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Sep 11, 2026

Cabinet ने 9 राज्यों में ₹20,804 करोड़ के 8 Railway Multi-Tracking Projects मंजूर किए

 

Union Cabinet ने Indian Railways की capacity बढ़ाने के लिए आठ multi-tracking projects को मंजूरी दी है। कुल अनुमानित लागत ₹20,804 करोड़ है और projects नौ राज्यों में लगभग 1,196 km अतिरिक्त railway track capacity जोड़ेंगे।

इन projects का एक package Tamil Nadu, Andhra Pradesh, Karnataka और Telangana में है, जबकि दूसरा package West Bengal, Jharkhand, Odisha, Madhya Pradesh और Chhattisgarh में है। Eastern/Central package में Kharagpur–Jharsuguda fourth line, Katni–Pendra Road fourth line और Bilaspur (Uslapur)–Pendra Road third line शामिल हैं।

Projects का उद्देश्य high-density routes पर congestion कम करना, freight और passenger movement के लिए additional capacity बनाना तथा operational flexibility बढ़ाना है। Government estimates के अनुसार सभी आठ projects मिलकर freight-handling capacity में लगभग 74 million tonnes per annum की वृद्धि में मदद कर सकते हैं।

Sep 1, 2026

Railway Board के Chairman & CEO Satish Kumar को एक वर्ष का दूसरा Extension, कार्यकाल अब 31 अगस्त 2027 तक

 Date/Source Context: ACC approval dated 27 July 2026; नया contractual tenure 1 September 2026 से 31 August 2027.

Railway Board के Chairman & CEO Satish Kumar को एक और वर्ष के लिए extension दिया गया है। Appointments Committee of the Cabinet (ACC) ने उनके tenure को 1 सितंबर 2026 से अगले एक वर्ष के लिए contractual re-employment basis पर जारी रखने को मंजूरी दी है। यह extension Indian Railway (Selection to Senior Posts) Rules, 2025 में relaxation के साथ दिया गया है। 

Aug 31, 2026

RRB JE/DMS Recruitment 2026 में आवेदन जारी, 13 सितंबर अंतिम तारीख

 Railway Recruitment Boards की CEN No. 04/2026 के तहत Junior Engineer और Depot Material Superintendent के लिए recruitment process चल रहा है। Detailed notification अगस्त 2026 में जारी होने के बाद online applications 14 अगस्त से शुरू हुई हैं और वर्तमान schedule के अनुसार 13 सितंबर 2026 रात 11:59 बजे application submission की अंतिम तारीख है।

मूल notification में 3,993 vacancies घोषित की गई थीं। बाद में corrigendum के संबंध में उपलब्ध updated recruitment information में Chemical & Metallurgical Assistant (CMA) से जुड़ा additional provision भी सामने आया है; इसलिए applicants को केवल पुराने vacancy figures पर निर्भर रहने के बजाय latest CEN/corrigendum देखना चाहिए।

JE/DMS posts के लिए prescribed qualification, RRB preference और post-wise eligibility अलग-अलग हो सकती है। CBT, Document Verification और Medical Examination की आगे की dates बाद में घोषित की जानी हैं।

Compassionate Appointment में Educational Qualification बाद में पूरी करने वालों को राहत

 Railway Board ने RBE No. 64/2026 dated 10 August 2026 के माध्यम से compassionate appointment से जुड़े educational qualification के एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर clarification जारी किया है।

अब ऐसे मामलों पर भी विचार किया जा सकता है जिनमें applicant के पास initial application के समय prescribed minimum educational qualification नहीं थी, लेकिन उसने निर्धारित सामान्य समय-सीमा के भीतर वह qualification हासिल कर ली।

सामान्य समय-सीमा के रूप में Board ने मृत्यु/medical invalidation की तारीख से 5 वर्ष, अथवा यदि applicant minor के रूप में registered था तो majority प्राप्त करने के बाद 2 वर्ष की सीमा का उल्लेख किया है। अन्य eligibility conditions और compassionate appointment के लागू नियम फिर भी पूरे करने होंगे।

Railway Employees के परिवारों के लिए क्यों महत्वपूर्ण?

