Knowledge Hub Search – Search All Our Sites

Operating Department Smart Search


Sort :
Loading...
Go to Page :
Showing posts with label General. Show all posts
Showing posts with label General. Show all posts

Oct 17, 2025

दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क (2025)

रेलवे किसी भी देश की अर्थव्यवस्था और लोगों की यात्रा प्रणाली की रीढ़ होती है। दुनिया में कई देशों ने अपने विशाल रेल नेटवर्क से न केवल परिवहन को आसान बनाया है, बल्कि विकास की दिशा भी तय की है। आइए जानते हैं दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क वाले देशों के बारे में।


1. संयुक्त राज्य अमेरिका (United States)

  • कुल लंबाई: लगभग 2,50,000 किमी

  • अमेरिका का रेल नेटवर्क दुनिया में सबसे बड़ा है। यह मुख्य रूप से माल (freight) परिवहन के लिए प्रयोग किया जाता है।

2. चीन (China)

  • कुल लंबाई: लगभग 1,24,000 किमी

  • चीन ने हाई-स्पीड रेल तकनीक में क्रांति लाई है। इसके पास दुनिया का सबसे बड़ा हाई-स्पीड रेल नेटवर्क है।

3. रूस (Russia)

  • कुल लंबाई: लगभग 85,000 किमी

  • रूस का विशाल रेल नेटवर्क देश के सुदूर इलाकों को जोड़ता है। प्रसिद्ध ट्रांस-साइबेरियन रेलवे दुनिया की सबसे लंबी रेल लाइन है।

4. भारत (India)

  • कुल लंबाई: लगभग 68,000–70,000 किमी

  • भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क रखता है। भारतीय रेल दुनिया के सबसे बड़े नियोक्ताओं में से एक है और हर दिन लाखों यात्री इसकी सेवाएं लेते हैं।

5. कनाडा (Canada)

  • कुल लंबाई: लगभग 48,000–50,000 किमी

  • कनाडा का रेल नेटवर्क मुख्य रूप से माल ढुलाई के लिए प्रसिद्ध है, खासकर प्राकृतिक संसाधनों के परिवहन में।

6. जर्मनी (Germany)

  • कुल लंबाई: लगभग 40,000 किमी

  • जर्मनी का रेल नेटवर्क यूरोप में सबसे विकसित है, जहाँ उच्च गति और समयबद्धता इसकी पहचान है।

7. ऑस्ट्रेलिया (Australia)

  • कुल लंबाई: लगभग 36,000–40,000 किमी

  • ऑस्ट्रेलिया का रेल नेटवर्क विशाल रेगिस्तानों और खनन क्षेत्रों को जोड़ता है।

8. ब्राज़ील (Brazil)

  • कुल लंबाई: लगभग 28,000–38,000 किमी

  • ब्राज़ील का रेल नेटवर्क अधिकतर माल परिवहन के लिए उपयोग किया जाता है, विशेषकर लौह अयस्क और कृषि उत्पादों के लिए।

9. फ्रांस (France)

  • कुल लंबाई: लगभग 27,000–30,000 किमी

  • फ्रांस अपने TGV हाई-स्पीड ट्रेनों के लिए प्रसिद्ध है, जो 300 किमी/घंटा से अधिक गति से चलती हैं।

10. जापान (Japan)

  • कुल लंबाई: लगभग 27,000 किमी

  • जापान का रेल नेटवर्क तकनीकी रूप से अत्याधुनिक है, और इसकी शिंकानसेन बुलेट ट्रेनें दुनिया की सबसे तेज़ और सुरक्षित मानी जाती हैं।

✳️ निष्कर्ष

दुनिया के इन रेल नेटवर्कों ने न केवल परिवहन को सुगम बनाया है, बल्कि औद्योगिक विकास, व्यापार, और पर्यटन को भी नई दिशा दी है। भारत इस सूची में चौथे स्थान पर है और अपने नेटवर्क के आधुनिकीकरण तथा विद्युतीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

