भारतीय रेलवे अपने को लगातार बदल रहा है. इनमें हाईस्पीड ट्रेन से लेकर, टिकट बुकिंग की एडवांस सुविधा और रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं. वित्त वर्ष 2018-19 में कई ऐसी उपलब्धियां रहीं, जो भारतीय रेलवे के इतिहास में पहली बार हुईं. आइए जानते हैं रेलवे की ऐसी 5 उपलब्धियां जो मील का पत्थर साबित हुईं...
इंडियन रेलवे वंदे भारत एक्सप्रेस पूरी तरह से मेड इन इंडिया ट्रेन है. Train 18 दिल्ली और वाराणसी के बीच 160kmph की रफ्तार से दौड़ने के लिए तैयार है. 16 कोच वाली इस ट्रेन को केवल 18 महीनों में चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ने तैयार किया है. इसकी लागत 97 करोड़ रुपये आई है.यह भारत की पहली इंजनलेस ट्रेन है.
मेक इन इंडिया डील के तहत भारतीय रेलवे को उसका पहला 12 हजार हॉर्सपावर इंजन मिला.मधेपुरा में बने इस इंजन में एबीबी ट्रांसफॉर्मर लगाया गया है. यह ट्रेन को 120 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार देगा. इतनी रफ्तार को संभालने के लिए ट्रेन में क्नोर-ब्रेम्से ब्रेकिंग सिस्टम लगा है.
भारतीय रेलवे ने एयरपोर्ट की तर्ज पर कई सारे रेलवे स्टेशन का सौंदर्यीकरण किया है. इन स्टेशन्स पर LED लाइट, लिफ्ट, एस्केलेटर्स, एटीएम जैसी सुविधाएं दी है. रिवैम्प हुए स्टेशन में से कुछ स्टेशन हैं नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, जयपुर जंक्शन, लोनावला स्टेशन और हरिद्वार स्टेशन आदि.
IRCTC ने अपनी वेबसाइट को रिवैम्प कर बहुत से नए फीचर उसमें जोड़े. IRCTC ने वेटिंगसलिस्ट देखने जैसे फीचर अपनी वेबसाइट में जोड़े हैं.
भारतीय रेल के 3 कोच - रेल कोच फैक्टरी, इंटिग्रल कोच फैक्टरी और मॉडर्न कोच फैक्टरी ने पिछले साल का 4470 कोच का रिकॉर्ड तोड़कर इस साल 6037 कोच बनाए. इस साल कोचेस की संख्या पिछले साल के मुकाबले 35 फीसदी ज्यादा थी.
Source - Financial Express

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