Compassionate appointment उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण व्यवस्था है जिनके कर्मचारी की service के दौरान मृत्यु या medical invalidation के कारण परिवार को रोजगार संबंधी सहायता की आवश्यकता होती है। Qualification बाद में हासिल करने वाले eligible applicants के मामलों में यह clarification व्यावहारिक राहत दे सकता है।

Practical Update

ऐसे pending cases में संबंधित Personnel Department से यह जांचना उपयोगी होगा कि applicant ने qualification निर्धारित समय-सीमा के भीतर हासिल की है या नहीं और बाकी eligibility conditions पूरी होती हैं या नहीं।

Source: Railway Board RBE No. 64/2026

20 वर्ष से अधिक सेवा वाले Non-Gazetted Railway Employees के Request Transfer को मिलेगी प्राथमिकता

Railway Board ने RBE No. 61/2026 dated 22 July 2026 के माध्यम से Non-Gazetted Railway employees के own-request transfer के लिए एक नई priority व्यवस्था तय की है। इसका लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा जिन्होंने 20 वर्ष से अधिक की regular service पूरी कर ली है।

नई व्यवस्था में ऐसे कर्मचारियों के transfer requests को HRMS के माध्यम से अलग priority list में रखा जाएगा। प्रत्येक महीने की पहली तारीख को eligible employees की consolidated priority list तैयार की जाएगी और इसमें regular service की अवधि को प्राथमिकता का आधार बनाया जाएगा। उपलब्ध vacancies के अनुसार transfer orders HRMS के माध्यम से priority क्रम में जारी किए जाने की व्यवस्था है।

Aug 27, 2026

Samastipur Division में flood preparedness को मजबूत किया गया

 संभावित बाढ़ और अत्यधिक वर्षा से उत्पन्न operational risks को देखते हुए East Central Railway के Samastipur Division में vulnerable railway locations की निगरानी और safety preparedness को मजबूत किया गया है।

संवेदनशील क्षेत्रों में railway track तथा bridges की निगरानी, field inspection और emergency response arrangements पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि मौसम संबंधी किसी भी खतरे की स्थिति में railway operations और passenger safety को प्रभावित होने से बचाया जा सके।

कर्मचारियों के लिए महत्व

Engineering, operating, safety, patrol तथा disaster-management से जुड़े कर्मचारियों के लिए timely reporting और prescribed safety procedures का पालन अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Practical Update

Monsoon-related instructions, vulnerable locations और emergency communication arrangements से जुड़े latest divisional instructions को follow करना चाहिए।

Source: East Central Railway / Times of India

CAG Report में Railway Stations की passenger amenities और sanitation पर सवाल

 Comptroller and Auditor General of India की Report No. 31 of 2026 में Indian Railways के non-suburban railway stations पर passenger amenities और sanitation से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई है।

रिपोर्ट इस बात पर ध्यान केंद्रित करती है कि railway stations पर infrastructure के साथ-साथ basic passenger facilities, cleanliness, sanitation और maintenance standards को भी प्रभावी तरीके से बनाए रखना जरूरी है।

Aug 17, 2026

CBI Arrests Railway Engineer in Vijayawada red-handed while accepting Rs. 15 Lakh Bribe


Press Release www.cbi.gov.in


The Central Bureau of Investigation (CBI) has arrested Sr. Section Engineer, O/o. the Chief Signal & Telecommunications Engineer (CSTE) Projects, South Central (S.C.) Railway, Vijayawada and a private person, in a bribery case.