Jul 2, 2025

Indian Railways Revises Basic Passenger Train Fare Effective 1st July 2025

रेलवे ने 1 जुलाई 2025 से रेल यात्रियों के लिए मूल किराया तर्कसंगत बनाया
साधारण श्रेणी में 500 किलोमीटर तक कोई वृद्धि नहीं; 501 से 1500 किलोमीटर की दूरी के लिए 5 रुपये और 2500 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 10 रुपये तथा 2501 से 3000 किलोमीटर की दूरी के लिए 15 रुपये की वृद्धि
किराया संरचनाओं को सुव्यवस्थित करने और यात्री सेवाओं की वित्तीय स्थिरता बढ़ाने के उद्देश्य से, रेल मंत्रालय ने 01 जुलाई 2025 से यात्री ट्रेन सेवाओं के मूल किराए को युक्तिसंगत बना दिया है। संशोधित किराए भारतीय रेलवे सम्मेलन संघ (आईआरसीए) द्वारा जारी अद्यतन यात्री किराया तालिका पर आधारित हैं।
किराया युक्तिकरण की मुख्य विशेषताएं (1 जुलाई 2025 से प्रभावी):
उपनगरीय एकल यात्रा किराये और सीज़न टिकटों (उपनगरीय और गैर-उपनगरीय दोनों मार्गों के लिए) में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
साधारण गैर-एसी श्रेणियों (गैर-उपनगरीय रेलगाड़ियों) के लिए:द्वितीय श्रेणी: प्रति किलोमीटर आधा पैसा बढ़ाया जाएगा, यह निर्भर करेगा500 किलोमीटर तक कोई बढ़ोतरी नहीं
  • 501 से 1500 किलोमीटर की दूरी के लिए 5 रुपये की बढ़ोतरी
  • 1501 से 2500 किलोमीटर की दूरी के लिए 10 रुपये की बढ़ोतरी
  • 2501 से 3000 किलोमीटर की दूरी के लिए 15 रुपये की बढ़ोतरी
स्लीपर क्लास: 0.5 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरीप्रथम श्रेणी: 0.5 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि
मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए (गैर-एसी):द्वितीय श्रेणी: 01 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि
स्लीपर श्रेणी: 01 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि
प्रथम श्रेणी: 01 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि
एसी श्रेणी के लिए (मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें):
एसी चेयर कार, एसी 3-टियर/3-इकोनॉमी, एसी 2-टियर, और एसी फर्स्ट/एग्जीक्यूटिव क्लास/एग्जीक्यूटिव अनुभूति: 02 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी
संशोधित श्रेणी-वार किराया संरचना के अनुसार किराया संशोधन प्रमुख और विशेष ट्रेन सेवाओं जैसे राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, वंदे भारत, तेजस, हमसफर, अमृत भारत, महामना, गतिमान, अंत्योदय, जन शताब्दी, युवा एक्सप्रेस, एसी विस्टाडोम कोच, अनुभूति कोच और सामान्य गैर-उपनगरीय सेवाओं पर भी लागू होता है।
सहायक शुल्क में कोई परिवर्तन नहीं:आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट अधिभार और अन्य शुल्क अपरिवर्तित रहेंगे।
जीएसटी नियमों के अनुसार लागू रहेगा।
किराया राउंडिंग सिद्धांत मौजूदा मानदंडों के अनुसार बने रहेंगे।
कार्यान्वयन
संशोधित किराया 01.07.2025 को या उसके बाद बुक किए गए टिकटों पर लागू होगा। इस तिथि से पहले जारी किए गए टिकट किराये में बिना किसी सुधार के मौजूदा किराए पर वैध रहेंगे। पीआरएस, यूटीएस और मैनुअल टिकटिंग सिस्टम को तदनुसार अपडेट किया जा रहा है।
रेल मंत्रालय ने संशोधित किराया संरचना का सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए सभी जोनल रेलवे को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। जोनल रेलवे को सभी स्टेशनों पर किराया डिस्प्ले अपडेट करने का भी निर्देश दिया गया है।
संशोधित यात्री किराया तालिका देखने के लिए यहां क्लिक करें
In a move aimed at streamlining fare structures and enhancing financial sustainability of passenger services, the Ministry of Railways has rationalised the basic fare of Passenger train services, effective from 01 July 2025. The revised fares are based on the updated Passenger Fare Table issued by the Indian Railway Conference Association (IRCA).
Key Highlights of Fare Rationalisation (Effective from 1st July 2025):
No change in Suburban single journey fares and Season Tickets (for both suburban and non-suburban routes).
For Ordinary Non-AC Classes (Non-suburban trains):
Second Class: Increased by Half Paisa per Kilometre subject to condition thatNo increase up to 500 Km
  • Increase by Rs.5 for distance 501 to 1500 Km
  • Increase by Rs.10 for distance 1501 to 2500 Km
  • Increase by Rs.15 for distance 2501 to 3000 Km
Sleeper Class: Increased by 0.5 paisa per kilometre
First Class: Increased by 0.5 paisa per kilometre
For Mail/Express Trains (Non-AC):
  • Second Class: Increased by 01 paisa per kilometre
  • Sleeper Class: Increased by 01 paisa per kilometre
  • First Class: Increased by 01 paisa per kilometre
For AC Classes (Mail/Express trains):
AC Chair Car, AC 3-Tier/3-Economy, AC 2-Tier, and AC First/Executive Class/Executive Anubhuti: Increased by 02 Paisa per kilometre
The fare revision also applies to premier and special train services such as Rajdhani, Shatabdi, Duronto, Vande Bharat, Tejas, Humsafar, Amrit Bharat, Mahamana, Gatimaan, Antyodaya, Jan Shatabdi, Yuva Express, AC Vistadome coaches, Anubhuti coaches, and Ordinary non-suburban services, in accordance with the revised class-wise fare structure.
No Change in Ancillary Charges:
Reservation fees, superfast surcharges, and other charges remain unchanged.
GST will continue to be levied as per applicable rules.
Fare rounding principles remain as per existing norms.
Implementation
Revised fares will apply to tickets booked on or after 01.07.2025. Tickets issued before this date will remain valid at the existing fare without any fare adjustment. PRS, UTS, and manual ticketing systems are being updated accordingly.
The Ministry of Railways has issued necessary instructions to all Zonal Railways to ensure smooth implementation of the revised fare structure.Zonal Railways have also been directed to update fare displays at all stations.
To view the revised Passenger Fare Table,Click Here

Jan 26, 2025

Unified Pension Scheme (UPS) Gazette Notification (Hindi)

वित्त मंत्रालय (वित्तीय सेवाएं विभाग)
अधिसूचना
नई दिल्ली, 24 जनवरी, 2025
 
फा. सं. एफएक्स-1/3/2024-पीआर. - वित्त मंत्रालय (आर्थिक कार्य विभाग) की दिनांक 22 दिसंबर, 2003 की अधिसूचना संख्या एफ सं. 5/7/2003-ईसीबीएंडपीआर और वित्त मंत्रालय (वित्तीय सेवाएं विभाग) की दिनांक 31 जनवरी, 2019 की अधिसूचना संख्या एफ सं. 1/3/2016-पीआर के आंशिक संशोधन में, केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत कवर होने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत एक विकल्प के रूप में एकीकृत पेंशन योजना शुरू करने का निर्णय लिया है।
 
2. एकीकृत पेंशन योजना केंद्र सरकार के ऐसे कर्मचारियों पर लागू होगी जो राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत आते हैं और जो राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत इस विकल्प को चुनते हैं। इसमें निम्नलिखित विशेषताएं होंगी, अर्थात्ः
 
योजना के अंतर्गत पात्रता
 
(1) सुनिश्चित भुगतान केवल निम्नलिखित मामलों में उपलब्ध होगा, अर्थात्ः
 
(क) यदि कोई कर्मचारी दस वर्ष की अर्हक सेवा के पश्चात् अधिवर्षिता प्राप्त कर लेता है तो अधिवर्षिता की तारीख से;

(ख) एफआर 56 (ञ) (जो केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1965 के अंतर्गत कोई शास्ति नहीं है) के प्रावधानों के अंतर्गत एक कर्मचारी को सेवानिवृत्त करने के मामले में सरकार द्वारा ऐसी सेवानिवृत्ति की तारीख से; और

