भारतीय रेल (Indian Rail) के डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर यानि DFC के वेस्टर्न कॉरिडोर पर रेवाड़ी से मदार के बीच मालगाड़ियों का ट्रायल रन शुरू हो गया है. यह सेक्शन 306 किलोमीटर लंबा है और इसपर डबल स्टैक की मालगाड़ी दौड़नी शुरू हो गयी है, यानी एक के ऊपर रखे गए कंटेनर वाली मालगाड़ी है. यही नहीं इस कॉरिडोर पर ऐसी दो मालगाड़ी एक साथ जुड़कर चल सकती हैं और वो भी 100 किलोमीटर की रफ्तार से चल सकेंगी. DFC मालगाड़ियों के चलने के लिए बनाई गई रेल लाइन है. इसे भारतीय रेल के लिहाज से ऐतिहासिक प्रोजेक्ट माना जाता है. इससे न केवल माल ढुलाई सस्ती और समय पर होगी बल्कि ये पैसेंजर ट्रेनों को भी चलने के लिए खाली जगह देगा और ट्रेनें समय पर चल पाएंगी.
आपको बता दें कि DFC का बड़ा योगदान भारत की अर्थव्यवस्था पर होगा. यह माल ढुलाई को इतना सस्ता कर देगा. माना जा रहा है कि दिसंबर 2021 तक दोनों ही DFC के पूरी तरह ऑपरेशनल होने के बाद भारत का लॉजिस्टिक कॉस्ट 9% तक आ जायेगा. यह फिलहाल 15% के आसपास है.
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर यानि DFC के बारे में जानिए....
DFC के लिए वेस्टर्न कॉरिडोर पर ओवर हेड वायर को पटरी से 7.4 मीटर की ऊंचाई पर लगाया गया है. ट्रायल रन के बाद इसपर कमर्शियल रन (Commercial run on DFC) शुरू होगा. माना जा रहा है कि जल्द ही PM मोदी इसका उद्घाटन कर सकते हैं. वेस्टर्न कॉरिडोर पर रेवाड़ी से पालनपुर तक 650 किलोमीटर का सेक्शन मार्च 2020 तक बनकर तैयार हो जाएगा.
Source - News 18

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