सरायगढ़ और राघोपुर से सहरसा आने वाली ट्रेनों के लिए इंजन बदलने का झंझट नहीं रहेगा। सुपौल, गढ़ बरुआरी होकर ट्रेनें सहरसा पहुंच जाएंगी। इससे यात्रियों का आधा घंटा समय बच जाएगा।
निर्मली तरफ जाने वाली ट्रेनों के लिए बदलना पड़ेगा इंजन: सरायगढ़ से निर्मली तरफ जाने वाली ट्रेनों के लिए इंजन बदलना पड़ेगा। इंजन बदलना (रिवर्सल) तब नहीं पड़ेगा जब सरायगढ़ में बायपास का निर्माण हो जाएगा। रेलवे ने सरायगढ़ में बायपास निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेज दिया है।
सरायगढ़ और राघोपुर में रहेगा तीन प्लेटफार्म : सरायगढ़ और राघोपुर में तीन-तीन प्लेटफार्म व चार-चार रेललाइन रहेगी। ललितग्राम स्टेशन पर भी तीन प्लेटफार्म और चार लाइन रहेगी। निर्मली तक डिप्टी चीफ इंजीनियर डीएस श्रीवास्तव की मॉनिटरिंग में आमान परिवर्तन कार्य चल रहा है। फारबिसगंज तक डिप्टी चीफ इंजीनियर संजय कुमार की मॉनिटरिंग में आमान परिवर्तन कार्य किया जा रहा है।
सरायगढ़ से तीन रूट में जाएगी ट्रेन : सरायगढ़ से तीन रूट में ट्रेन जाएगी। सरायगढ़ से सहरसा, निर्मली और राघोपुर रूट में ट्रेन जाएगी। सरायगढ़ से चली ट्रेन कोसी पुल होकर आसनपुर कुपहा स्टेशन पर रुकेगी। सरायगढ़ और ललितग्राम में बायपास निर्माण के लिए रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजा गया है। बायपास निर्माण से निर्मली तरफ से आने वाली ट्रेन सरायगढ़ स्टेशन नहीं जाकर सरायगढ़ बायपास होकर सहरसा के लिए चली आएगी। ललितग्राम बायपास होकर बिना इंजन रिवर्सल के ट्रेन सीधे सरायगढ़ चली जाएगी। बायपास मार्ग से मालगाड़ी को गुजारने की भी योजना है। इससे रेललाइन क्लीयर रहेगी। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि इंजन रिवर्सल नहीं करना पड़े इसके लिए सरायगढ़ और ललितग्राम में बायपास निर्माण के लिए रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजा गया है। उधर, सहायक मंडल अभियंता मनोज कुमार ने बुधवार को सुपौल से सरायगढ़ तक मोटर ट्राली से जायजा लिया। इस दौरान चल रहे आमान परिवर्तन कार्य को देखा। उनके साथ सीनियर सेक्शन इंजीनियर प्रभात कुमार सहित अन्य थे।
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