(ग) 25 वर्ष की न्यूनतम अर्हक सेवा अवधि के पश्चात् स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के मामले में, यदि सेवा अवधि अधिवर्षिता तक जारी रहती तो उस तारीख से जब ऐसा कर्मचारी अधिवर्षिता प्राप्त कर लेता।
(ii) सेवा से हटाने या बखस्तिगी या कर्मचारी के इस्तीफे के मामले में सुनिश्चित भुगतान उपलब्ध नहीं होगा। ऐसे मामलों में एकीकृत पेंशन योजना का विकल्प लागू नहीं होगा।योजना के अंतर्गत लाभ
(iii) इस योजना के अंतर्गत सुनिश्चित भुगतान, इस अधिसूचना में उल्लिखित अन्य शर्तों के अध्यधीन, निस्रानुसार होगा, अर्थात्ः-
(क) पूर्ण सुनिश्चित भुगतान की दर सेवानिवृत्ति से तुरंत पहले 12 मासिक औसत मूल वेतन की 50% होगी। पूर्ण सुनिश्चित भुगतान न्यूनतम 25 वर्षों की अर्हक सेवा के पश्चात् देय है;
(ख) कम अर्हक सेवा अवधि के मामले में आनुपातिक भुगतान स्वीकार्य होगा;
(ग) दस साल या उससे अधिक की अर्हक सेवा के पश्चात् सेवानिवृत्त होने पर प्रति माह 10,000 रुपये का न्यूनतम गारंटीयुक्त भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा; और
(घ) न्यूनतम 25 वर्ष की अर्हक सेवा के पश्चात् स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के मामले में सुनिश्चित भुगतान, उस तारीख से शुरू होगा, जिस तारीख को कर्मचारी सेवा में जारी रहते हुए अधिवर्षिता प्राप्त कर लेता।
(iv) अधिवर्षिता के पश्चात् भुगतान धारक की मृत्यु के मामले में उसकी मृत्यु से तत्काल पूर्व भुगतान धारक को स्वीकार्य भुगतान का 60% कानूनी रूप से विवाहित पति या पत्री (यथा अनुप्रयोज्य अधिवर्षिता या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति या एफआर 56 (ञ) के अंतर्गत सेवानिवृत्ति की तारीख) को दिया जाएगा।
(v) महंगाई राहत, सुनिश्चित भुगतान और पारिवारिक भुगतान, जैसा भी मामला हो, पर उपलब्ध होगी। महंगाई राहत की गणना सेवारत कर्मचारियों पर लागू महंगाई भत्ते की तरह ही की जाएगी। महंगाई राहत केवल भुगतान शुरू होने पर ही देय होगी।
(vi) अर्हक सेवा के प्रत्येक पूर्ण छह महीने के लिए मासिक परिलब्धियों (मूल वेतन महंगाई भत्ता) की 10% की दर से अधिवर्षिता पर एकमुश्त भुगतान की अनुमति दी जाएगी। यह एकमुश्त भुगतान सुनिश्चित भुगतान की मात्रा को प्रभावित नहीं करेगा।
(vii) एकीकृत पेंशन योजना विकल्प के अंतर्गत कॉर्पस दो निधियों को मिलाकर बनेगा, अर्थात्ः-
(क) कर्मचारी के अंशदान और उसी के बराबर केंद्र सरकार के अंशदान के साथ एक व्यक्तिगत कॉर्पसः और
(ख) केन्द्र सरकार के अतिरिक्त अंशदान के साथ एक पूल कॉर्पस।
(viii) कर्मचारियों का अंशदान (मूल वेतन महंगाई भत्ता) का 10% होगा। इसके बराबर ही केंद्र सरकार का भी अंशदान (मूल वेतन + महंगाई भत्ता) का 10% होगा। दोनों को प्रत्येक कर्मचारी के व्यक्तिगत कॉर्पस में जमा किया जाएगा।
 
 
 
(ix) केंद्र सरकार उन सभी कर्मचारियों के अनुमानित 8.5% (मूल वेतन महंगाई भत्ता) का अतिरिक्त अंशदान की व्यवस्था करेगी, जिन्होंने समग्र आधार पर पूल कॉर्पस के स्थान पर एकीकृत पेंशन योजना के विकल्प को चुना है। अतिरिक्त अंशदान एकीकृत पेंशन योजना विकल्प के अंतर्गत सुनिश्चित भुगतान की सहायता के लिए है।
 
(x) कर्मचारी केवल व्यक्तिगत कॉर्पस के लिए ही निवेश के विकल्पों को अपना सकते हैं। ऐसे निवेश विकल्पों को पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण द्वारा विनियमित किया जाएगा। पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर निवेश का 'डिफॉल्ट पैटर्न' परिभाषित किया जा सकता है। यदि कोई कर्मचारी व्यक्तिगत कॉर्पस में निवेश के विकल्प का प्रयोग नहीं करता है, तो निवेश का 'डिफ़ॉल्ट पैटर्न' लागू होगा।
 
(xi) केन्द्र सरकार के अतिरिक्त अंशदान के माध्यम से निर्मित पूल कॉर्पस के लिए निवेश संबंधी निर्णय का पूरा अधिकार केन्द्र सरकार का होगा।
 
(xii) उन कर्मचारियों के संबंध में, जो एकीकृत पेंशन योजना के परिचालन की तारीख से पूर्व सेवानिवृत्त हुए हैं और जो एकीकृत पेंशन योजना विकल्प को चुनते हैं, पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण टॉप-अप राशि उपलब्ध कराने के लिए तंत्र का निर्धारण करेगा।
 
स्पष्टीकरणः इस अधिसूचना के प्रयोजन हेतु मूल वेतन में निजी प्रैक्टिस के बदले चिकित्सा अधिकारी को दिया गया गैर- प्रैक्टिर्सिंग भत्ता शामिल है।
 
3. एकीकृत पेंशन योजना के विकल्प के परिचालन में आने की प्रभावी तारीख को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत केंद्र सरकार के विद्यमान कर्मचारियों के साथ-साथ केंद्र सरकार के भावी कर्मचारी राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत या तो एकीकृत पेंशन योजना के विकल्प का चयन कर सकते हैं या एकीकृत पेंशन योजना के विकल्प के बिना राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली में बने रह सकते हैं। यदि कोई कर्मचारी एकीकृत पेंशन योजना के विकल्प का चयन करता है, तो इसके सभी निर्धारण एवं शर्ते को अपनाया गया माना जाएगा और यह एक बार चुने जाने के बाद अंतिम होगा।
 
