अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर धनबाद स्टेशन का नजारा पूरी तरह से महिलामय नजर आया। धनबाद-सिंदरी पैसेंजर की बागडोर पूरी तरह से महिलाओं के जिम्मे सौंपा गया था। महिला लोको पायलट जानकी बी बारी और सहायक लोको पायलट वंदना कुमारी ने ट्रेन चलाई तो गार्ड की भूमिका में महिला गार्ड अल्वीना मरांडी तैनात थीं। सिंदरी पैसेंजर में टिकट चेकिंग के लिए महिला टीटीई पी मिंज, मंजू टेटे व सीमा कुजूर को लगाया गया था। सिंदरी पैसेंजर में महिला टीटीई ने 16 बेटिकटों को पकड़ा गया। उनसे 4,160 रुपए जुर्माना वसूला गया।
रविवार को स्टेशन के हर मोर्चे पर महिला रेलकर्मी तैनात दिखीं। मुख्य गेट से लेकर हर प्लेटफॉर्म पर दिनभर महिला टीटीई व टीसी टिकट चेकिंग में जुटी रहीं। यात्रियों के लिए उपलब्ध अन्य सेवाओं में भी महिलाओं की भागीदारी दिखी। अनारक्षित बुकिंग काउंटर की सेवा शत प्रतिशत महिलाओं के जिम्मे थी। काउंटरों पर पूरी विनम्रता से यात्रियों को जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही थी। वहीं पूछताछ काउंटर पर भी महिला कर्मी ही ट्रेनों की स्थितियों की जानकारी दे रही थीं। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी महिलाओं ने साबित किया कि वे धनबाद जैसे भीड़ वाले स्टेशन का संचालन बखूबी कर सकती हैं।
महिला स्टेशन मास्टर ने ट्रेनों का संचालन
बुकिंग और टिकट चेकिंग में अन्य दिन भी महिलाओं के चेहरे नजर आते हैं, लेकिन रविवार को सबको निर्णय लेने की पूरी छूट दी गई थी। इसी तरह ट्रेन ऑपरेशन की जिम्मेवारी में भी महिला स्टेशन मास्टरों ने अपनी भूमिका निभाई। उन्होंने अपने विवेक से धनबाद पहुंचने वाली ट्रेनों का प्लेटफॉर्म तय किया। स्टेशन की सुरक्षा की जिम्मेवारी भी महिला आरपीएफ संभाल रही थीं। ट्रेनों और स्टेशनों की साफ-सफाई का जिम्मेवारी भी महिला रेलकर्मी ही संभाल रही थीं।
Source - Hindustan Times

No comments:
Post a Comment