Aug 13, 2026

महाप्रबंधक ने मध्य रेल के 12 कर्मचारियों को संरक्षा पुरस्कार प्रदान किए

 *महाप्रबंधक ने मध्य रेल के 12 कर्मचारियों को संरक्षा पुरस्कार प्रदान किए*

मध्य रेल के महाप्रबंधक श्री राजीव श्रीवास्तव ने दिनांक 11.08.2026 को सुरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित करने में उनकी सतर्कता, कर्तव्य के प्रति समर्पण एवं समय पर की गई कार्रवाई के सम्मान में मध्य रेल के 12 कर्मचारियों को संरक्षा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।

इन संरक्षा पुरस्कारों के माध्यम से ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों द्वारा दिखाई गई सूझबूझ और समर्पण की सराहना की गई, जिससे संभावित अप्रिय घटनाओं को टालने तथा यात्रियों और रेल परिचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिली। प्रत्येक पुरस्कार में पदक, प्रशंसा प्रमाणपत्र, अनुकरणीय संरक्षा कार्य के लिए प्रशस्ति-पत्र तथा नकद पुरस्कार शामिल है।

भारतीय रेलवे ने 19,700 किलोमीटर ट्रैक के किनारे लगाई सुरक्षा बाड़, पत्थरबाजी रोकने के लिए कई स्तरों पर कार्रवाई


नई दिल्ली, 12 अगस्त 2026: भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और रेल परिचालन को सुरक्षित बनाए रखने के लिए रेलवे ट्रैक के किनारे सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत किया है। रेलवे के अनुसार अब तक लगभग 19,700 किलोमीटर रेलवे ट्रैक के किनारे सुरक्षा बाड़ (Fencing) लगाई जा चुकी है। इसका उद्देश्य रेलवे ट्रैक पर अनधिकृत प्रवेश को रोकना तथा ट्रेनों के सुरक्षित संचालन में आने वाले जोखिमों को कम करना है।

रेलवे की ओर से यह जानकारी 12 अगस्त 2026 को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय रेल मंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव द्वारा दी गई।

पत्थरबाजी रोकने के लिए रेलवे की व्यापक रणनीति

चलती ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की घटनाओं को रेलवे गंभीर सुरक्षा चुनौती मानता है। यात्रियों के जीवन की सुरक्षा और रेलवे संपत्ति को नुकसान से बचाने के लिए रेलवे द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में कई निवारक उपाय किए जा रहे हैं।

Mar 17, 2026

Raipid Rail क्या है? कैसे बदलेगा शहरों का भविष्य | Delhi-Meerut RRTS पूरी जानकारी

दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर ने भारत में तेज और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की एक नई शुरुआत की है। इस परियोजना के माध्यम से अब लंबी दूरी का सफर बहुत कम समय में पूरा किया जा सकता है, जिससे महानगरों पर बढ़ते दबाव को कम करने की उम्मीद मजबूत हुई है। यह केवल एक परिवहन साधन नहीं, बल्कि शहरी विकास के नए मॉडल की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

दिल्ली से मेरठ के बीच लगभग 82 किलोमीटर की दूरी अब एक घंटे से भी कम समय में तय की जा रही है। इस बदलाव का सीधा असर लोगों की जीवनशैली पर पड़ रहा है, क्योंकि अब लोग बड़े शहरों में काम करते हुए भी दूर स्थित छोटे शहरों में रह सकते हैं। इससे रोजाना लंबी दूरी की यात्रा आसान और सुविधाजनक हो गई है।

रैपिड रेल के विस्तार से देश के अन्य बड़े शहरों जैसे मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता में भी इसी तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो लोग 80 से 100 किलोमीटर दूर स्थित शहरों में रहकर भी आसानी से अपने कार्यस्थल तक पहुंच सकेंगे। इससे छोटे शहरों का विकास तेज होगा और बड़े शहरों में जनसंख्या का दबाव कम होगा, जिससे संतुलित शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा।

जब लोगों को तेज और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा, तो निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी। इसका सीधा प्रभाव ट्रैफिक जाम और प्रदूषण पर पड़ेगा। महानगरों में भीड़ कम होने से वहां की जीवन गुणवत्ता बेहतर हो सकती है और अनधिकृत बस्तियों तथा झुग्गियों की समस्या में भी कमी आ सकती है।