4. एक बार राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत कवर किए गए कर्मचारी, जो एकीकृत पेंशन योजना विकल्प के परिचालन की प्रभावी तिथि पर सेवा में हैं, एकीकृत पेंशन योजना विकल्प का उपयोग करते हैं, तो कर्मचारी स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली कॉर्पस बकाया को एकीकृत पेंशन योजना के अंतर्गत कर्मचारी के व्यक्तिगत कॉर्पस में अंतरित कर दिया जाएगा।
 
5. राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत कवर किए गए प्रत्येक कर्मचारी, जिन्होंने एकीकृत पेंशन योजना का विकल्प लिया है, के लिए पेंशन निधि बिनियामक और विकास प्राधिकरण द्वारा निर्धारित तरीके से 'बेंचमार्क कॉर्पस' मूल्य की गणना निम्रलिखित पूर्वानुमानों के साथ की जाएगी, अर्थात्ः -
 
(क) अर्हक सेवा के प्रत्येक महीने के लिए कर्मचारियों और नियोक्ता दोनों के लिए प्रयोज्य अंशदान की नियमित प्राप्तिः
 
(ख) अनुपलब्ध अंशदानों के मामले में पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण द्वारा निर्धारित किया जाने वाला उपयुक्त मूल्य तय किया जाएगा; और
 
(ग) ऐसे अंशदानों का निवेश पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण द्वारा यथा परिभाषित निवेश के 'डिफ़ॉल्ट पैटर्न' के अनुसार किया जाता है।
 
6. कर्मचारी के निवेश विकल्पों के साथ व्यक्तिगत कॉर्पस में मूल्य या यूनिटों को आवधिक आधार पर ऐसे कर्मचारी को सूचित किया जाएगा। इसके साथ-साथ, कर्मचारी के अनुरूप बेंचमार्क कॉर्पस के मूल्य या यूनिटों, जिनकी गणना उपरोक्त पैरा 5 के अनुसार की गई है, को भी कर्मचारी को सूचित किया जाएगा।
 
7. अधिवर्षिता या सेवानिवृत्ति पर एकीकृत पेंशन योजना विकल्प के अंतर्गत कर्मचारी की अर्हक सेवा उस कार्यालय प्रमुख द्वारा निर्धारित की जाएगी जहां वह कार्यरत है।
8. अधिवर्षिता या सेवानिवृत्ति पर एकीकृत पेंशन योजना के अंतर्गत कर्मचारी सुनिश्चित भुगतान के प्राधिकार के लिए बेंचमार्क कॉर्पस के मूल्य या यूनिटों के बराबर पूल कॉर्पस में व्यक्तिगत कॉर्पस के मूल्य या यूनिटों को अंतरित करने के लिए प्राधिकृत करेगा। यदि व्यक्तिगत कॉर्पस का मूल्य या यूनिट बेंचमार्क कॉर्पस के मूल्य या यूनिट से कम है, तो कर्मचारी के पास इस अंतर को पूरा करने के लिए अतिरिक्त अंशदान की व्यवस्था करने का विकल्प होगा। यदि व्यक्तिगत कॉर्पस का मूल्य या यूनिट बेंचमार्क कॉर्पस के मूल्य या यूनिट से अधिक है, तो कर्मचारी बेंचमार्क कॉर्पस के बराबर मूल्य या यूनिट के अंतरण को अधिकृत करेगा और व्यक्तिगत कॉर्पस में शेष राशि कर्मचारी को दी जाएगी।
9. यदि कर्मचारी द्वारा व्यक्तिगत कॉर्पस में पूल कॉर्पस में अंतरित मूल्य या यूनिट, बेंचमार्क कॉर्पस के मूल्य या यूनिट से कम हैं, तो सुनिश्चित भुगतान के अनुपात में भुगतान अधिकृत किया जाएगा।
10. एकीकृत पेंशन योजना, एक 'निधि-आधारित' पेंशन प्रणाली होने के नाते, कर्मचारियों को सुनिश्चित भुगतान प्रयोज्य अंशदान (कर्मचारी और नियोक्ता दोनों से) के नियमित और समय पर संचय और निवेश पर निर्भर करता है।
11. सुस्पष्टता के लिए यह स्पष्ट किया जाता है कि कोई भी कर्मचारी जिसने इस अधिसूचना के अंतर्गत राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अधीन एकीकृत पेंशन योजना के विकल्प का चयन किया है, वह सेवानिवृत्ति के पश्चात् सहित किसी अन्य नीतिगत रियायत, नीत्ति परिवर्तन, वित्तीय लाभ, बाद में सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के साथ किसी भी समानता आदि की मांग के लिए पात्र नहीं होगा और दावा नहीं कर सकता है।
12. एकीकृत पेंशन योजना के प्रावधान उन राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के पूर्व सेवानिवृत्त कर्मचारियों, जो एकीकृत पेंशन योजना के परिचालन की तारीख से पहले अधिवर्षिता प्राप्त कर चुके हैं, पर भी यथोचित परिवर्तनों के साथ लागू होंगे। ऐसे अधिवर्षिता प्राप्त कर्मचारियों को लोक भविष्य निधि दरों के अनुसार व्याज सहित पिछली अवधि के लिए बकाये का भुगतान किया जाएगा। ऐसे अधिवर्षिता प्राप्त कर्मचारियों के लिए मासिक टॉप-अप राशि, जिसे पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण द्वारा निर्धारित किया जाएगा, का भुगतान उनके द्वारा की गई निकासी और उन्हें भुगतान की गई वार्षिकी को समायोजित करने के पश्चात् किया जाएगा।
13. अधिवर्षिता के समय अनुशासनात्मक कार्यवाही का सामना करने वाले या जहां सेवानिवृत्ति के पश्चात् अनुशासनात्मक कार्यवाही पर विचार किया जाता है, ऐसे कर्मचारियों के लिए एकीकृत पेंशन योजना विकल्प के अंतर्गत सुनिश्चित भुगतान के बारे में प्रावधान अलग से अधिसूचित किया जाएगा।
14. विभिन्न परिदृश्यों के अंतर्गत एकीकृत पेंशन योजना के भुगतान कार्यकरण के रूप में व्याख्यात्मक उदाहरण अनुबंध में दिए गए हैं।
15. पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण एकीकृत पेंशन योजना के परिचालन के लिए विनियम जारी कर सकता है।
16. एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) के परिचालन की प्रभावी तिथि 1 अप्रैल, 2025 होगी।
पंकज शर्मा, संयुक्त सचिव
 
