देश की राजधानी के आनंद विहार और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर अब यात्रियों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मिलेंगी। यहां यात्रियों की सुविधा के लिए एयरकंडीशंड लाउंज, बैठने के लिए स्टील की बेंच, स्वच्छ पेय जल, डीलक्स टॉयलेट के साथ ही एराइवल और डिपार्चर एरिया को अतिक्रमण मुक्त किया गया है। इसके अलावा स्टेशन के बाहर पार्क में सुंदर पौधे लगाए गए हैं।
इन सुविधाओं के कारण इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल ने दोनों को ग्रीन स्टेशन के रूप में मान्यता दे दी है। जल्द ही इन्हें प्रमाण पत्र दिया जाएगा। स्टेशनाें पर सोलर पैनल से चलने वाली एलईडी लाइटें, पंखे, वाई-फाई की सुविधा भी दी गई है। रेलवे बजट में दोनों स्टेशन को विश्वस्तरीय स्टेशन बनाने की घोषणा की गई थी।
स्टेशनों की खाली जगहों को भी विकसित किया जाएगा : उत्तर रेलवे ने यह लक्ष्य हासिल करने का काम भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम (आईआरएसडीसी) को दिया था। आनंद विहार स्टेशन से औसतन 104 गाड़ियों का परिचालन रोज होता है और लगभग एक लाख यात्री आवागमन करते हैं। दूसरे चरण में स्टेशनों की खाली जगहों को भी विकसित करने के लिए योजना बनाई गई है।
इन आधार पर दी जाती है ग्रीन बिल्डिंग की मान्यता
इमारतों का विश्लेषण इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल करती हैं और कई पैरामीटर के आधार पर ग्रीन रेटिंग देती है। जिसमें भवन निर्माण सामग्री, हवा का आवागमन, पानी और अपशिष्ट जल के निर्माण और प्रबंधन की ऊर्जा क्षमता, कार्बन उत्सर्जन को रोकने के लिए आवश्यक पेड़-पौधे, सोलर एनर्जी आदि जैसे मानक होते हैं।
दिल्ली मंडल के डीआरएम आरएन सिंह ने कहा, "आनंद विहार और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन को रेनोवेट कर पूरी तरह से प्रदूषणरहित बनाया गया है। दोनों स्टेशनों पर वायु, ध्वनि प्रदूषण के लिए आवश्यक मानक पूरे किए गए हैं। साथ ही उर्जा बचत, जल संचय व दूषित जल का निष्पादन करने के भी इंतजाम किए गए हैं।"
Source - Dainik Bhaskar

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