रैपिड रेल के संचालन से भारतीय रेलवे पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। वर्तमान में रेलवे को छोटी दूरी के लिए भी इंटरसिटी ट्रेनें चलानी पड़ती हैं, जिससे ट्रैक पर अतिरिक्त दबाव बनता है। रैपिड रेल शुरू होने के बाद छोटी दूरी के यात्रियों के लिए अलग व्यवस्था उपलब्ध होगी, जिससे रेलवे लंबी दूरी की ट्रेनों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेगा और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।

दुनिया के कई देशों में रैपिड रेल जैसी व्यवस्था पहले से सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। जर्मनी के बर्लिन, दक्षिण कोरिया के सियोल, फ्रांस के पेरिस और ब्रिटेन के लंदन में ऐसे नेटवर्क शहरी परिवहन को काफी सुगम बना चुके हैं। भारत में भी इसी दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं और दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल की अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा तथा औसत गति लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटा है, जो इसे बेहद प्रभावी बनाती है।

हालांकि इस परियोजना के सामने सबसे बड़ी चुनौती इसकी लागत और किराया है। दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल की लागत लगभग 375 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर बताई जाती है, जो इसे एक महंगी परियोजना बनाती है। ऐसे प्रोजेक्ट्स के लिए आमतौर पर ऋण लेना पड़ता है, जिसे चुकाने के लिए किराया तय किया जाता है। यदि किराया अधिक रखा जाता है, तो यह आम यात्रियों के लिए बोझ बन सकता है और इसकी उपयोगिता सीमित हो सकती है।

भविष्य में अन्य शहरों में रैपिड रेल परियोजनाएं शुरू करने से पहले सही योजना और मूल्यांकन करना बेहद जरूरी है। यदि किसी मार्ग पर पहले से ही एक्सप्रेस-वे या हाईवे उपलब्ध है, तो वहां इस तरह की परियोजना की उपयोगिता कम हो सकती है। इसलिए लागत, यात्री संख्या और वैकल्पिक परिवहन साधनों को ध्यान में रखते हुए ही निर्णय लेना चाहिए।

अंततः कहा जा सकता है कि रैपिड रेल भारत के शहरी परिवहन तंत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। यह न केवल यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाती है, बल्कि शहरों के संतुलित विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। हालांकि इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इसे कितनी अच्छी योजना, उचित किराया और व्यापक विस्तार के साथ लागू किया जाता है।

Jan 7, 2026

रेलवे ने बदली कई ट्रेनों की टाइमिंग, यात्रा से पहले नोट कर लें डिटेल

उत्तर रेलवे मुख्यालय ने नजीबाबाद से गुजरने वाली कई ट्रेनों के समय में बदलाव किया है। यह परिवर्तन 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। रेलवे बोर्ड द्वारा एक साल बाद किए गए इस बदलाव से टनकपुर-देहरादून एक्सप्रेस, लखनऊ-चंडीगढ़ सुपरफास्ट सहित कई ट्रेनों के आगमन समय में मामूली परिवर्तन हुआ है। यात्रियों को यात्रा से पहले नई समय-सारणी की जांच करने की सलाह दी गई है। ठहराव के समय में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

जी हां उत्तर रेलवे मुख्यालय बड़ौदा हाउस ने नजीबाबाद से होकर गुजरने वाली कुछ ट्रेनों के समय में परिवर्तन किया है। रेलवे बोर्ड ने यह बदलाव एक साल बाद किया है। नजीबाबाद रेलवे स्टेशन पर इन ट्रेनों का ठहराव दो से पांच मिनट है यानी स्टॉपेज के समय में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।

उत्तर रेलवे मुरादाबाद मंडल मुरादाबाद के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक आदित्य गुप्ता के अनुसार एक जनवरी 2026 से ट्रेनों के समय में परिवर्तन किया गया है। ट्रेन संख्या-15020 टनकपुर-देहरादून एक्सप्रेस ट्रेन के नजीबाबाद पहुंचने का समय पहले सुबह 03:05 बजे था, लेकिन अब 03:09 बजे हो गया है।