 
अनुबंध
 
वित्त मंत्रालय (वित्तीय सेवाएं विभाग) की दिनांक 24 जनवरी, 2025 की अधिसूचना फा. सं. एफएक्स-1/3/2024-पीआर के पैराग्राफ 14 में संदर्भित अनुबंध
क. स्वीकार्य मासिक सुनिश्चित भुगतान के उदाहरण
पूर्वानुमान के निम्नलिखित सेट के साथ विभिन्न परिदृश्यों के सेट पर विचार किया गया है, अर्थात्ः
(i) किसी कर्मचारी की सेवानिवृत्ति से पहले 12 मासिक औसत मूल वेतन 45,000 रुपये (पी के रूप में चिह्नित) है।
(ii) कर्मचारी के पास 25 वर्ष (300 महीने) या उससे अधिक (क्यू के रूप में चिह्निनत) की अर्हक सेवा (अंशदान के महीनों की संख्या के आधार पर) है।
(iii) कर्मचारी के सभी अंशदान नियमित रूप से जमा किए गए हैं और जमा में कोई चूक नहीं हुई है।
(iv) कर्मचारी ने निवेश का 'डिफॉल्ट पैटर्न' चुना है।
(v) कर्मचारी ने कोई आंशिक निकासी नहीं की है।
परिदृश्य 1: कर्मचारी (i) से (v) तक सभी शर्तों को पूरा करता है।
सेवानिवृत्ति पर कर्मचारी के व्यक्तिगत कॉर्पस का मूल्य 50,00,000 रुपये (10,000 यूनिट) (आईसी के रूप में चिह्नित) है।
इस मामले में बेंचमार्क कॉर्पस का मूल्य भी 50,00,000 रुपये (10,000 यूनिट) (बीसी के रूप में चिह्नित) होना चाहिए।
कर्मचारी का सुनिश्चित भुगतान होगा 
 
।
नोटः- इस मामले में सुनिश्चित भुगतान पूर्ण सुनिश्चित भुगतान के बराबर होता है
परिदृश्य 2: कर्मचारी (i) और (iii) से (v) तक शर्तों को पूरा करता है। कर्मचारी के पास 15 साल (180 महीने) की अर्हक सेवा (अंशदान के महीनों की संख्या के आधार पर) है।
  • सेवानिवृत्ति पर कर्मचारी के व्यक्तिगत कॉर्पस का मूल्य 30,00,000 रुपये (8,000 यूनिट) (आईसी के रूप में चिह्नित) है।
  •  बेंचमार्क कॉर्पस का मूल्य 30,00,000 रुपये (8,000 यूनिट) (बीसी के रूप में चिह्नित) होगा।
  •  कर्मचारी का सुनिश्चित भुगतान होगा पी आईसी इस शर्त के साथ कि
 
(i) यदि क्यू 300 से अधिक है, तो इसे 300 के रूप में लिया जाएगा।
 
(ii) यदि (पी/2) X क्यू/300 10,000 से कम है, तो इसे 10,000 के रूप में लिया जाएगा।
 
परिदृश्य 3: कर्मचारी (i) और (iii) से (v) तक शर्तों को पूरा करता है। कर्मचारी के पास 10 साल (120 महीने) की अर्हक सेवा (अंशदान के महीनों की संख्या के आधार पर) है।
 
  • सेवानिवृत्ति पर कर्मचारी के व्यक्तिगत कॉर्पस का मूल्य 25,00,000 रुपये (10,000 यूनिट) (आईसी के रूप में चिह्नित) है।
  • बेंचमार्क कॉर्पस का मूल्य 25,00,000 रुपये (10,000 यूनिट) (बीसी के रूप में चिह्नित) होगा।
  • कर्मचारी का सुनिश्चित भुगतान होगा
 
 
(i) यदि क्यू 300 से अधिक है, तो इसे 300 माना जाएगा
 
(ii) यदि (पी/2) X क्यू/300 10,000 से कम है, तो इसे 10,000 के रूप में लिया जाएगा। 
जिसे 10,000 रुपये के न्यूनतम सुनिश्चित भुगतान के साथ-साथ लागू महंगाई राहत (डीआर) तक बढ़ाया जाएगा, क्योंकि बेंचमार्क कॉर्पस का पूरा मूल्य व्यक्तिगत कॉर्पस से पूल कॉर्पस में जमा किया गया है।
 
परिदृश्य 3 (क): कर्मचारी (i), (iii) और (iv) शर्तों को पूरा करता है। कर्मचारी ने आंशिक निकासी की। कर्मचारी के पास 10 साल (120 महीने) की अर्हक सेवा (अंशदान के महीनों की संख्या के आधार पर) है।
 
  • सेवानिवृत्ति पर कर्मचारी के व्यक्तिगत कॉर्पस का मूल्य 22,00,000 रुपये (8,800 यूनिट) (आईसी के रूप में चिह्नित) है।
  • बेंचमार्क कॉर्पस का मूल्य 25,00,000 रुपये (10,000 यूनिट) (बीसी के रूप में चिह्नित) होगा।
  • कर्मचारी का सुनिश्चित भुगतान होगा
   
(i) यदि क्यू 300 से अधिक है, तो इसे 300 माना जाएगा
 
(ii) यदि (पी/2) X क्यू/300 10,000 से कम है, तो इसे 10,000 के रूप में लिया जाएगा।
 
 
इस मामले में पेंशन 8800 रुपये के साथ लागू महंगाई राहत (डीआर) होगी, क्योंकि व्यक्तिगत कॉर्पस से पूल कॉर्पस में पूर्ण कॉर्पस जमा नहीं किया गया है।
 
