इज्जत नगर मंडल का काठगोदाम रेलवे स्टेशन ऐसे तो ए ग्रेड के स्टेशनों में शामिल हैं। लेकिन स्टेशन पर बने रेलवे कर्मचारियों के आवास जर्जर हो चुके हैं। सालों से इनकी सुध नहीं ली गई है। करीब पिछले दस वर्षो से न तो इन घरों का रंगरोगन हुआ है और न ही मरम्मत। वहीं अधिकारियों की ओर से आवासों की बदहाली को दुरुस्त करने किसी भी प्रकार का सुध नहीं लिए जाने के कारण मजबूर व लाचार कर्मचारी इस जर्जर भवन में घुट घुटकर जीने को मजबूर हैं। दरअसल काठगोदाम स्थित रेलवे कॉलोनी में रह रहे रेल कर्मचारियों की हालत बहुत ही बुरी बनी हुई हैं। कहने के लिए तो इन सरकारी कर्मचारियों के पास जिंदगी व्यतीत करने के लिए सरकारी आवासों की व्यवस्था है। लेकिन अगर देखा जाए तो इन सरकारी आवासों की दशा निजी झोपडिय़ों से भी खराब है।
टूट चुके हैं कमरों के फर्श
कर्मचारियों के आवासों का आलम यह है कि कही खिड़की टूटी है तो कही दरवाजे। घरों के अंदर व बाहर टूटे फर्श का हाल यह है कि खाली पैर इन पर चलना भी दुस्वार है। फर्श इस कदर टूटे हैं की छोटे बच्चों को घरों के अंदर जमीन पर खेलने के लिए भी नहीं छोड़ा जा सकता।
Source - Jagran

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