posts पर selection के कारण किसी panel की vacancy practically unfilled रह सकती है। Board की guideline Zonal Railways को prescribed procedure के अनुसार panel को revise करने की सुविधा देती है, ताकि resulting vacancy को उचित तरीके से address किया जा सके।

Railway Employees के Productivity Linked Bonus पर नया Employee-Association Demand: ₹18,000 + DA Ceiling की मांग

 Indian Railways Technical Supervisors' Association (IRTSA) ने Central Government और Railway Ministry से Productivity Linked Bonus (PLB) की calculation ceiling बढ़ाने की मांग की है। Association ने Level-1 non-gazetted employees के लिए कम-से-कम ₹18,000 + applicable DA को wage ceiling मानने और higher levels के लिए proportionately higher ceiling की मांग रखी है।

Association का argument है कि वर्तमान PLB ceiling जिस basic-pay ceiling पर आधारित है, वह 7th CPC के मौजूदा pay structure के मुकाबले काफी पुरानी है। उनके अनुसार मौजूदा व्यवस्था में 78-day PLB का maximum calculation amount लगभग ₹17,951 तक सीमित रहता है।

RailMadad में बड़े बदलाव प्रस्तावित: Running Train और Station Complaints को अलग करने की तैयारी

 Indian Railways RailMadad grievance platform में कई operational changes की तैयारी कर रहा है। Current reporting के अनुसार proposed changes में running-train complaints और station-related complaints को अलग-अलग categories में व्यवस्थित करना, complaint tracking सुधारना और onboard services से संबंधित feedback को अधिक स्पष्ट तरीके से capture करना शामिल है।

Food quality, water availability, housekeeping, linen तथा Coach Mitra-related information जैसे areas को अधिक स्पष्ट complaint categories में लाने की दिशा में भी काम प्रस्तावित है। Rescheduled trains से जुड़े complaints के tracking और grievance data के लिए dashboard improvements पर भी विचार किया जा रहा है।

Cabinet ने 9 राज्यों में ₹20,804 करोड़ के 8 Railway Multi-Tracking Projects मंजूर किए

 

Union Cabinet ने Indian Railways की capacity बढ़ाने के लिए आठ multi-tracking projects को मंजूरी दी है। कुल अनुमानित लागत ₹20,804 करोड़ है और projects नौ राज्यों में लगभग 1,196 km अतिरिक्त railway track capacity जोड़ेंगे।

इन projects का एक package Tamil Nadu, Andhra Pradesh, Karnataka और Telangana में है, जबकि दूसरा package West Bengal, Jharkhand, Odisha, Madhya Pradesh और Chhattisgarh में है। Eastern/Central package में Kharagpur–Jharsuguda fourth line, Katni–Pendra Road fourth line और Bilaspur (Uslapur)–Pendra Road third line शामिल हैं।

Projects का उद्देश्य high-density routes पर congestion कम करना, freight और passenger movement के लिए additional capacity बनाना तथा operational flexibility बढ़ाना है। Government estimates के अनुसार सभी आठ projects मिलकर freight-handling capacity में लगभग 74 million tonnes per annum की वृद्धि में मदद कर सकते हैं।

Sep 10, 2026

मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, रेलवे के 7 नए प्रोजेक्‍ट मंजूर; अब लेट नहीं होंगी ट्रेनें

HIGHLIGHTS
  1. मोदी कैबिनेट ने रेलवे आधुनिकीकरण की 7 परियोजनाओं को मंजूरी दी।
  2. 11,000 किमी हाई-डेंसिटी कॉरिडोर को चार-लेन में बदला जाएगा।
  3. दिल्ली-मुंबई सहित प्रमुख रूटों पर यातायात सुगम होगा।
देश के व्यस्ततम रेल मार्गों पर ट्रेनों की बढ़ती संख्या एवं माल ढुलाई के दबाव को देखते हुए रेलवे अपनी क्षमता में व्यापक विस्तार करने जा रहा है।

Sep 7, 2026

बनगाई स्टेशन पर ट्रेन के समय बदलने से ग्रामीण नाराज

 पुराना समय बहाल करने और इंटरसिटी के ठहराव की मांग, दी आंदोलन की चेतावनी

रुपईडीह ब्लॉक के बनगांव रेलवे स्टेशन पर सोमवार को ग्रामीणों, छात्रों और वकीलों ने ट्रेनों के समय में बदलाव को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने ट्रेनों का पुराना समय बहाल करने और इंटरसिटी ट्रेन के ठहराव की मांग की। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे।

Sep 2, 2026

Railway Board ने SC/ST कर्मचारियों की Promotion में Relaxation और “Best Among the Failed” Scheme पर नई Guidelines जारी कीं

 Railway Board ने SC/ST employees को reserved vacancies के विरुद्ध promotion देने के मामलों में qualifying marks में relaxation और “Best Among the Failed” scheme के application को लेकर consolidated clarification जारी किया है। Board ने बताया कि अलग-अलग समय पर जारी instructions को लेकर Railways और Production Units में interpretation को लेकर doubts बने हुए थे, इसलिए guidelines को फिर से स्पष्ट किया गया है।

Non-safety categories में seniority-based selection के लिए SC/ST candidates को prescribed qualifying marks में 10% relaxation का provision दोहराया गया है। यदि उपलब्ध relaxations के बावजूद reserved vacancies भरने के लिए पर्याप्त SC/ST candidates panel में उपलब्ध नहीं होते हैं, तो निर्धारित conditions पूरी करने वाले “Best Among the Failed” candidates को reserved vacancies की सीमा तक consideration दिया जा सकता है। ऐसी promotion initially ad-hoc होगी और performance की review छह महीने बाद की जाएगी।

Group-C से Group-B की 70% selection के लिए भी qualifying standard में relaxation और “Best Among the Failed” provision को स्पष्ट किया गया है। वहीं 30% LDCE में Best Among the Failed scheme लागू नहीं है। Safety category posts के लिए SC/ST qualifying-standard relaxation का यह provision लागू नहीं है।

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