परिदृश्य 4: कर्मचारी (i), (ii), (iv) और (v) शर्तों को पूरा करता है। कर्मचारी के सभी अंशदान नियमित रूप से जमा नहीं किए गए हैं और जमा में कुछ चूक शामिल हैं, जिन्हें कर्मचारी द्वारा ठीक/व्यवस्थित नहीं किया गया है।
 
  • सेवानिवृत्ति पर कर्मचारी के व्यक्तिगत कोष का मूल्य 45,00,000 रुपये (9,000 यूनिट) (आईसी के रूप में चिह्नित) है।
  • बेंचमार्क कॉर्पस का मूल्य 50,00,000 रुपये (10,000 यूनिट) (बीसी के रूप में चिह्नित) है। जमा में हुई चूक के लिए औसत अंशदान को ध्यान में रखते हुए बेंचमार्क कॉर्पस तैयार किया गया है।
  • कर्मचारी का सुनिश्चित भुगतान होगा 
(i) यदि क्यू 300 से अधिक है, तो इसे 300 माना जाएगा
(ii) यदि (पी/2) X क्यू/300 10,000 से कम है, तो इसे 10,000 के रूप में लिया जाएगा।
 
 में लागू महंगाई राहत (डीआर) जोड़कर।
 
परिदृश्य 5: कर्मचारी (1) से (iv) तक शर्तों को पूरा करता है। कर्मचारी ने आंशिक निकासी की, वेंचमार्क कॉर्पस की तुलना में जिसका मूल्य सेवानिवृत्ति से पहले कर्मचारी द्वारा वापस नहीं किया गया है।
  • सेवानिवृत्ति पर कर्मचारी के व्यक्तिगत कॉर्पस का मूल्य 40,00,000 रुपये (8,000 यूनिट) (आईसी के रूप में चिहिनत) है।
  • बेंचमार्क कॉर्पस का मूल्य 50,00,000 रुपये (10,000 यूनिट) (बीसी के रूप में चिह्नित) है। कोई आंशिक निकासी नहीं होने पर विचार करते हुए बेंचमार्क कॉर्पस तैयार किया जाएगा।
  • कर्मचारी का सुनिश्चित भुगतान होगा
 
(i) यदि क्यू 300 से अधिक है, तो इसे 300 माना जाएगा
(ii) यदि (पी/2) X क्यू/300 10,000 से कम है, तो इसे 10,000 के रूप में लिया जाएगा।
 
 
परिदृश्य 6: कर्मचारी (i), (ii), (iii) और (v) शर्तों को पूरा करता है। कर्मचारी ने व्यक्तिगत कॉर्पस में निवेश विकल्पों का विकल्प चुना और व्यक्तिगत कॉर्पस का मूल्य बेंचमार्क कॉर्पस से अधिक है
 
  • सेवानिवृत्ति पर कर्मचारी के व्यक्तिगत कॉर्पस का मूल्य 55,00,000 रुपये (11,000 यूनिट) (आईसी के रूप में चिह्नित) है।
  • बेंचमार्क कॉर्पस का मूल्य 50,00,000 रुपये (10,000 यूनिट) (बीसी के रूप में चिह्नित) है। निवेश के 'डिफॉल्ट पैटर्न' के आधार पर बेंचमार्क कॉर्पस तैयार किया गया है।
  • कर्मचारी का सुनिश्चित भुगतान होगा
(i) यदि क्यू 300 से अधिक है, तो इसे 300 माना जाएगा
(ii) यदि (पी/2) X क्यू/300 10,000 से कम है, तो इसे 10,000 के रूप में लिया जाएगा। 
 
में लागू महंगाई राहत (डीआर) जोड़कर।
 
इस मामले में, कर्मचारी को सेवानिवृत्ति पर अपने नामित बैंक खाते में बेंचमार्क कॉर्पस (यानी 5,00,000 रुपये) की तुलना में व्यक्तिगत कॉर्पस का अतिरिक्त मूल्य मिलेगा।
 
परिदृश्य 7: कर्मचारी (i), (ii), (iii) और (v) शर्तों को पूरा करता है। कर्मचारी ने व्यक्तिगत कॉर्पस में निवेश विकल्पों का विकल्प चुना और व्यक्तिगत कॉर्पस का मूल्य बेंचमार्क कॉर्पस से कम है।
 
(क) यदि कर्मचारी व्यक्तिगत कॉर्पस की भरपाई नहीं करता है:
 
  • सेवानिवृत्ति पर कर्मचारी के व्यक्तिगत कॉर्पस का मूल्य 45,00,000 रुपये (9,000 यूनिट) (आईसी के रूप में चिह्नित) है; चूंकि कर्मचारी द्वारा प्रयोग किए गए निवेश विकल्पों के कारण, कर्मचारी ने बेंचमार्क कॉर्पस की तुलना में व्यक्तिगत कॉर्पस के मूल्य की भरपाई नहीं की।
  • बेंचमार्क कॉर्पस का मूल्य 50,00,000 रुपये (10,000 यूनिट) (बीसी के रूप में चिह्नित) है। निवेश के 'डिफॉल्ट पैटर्न' के आधार पर बेंचमार्क कॉर्पस तैयार किया गया है।
  • कर्मचारी का सुनिश्चित भुगतान होगा 
 
(i) यदि क्यू 300 से अधिक है, तो इसे 300 माना जाएगा
(ii) यदि (पी/2) X क्यू/300 10,000 से कम है, तो इसे 10,000 के रूप में लिया जाएगा।
 
में लागू महंगाई राहत (डीआर) जोड़कर।
 
(ख) यदि कर्मचारी आंशिक रूप से व्यक्तिगत कॉर्पस की भरपाई करता है:
 
