भारतीय रेल का कारनामा भी बड़ा निराला है। जाने-अनजाने यह एक बार टिकट खरीदकर चार बार यात्रा करने की सहूलियत दे रहा है। रेलवे द्वारा अधिकृत एजेंट को एडवांस में दी जाने वाली टिकटों में सिर्फ तारीख अंकित रहती है। समय प्रिंट नहीं होने से इसका कई बार उपयोग कर वे रेलवे को चूना लगा रहे हैं।
यह रेलवे का कारनामा है कि बैक डेट की टिकट पर मुहर लगाकर रांची से टोरी तक टिकट की बिक्री कर रहा है। रेलवे द्वारा अधिकृत एजेंट एडवांस में टिकट कटा लेते हैं और जरूरत अनुसार टिकट की बिक्री करते हैं। पर, रेलवे यह भूल जाता है कि जिस टिकट पर मुहर लगाकर बेचा जा रहा है, उस टिकट पर सिर्फ तारीख अंकित किया जाता है, समय नहीं। इसलिए टिकट पूरे दिन मान्य रहता है।
ऐसे में चार ट्रिप चलने वाली रांची-लोहरदगा-टोरी ट्रेन में टिकट का चार बार तक इस्तेमाल किया जा सकता है। कई यात्री तो इसका लाभ भी उठा रहे हैं। टिकट पर समय अंकित नहीं होने से रेलवे को मोटा चूना लग रहा है।
रेलवे का नहीं है ध्यान
इसके बावजूद रांची रेलवे का इस ओर कोई ध्यान नहीं जा रहा है। यही वजह है कि रांची से लोहरदगा -टोरी के बीच यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज नहीं हो पा रही है। इसके विपरीत ट्रेन में यात्रियों की संख्या में वृद्धि देखी जा सकती है। लोहरदगा ट्रेन में रेलवे के राजस्व में बढ़ोतरी दर्ज नहीं होने का भी प्रमुख कारण इसे माना जा सकता है। संभव है मामले की जानकारी होने के बाद रेलवे इस पर लगाम लगाए।
हालांकि, इस दिशा में कई बार टिकट चेकिंग अभियान भी चलाया गया है। कुछ लोग बिना टिकट के पकड़े भी जाते हैं। लेकिन, टिकट बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज नहीं होती है। अगर रेलवे इस व्यवस्था में कोई फेरबदल नहीं किया तो, इसी तरह मोटे नुकसान की मार झेलते रहना पड़ेगा।
बैक डेट की टिकट से किसी भी तरह की परेशानी नहीं है। एजेंट द्वारा लगाए गए मुहर की महत्ता अधिक है। फिलहाल एक ही टिकट से कई बार सफर करने की शिकायत नहीं मिली है। अगर ऐसा है, तो इस संदर्भ में आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।
Source - Jagran

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