एक युवक को ब्लेकमैल करते हुए एक करोड़ रुपए की लगातार डिमांड करने से परेशान युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, इस घटना पर न्यायालय ने जबलपुर के मदन महल स्टेशन पर पदस्थ महिला बुकिंग कर्मी व उसकी बेटी को 10-10 साल की सजा सुनाई. सजा पड़ऩे की जैसे ही जानकारी उसे लगी, वह अवकाश लगाकर फरार हो गई. पुलिस उनकी गिरफतारी के प्रयास कर रही है. बताया जाता है कि 18 से 20 सितंबर 2013 के बीच करेली निवासी धीरज ने साहनी लॉज के रूम नंबर 206 में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने उसके पास से सुसाइट नोट जप्त किया था जिसमें नेहा विश्वकर्मा पिता पुरुषोतम विश्वकर्मा और पुष्पा विश्वकर्मा पति रविन्द्र विश्वकर्मा नाम और 624 आमनपुर मदनमहल जबलपुर का पता लिखा था. इनका परिचय करेली निवासी धीरज से था, उसके साथ अक्सर मिलना जुलना होता था. पत्र के मुताबिक उक्त मां-बेटी काफी समय से धीरज को ब्लेक मेल कर 1 करोड़ रुपयों की डिमांड कर रही थी.
रुपये नहीं देने पर झूठे केस में फंसा देने की धमकी मिलने पर धीरज ने करेली की साहनी लॉज के कमरा नंबर 206 में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया था. इस मामले को लेकर करेली पुलिस की उक्त मां-बेटी के खिलाफ प्रकरण क्रमांक 442/2013 धारा 306,3 का मामला दर्ज करते हुए न्यायालय में पेश किया. न्यायालय में अपर लोक अभियोजक सरिता नामदेव ने न्यायालय के समक्ष 9 साक्षियों का परीक्षण प्रस्तुत किया था. जिस पर संज्ञान लेते हुए तृतीय अपर न्यायाधीश विवेक पटेल ने नेहा विश्वकर्मा और पुष्पा विश्वकर्मा को दोषी मानते हुए 10-10 साल की सजा सुनाई है.
छुट्टी लगाकर फरार
बताया जाता है कि मदनमहल रेलवे स्टेशन पर पदस्थ महिला बुकिंग कर्मी पुष्पा विश्वकर्मा को जैसे ही पता चला कि न्यायालय से उसे और उसकी बेटी नेहा को 10-10 साल की सजा पड़ गई है. उसके बाद उसने मंडल वाणिज्य विभाग में छुट्टी का आवेदन दिया और दोनों फरार हो गई. पुलिस ने उसके पते पर कई बार दस्तक दी,लेकिन कहीं ंसुराग नहीं मिला.
Source - PalPalIndia

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