  • सेवानिवृत्ति पर कर्मचारी के व्यक्तिगत कॉर्पस का मूल्य 45,00,000 रुपये (9,000 यूनिट) (आईसी के रूप में चिह्नित) है; कर्मचारी ने आंशिक रूप से व्यक्तिगत कॉर्पस में 2,50,000 रुपये तक भरपाई की, इसलिए कॉर्पस अब 47,50,000 रुपये (9,500 यूनिट) है।
  • बेंचमार्क कॉर्पस का मूल्य 50,00,000 रुपये (10,000 यूनिट) (बीसी के रूप में चिह्नित) है। निवेश के 'डिफॉल्ट पैटर्न' के आधार पर बेंचमार्क कॉर्पस तैयार किया गया है।
  • कर्मचारी का सुनिश्चित भुगतान होगा
(i) यदि क्यू 300 से अधिक है, तो इसे 300 माना जाएगा
(ii) यदि (पी/2) X क्यू/300 10,000 से कम है, तो इसे 10,000 के रूप में लिया जाएगा। 
 
 
ख. अधिवर्षिता या 25 वर्ष की अर्हक सेवा पूरी होने के पश्चात् स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति और एफआर 56 (ञ) के अंतर्गत सेवानिवृत्ति पर एकमुश्त भुगतान के व्याख्यात्मक उदाहरण
 
  • सेवानिवृत्ति के समय मूल वेतन और महंगाई भत्ता निम्नानुसार माना गया है:
  • अधिवर्षिता या वीआर या एफआर 56 (जे) के अंतर्गत सेवानिवृत्ति की तिथि के अनुसार मूल वेतन - ₹45,000
  • उस पर महंगाई भत्ता @ 53%   -   ₹23,850
  • कुल परिलब्धियां   -  ₹68,850
 
अर्हक सेवा की अवधि के आधार पर एकमुश्त राशिः
नोटः कोई एकमुश्त राशि देय नहीं होगी, यदि सेवा की अवधि 10 वर्ष (120 महीने से कम अंशदान) से कम है, क्योंकि ऐसे मामले में एकीकृत पेंशन योजना लागू नहीं है।
#Unified_Pension_Scheme #UPS #Gazette_Notification

Jan 22, 2025

Minister of Railways, Ashwini Vaishnaw to participate in World Economic Forum 2025 at Davos

केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) 2025 में भाग लेंगे। उनकी यात्रा से भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा परिकल्पित समावेशी और परिवर्तनकारी विकास को आगे बढ़ाने की भारत की प्रतिबद्धता का पता चलता है।

भारत का समावेशी विकास का मॉडल

दावोस रवाना होने से पहले श्री वैष्णव ने समाज के सभी वर्गों, खास तौर पर ऐतिहासिक रूप से प्रगति से वंचित लोगों के लिए विकास सुनिश्चित करने में भारत की प्रमुख कोशिशों पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "भारत के प्रधानमंत्री ने समावेशी विकास पर ध्यान केंद्रित किया है, जो समाज के सबसे निचले तबके के लोगों के जीवन में परिवर्तनकारी बदलाव लाता है। बैंक खातों के माध्यम से वित्तीय समावेशन से लेकर शौचालय, गैस कनेक्शन, नल का पानी जैसी आवश्यक सेवाएं प्रदान करने और ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे में सुधार करने तक, यह कुछ ऐसा है जिसे दुनिया समझना चाहती है।"

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि विश्व आर्थिक मंच में समावेशी विकास, सामाजिक, भौतिक और डिजिटल बुनियादी ढांचे में निवेश तथा प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण पर विस्तृत चर्चा होगी।

सुर्खियों में भारत की डिजिटल क्रांति

केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच 2025 के लिए रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की परिवर्तनकारी डिजिटल यात्रा में दुनिया की दिलचस्पी पर जोर दिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा, "दुनिया भारत की आर्थिक नीतियों, डिजिटल इंडिया कार्यक्रम द्वारा लाए गए डिजिटल बदलाव और समाज के सभी वर्गों के नागरिकों को सशक्त बनाने के लिए प्रौद्योगिकी के लोकतांत्रिकीकरण के तरीके को समझने के लिए उत्सुक है।"

डिजिटल इंडिया पहल के हिस्से के रूप में विकसित भारत के नवीन डिजिटल ढांचे ने समावेशी विकास को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने के लिए एक वैश्विक मानदंड स्थापित किया है, जो मंच पर चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु है।

डब्ल्यूईएफ 2025 में भारत की भागीदारी का उद्देश्य साझेदारी को मजबूत करना, निवेश आकर्षित करना और देश को सतत विकास और तकनीकी नवाचार में वैश्विक लीडर के रूप में स्थापित करना है।

Union Minister of Railways, Information & Broadcasting, Electronics and IT, Sh. Ashwini Vaishnaw to participate in World Economic Forum 2025 at Davos

Sh. Ashwini Vaishnaw to highlight India’s Development Model at Davos; India’s vision for inclusive growth and digital transformation to be key highlights at WEF 2025

Union Minister for Railways, Information & Broadcasting, and Electronics & Information Technology, Shri Ashwini Vaishnaw, will be participating in the World Economic Forum (WEF) 2025 at Davos. His visit highlights India’s commitment to driving inclusive growth and transformative development, as envisioned by the Prime Minister of India Shri Narendra Modi.

India’s model of Inclusive Growth

Before departing to Davos, Shri Vaishnaw emphasized India’s significant strides in ensuring development for all sections of society, particularly those historically left out of progress. “The Prime Minister of India has focused on inclusive development that brings transformative changes in the lives of those at the bottom of the pyramid. From financial inclusion through bank accounts to providing essential services like toilets, gas connections, tap water, and improving infrastructure in both rural and urban areas, this is something which the world wants to understand”, he stated.

The Union Minister mentioned that the will be a detailed discussion in the World Economic Forum about inclusive growth, about the investment in social, physical and digital infrastructure and on democratising technology.

India’s Digital Revolution in Spotlight

Union Minister Shri Ashwini Vaishnaw, ahead of his departure to the World Economic Forum 2025 in Davos, emphasized the global interest in India’s transformative digital journey under the leadership of the Prime Minister of India Shri Narendra Modi. “The world is keen to understand India’s economic policies, the digital transformation brought about by the Digital India programme, and the way technology has been democratized to empower citizens across all strata of society,” the Minister stated.

India’s innovative digital architecture, developed as part of the Digital India initiative, has set a global benchmark for leveraging technology to drive inclusive development, a key focus of discussions at the forum.

India’s participation in WEF 2025 aims to strengthen partnerships, attract investment, and position the country as a global leader in sustainable development and technological innovation.

