
मधुबनी रेलवे स्टेशन पर विश्व का सबसे बड़ी पेंटिंग बनाई गई है. 7005 वर्ग फीट में बनी मधुबनी पेंटिंग ने मधुबनी रेलवे स्टेशन को एक अलग पहचान दी है. लेकिन विश्व की सबसे बडी पेंटिंग होने के बावजूद इस साल इस पेंटिंग का नाम गिनीज बुक आँप वर्ड रिकार्ड में दर्ज नहीं हो पाया.
मधुबनी पेंटिंग के ये कलाकार इसके लिए रेलवे अधिकारियों को जिम्मेदार बता रहे हैं. इन्होंने वर्ड रिकार्ड के लिए इसका रजिस्ट्रेशन ही नहीं कराया है.
Also Read - HERE’S HOW THE QUALITY OF YOUR DIET AFFECTS YOUR MENTAL WELL BEINGश्रमदान की बदौलत 7005 स्क्वायर फीट में मधुबनी पेंटिंग बनकर तैयार है. परन्तु रेलवे अधिकारियों के लापरवाही के कारण मधुबनी के 182 कलाकारों को मायूसी हाथ लगी है. ये कलाकार भारत के सबसे गंदे स्टेशन को सबसे स्वच्छ बनाने के लिए दिन रात एक कर इतने बड़े क्षेत्र में पेंटिंग तैयार किया जो गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रेकॉड की तुलना में काफी ज्यादा है परन्तु रेल अधिकारियों ने महज कुछ रुपये बचाने के लिए गिनीज बुक के लिए इस कार्यक्रम का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया और जब मधुबनी स्टेशन पर 7005 स्क्वायर फिट में पेंटिंग बनकर तैयार हो गया है तो अधिकारी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरु करने की बात करते हैं.

अभी तक गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रेकॉड में 4566.1 स्क्वायर फिट में बनी पेंटिंग सबसे अधिक क्षेत्र में बना पेंटिंग है. समस्तीपुर के डीआरएम रवींद्र जैन ने बताया कि हमने अब रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. वहीं कलाकारों का कहना है कि रेल अधिकारियों ने हमारे साथ धोखा दिया है. हमलोगों को बताया गया था कि बढ़िया पेंटिंग बनाने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा लेकिन तेरह दिन का तेरह सौ रुपये देकर ठग लिया. हर कोई मिथिला पेंटिंग कलाकारों को ठगने का काम कर रहे हैं. वहीं, दसवीं मे पढ़ने वाली श्रुति ने बताया कि मैं दस दिन की पढ़ाई छोड़कर यहां अपनी मम्मी के साथ पेंटिंग बनाने आयी हुई थी ताकि हम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड मे शामिल हो सके लेकिन आज काफी मायूसी हो रही. मुझे समझ में नहीँ आ रहा है कि मैं जब स्कूल जाऊँगी तो अपने शिक्षक और दोस्तों को क्या कहूंगी.
02 अक्टूबर को शुरू हुआ मधुबनी पेंटिंग कार्यक्रम का शुरू हुआ था. अब यह बन कर तैयार हो गया है. भले ही गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम शामिल होने में दिक्कत हो रही है लेकिन मधुबनी रेलवे स्टेशन को इस पेंटिंग ने एक अलग पहचान दी है. स्टेशन की खूबसूरती देखते ही बनती है. रेलवे को और स्टेशनों पर इस तरह के प्रयोग करने चाहिए.
Source - Aaj Tak

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