प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत का पहला रेल और परिवहन विश्वविद्यालय- राष्ट्रीय रेल तथा परिवहन संस्थान (एनआरटीआई) के लिए कुलपति पद के सृजन को स्वीकृति दे दी है।
कुलपति संस्थान के प्रधान कार्यकारी अधिकारी होंगे, संस्थान के मामलों की सामान्य देखरेख और नियंत्रण का कार्य करेंगे और मानित विश्वविद्यालय के रूप में संस्थान के अधिकारियों के निर्णयों को लागू करने के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी होंगे।
एनआरटीआई ने 2 पूरी तरह आवासीय स्नातक पाठ्क्रमों-परिवहन टेक्नोलॉजी में बीएससी तथा परिवहन प्रबंधन में डीवीए- के लिए 20 राज्यों के 103 विद्यार्थियों के साथ पहला बैच प्रारंभ किया। 5 सितंबर, 2018 से कक्षाएं प्रारंभ हुईं। तीन वर्षीय डिग्री प्रोग्राम के पाठ्यक्रम अंतरविषयी और विश्व के अग्रणी संस्थानों के मानक के अनुरूप हैं। पाठ्यक्रम पाउंडेशन, कोर तथा एलेक्टिव हैं। एनआरटीआई का उद्देश्य संयुक्त शोध तथा फैकल्टी और विद्यार्थी आदान-प्रदान के क्षेत्र में अग्रणी अंतररार्ष्टीय संस्थानों के साथ सहयोग करना है। एनआरटीआई ने अमेरिका के कॉर्नेल यूनिवसिर्टी,यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया बर्कले, एमआईआईटी, मास्को तथा सेंट पीटर्सबर्ग ट्रांस्पोर्ट यूनिवर्सिटी, रूस के साथ समझौता ज्ञापन किया है।
पृष्ठभूमि
एनआरटीआई प्रधानमंत्री मोदी का विजन है और इसका फोकस परिवहन संबंधी शिक्षा, बहुविषयी अनुसंधान और प्रशिक्षण पर है। इसकी स्थापना 2018 में नई श्रेणी के अंतर्गत मानित विश्वविद्यालय के रूप में की गई ताकि रेल और परिवहन क्षेत्र के लिए बेहतर संसाधन का पूल बनाया जा सके।
Source - PIB

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