RPF apprehends Bangladeshi and Rohingya to prevent illegal migration, since 2021

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 2021 से अब तक 586 बांग्लादेशी नागरिकों और 318 रोहिंग्या सहित 916 व्यक्तियों को सफलतापूर्वक पकड़ा है, जो देश की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जून और जुलाई 2024 में, आरपीएफ ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में 88 बांग्लादेशी और रोहिंग्या प्रवासियों को पकड़ा। इनमें से कुछ व्यक्तियों ने अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने की बात कबूल की और उन्हें कोलकाता जैसे गंतव्यों के लिए ट्रेन से यात्रा करते समय रोका गया।
अक्टूबर 2024 में, रिपोर्ट में बताया गया कि बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा से जुड़े उपायों को बढ़ाने के बावजूद, अवैध प्रवासी भारत में घुसपैठ करना जारी रखते हैं, असम को पारगमन मार्ग के रूप में और रेलवे को देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचने के लिए अपनी पसंदीदा यात्रा के रूप में उपयोग करते हैं। ये घटनाएं अवैध घुसपैठ के खिलाफ रेलवे नेटवर्क की निगरानी और सुरक्षा में भारतीय अधिकारियों के सामने आने वाली चुनौतियों को चिन्हित करती हैं। घुसपैठियों द्वारा रेलवे का उपयोग न केवल राज्यों में उनकी आवाजाही को सुविधाजनक बनाता है, बल्कि देश में अनधिकृत प्रवेश का पता लगाने और रोकने के प्रयासों को भी जटिल बनाता है।
उपरोक्त मुद्दे पर विचार करने के लिए, आरपीएफ ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), स्थानीय पुलिस और खुफिया इकाइयों जैसी प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करके अपने प्रयासों को तेज कर दिया है। विभिन्‍न एजेंसियों के बीच आंतरिक सहयोग के इस दृष्टिकोण ने परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि की है, जिससे अवैध प्रवास में शामिल व्यक्तियों की शीघ्र पहचान करना और हिरासत में लेना संभव हो पाया है।
अपने महत्वपूर्ण योगदान के बावजूद, आरपीएफ को पकड़े गए व्यक्तियों पर मुकदमा चलाने का सीधा अधिकार नहीं है। इसके बजाय, हिरासत में लिए गए व्यक्तियों को आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए पुलिस और अन्य अधिकृत एजेंसियों को सौंप दिया जाता है।
बांग्लादेश और म्यांमार जैसे पड़ोसी देशों में चल रही हाल के राजनीतिक उथल-पुथल और इन क्षेत्रों में भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और सामाजिक-धार्मिक कारकों के कारण भारत के सुदूर इलाकों में शरण, रोजगार और आश्रय की तलाश करने वाले लोगों की आमद हुई है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय बना हुआ है। जबकि रेलवे का उपयोग करने वाले घुसपैठियों की संख्या के सटीक आंकड़े सीमित हैं, हाल की रिपोर्टें बताती हैं कि अवैध प्रवासी अक्सर भारत के अन्य हिस्सों में जाने के लिए असम और त्रिपुरा जैसे क्षेत्रों से गुजरने के लिए रेलवे नेटवर्क का उपयोग करते हैं।
रेलवे सुरक्षा बल ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे को हल करने की चुनौती को स्वीकार किया है, तथा भारत की सीमाओं में घुसने का प्रयास करने वाले अवैध प्रवासियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ये व्यक्ति न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा की चिंता का विषय हैं, बल्कि बंधुआ मजदूरी, घरेलू नौकरानी, ​​वेश्यावृत्ति और यहां तक ​​कि अंग निकालने के लिए मानव तस्करी सहित शोषण के लिए भी अत्यधिक संवेदनशील हैं।

Railway Protection Force apprehends 586 bangladeshi and 318 rohingya to prevent illegal migration, since 2021

RPF collaborating with Border Security Force, local police, and intelligence units to secure railway networks against illegal infiltration

Railway Protection Force has successfully apprehended 916 individuals, including 586 Bangladeshi nationals and 318 Rohingya since 2021, showing their commitment to safeguard the nation. In June and July 2024, RPF apprehended 88 Bangladeshi and Rohingya migrants in areas under the Northeast Frontier Railway (NFR). Some of these individuals confessed to entering India illegally and were intercepted while traveling by train to destinations such as Kolkata.

In October 2024, reports highlighted that despite increased security measures along the Bangladesh border, illegal migrants continue to infiltrate India, using Assam as a transit route and railways as their preferred mode of travel to reach other parts of the country. These incidents underscore the challenges faced by Indian authorities in monitoring and securing railway networks against illegal infiltration. The use of railways by infiltrators not only facilitates their movement across states but also complicates efforts to detect and prevent unauthorized entry into the country.

For considering the above issue, the RPF has intensified its efforts by collaborating with key security agencies such as the Border Security Force (BSF), local police, and intelligence units. This inter-agency approach has significantly enhanced operational efficiency, enabling swift identification and detention of individuals involved in illegal migration.

Despite its significant contributions, the RPF is not directly empowered to prosecute apprehended individuals. Instead, detained persons are handed over to police and other authorized agencies for further legal proceedings.

In the light of recent political turmoil going on in the neighboring countries such as Bangladesh and Myanmar and geopolitical developments and socio-religious factors in these regions have led to an influx of individuals seeking refuge, employment, and shelter deep within India's hinterlands. It remains a significant concern for national security. While precise statistics on the number of infiltrators using railways are limited, recent reports indicate that illegal migrants often utilize railway networks to transit through regions like Assam and Tripura en route to other parts of India.

The Railway Protection Force has risen to the challenge of addressing this critical issue, playing a pivotal role in identifying and apprehending illegal migrants attempting to penetrate India's borders. These individuals are not only a matter of national security concern but are also highly vulnerable to exploitation, including human trafficking for bonded labor, domestic help, prostitution, and even organ harvesting.

  Disclaimer:The Information/News/Video provided in this Platform has been collected from different sources. We Believe that “Knowledge Is Power” and our aim is to create general awareness among people and make them powerful through easily accessible Information. NOTE: We do not take any responsibility of authenticity of Information/News/Videos.

Translate in your language