ट्रेन संख्या-12231 लखनऊ-चंडीगढ़ सुपरफास्ट सुबह 05:34 बजे आती थी, अब यह 05:32 बजे आती है। ट्रेन संख्या-14649 जयनगर से अमृतसर को जाने वाली सरयू यमुना एक्सप्रेस और ट्रेन संख्या-14673 पहले 07:44 बजे आती थी, अब ये दोनों ही ट्रेनें 07:45 बजे आती हैं।
ट्रेन संख्या-14113 सूबेदारगंज-देहरादून लिंक एक्सप्रेस पहले 09:05 बजे आती थी, अब इसका समय 08:42 बजे हो गया है। ट्रेन संख्या-12317 काेलकाता-अमृतसर सुपरफास्ट पहले 09:14 बजे, अब यह 09:12 बजे, ट्रेन संख्या-12092 काठगोदाम-देहरादून नैनी शाताब्दी पहले 09:46 बजे, अब यह 09:41 बजे, ट्रेन संख्या-54443 चंदौसी-ऋषिकेश पैसेंजर पहले सुबह 10:30 बजे, अब यह 10:25 बजे आती है।

ट्रेन संख्या-14229 प्रयागराज-न्यूऋषिकेश एक्सप्रेस ट्रेन पहले 11:49 बजे, अब यह 11:56 बजे आती है। ट्रेन संख्या-15211 दरभंगा-अमृतसर एक्सप्रेस पहले शाम 04:55 बजे आती थी, अब यह 04:30 बजे आती है।

ट्रेन संख्या-14603 सहरसा-अमृतसर एक्सप्रेस ट्रेन पहले शाम 05:10 बजे, अब 04:55 बजे, ट्रेन संख्या-13005 हावड़ा-अमृतसर पंजाब मेल पहले रात 11:32 बजे आती थी, 11:28 बजे आती है।

भारतीय रेल में बड़ा बदलाव: अब आधार वेरिफिकेशन के बिना सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक IRCTC पर टिकट बुक नहीं हो पाएगा

भारतीय रेल ने आरक्षण प्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव लागू कर दिया है जो खासकर IRCTC (Indian Railway Catering and Tourism Corporation) के ऑनलाइन टिकट बुकिंग सिस्टम को प्रभावित करेगा। नए नियम के तहत जिन यात्रियों के खाते में आधार वेरिफिकेशन नहीं है, वे सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक ट्रेन टिकट ऑनलाइन बुक नहीं कर पाएंगे — एक महत्वपूर्ण बदलाव जो 5 जनवरी 2026 से प्रभावी हो गया है।

नया नियम क्या कहता है?

अब अगर आपका IRCTC अकाउंट आधार से लिंक और वेरिफाई (जाँचा) नहीं है, तो:

  • आप आरक्षण खुलने के सबसे भीड़-भाड़ वाले समय (8:00 से 16:00) के दौरान टिकट नहीं बुक कर सकेंगे।

  • यह नियम केवल ऑनलाइन बुकिंग (IRCTC वेबसाइट या मोबाइल ऐप) पर लागू होता है — टिकट काउंटर (PRS) से बुकिंग पर फिलहाल कोई रोक नहीं है।

कब और कैसे लागू हुआ?

रेलवे ने यह बदलाव तीन चरणों में लागू किया है:

  1. 29 दिसंबर 2025: पहले चरण में गैर-आधार वेरिफाइड उपयोगकर्ताओं को सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक बुकिंग से रोका गया।

  2. 5 जनवरी 2026: अब यह समय बढ़ाकर 8:00 से 16:00 तक कर दिया गया है — यानी पूरे दिन का मुख्य बुकिंग समय सिर्फ आधार-वेरिफिकेशन वाले यात्रियों के लिए है।

  3. 12 जनवरी 2026: अंतिम चरण में यह नियम और भी कड़ा होकर 8:00 से मध्यरात्रि (00:00) तक लागू होने वाला है — यानी दिन भर ऑनलाइन टिकट सिर्फ आधार-जाँचे खातों से ही बुक होंगे।

इसका उद्देश्य क्या है?

रेल मंत्रालय के अनुसार इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य है:

✔️ टिकट बुकिंग सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाना
✔ बॉट, दलालों और फर्जी खातों के द्वारा टिकटों की होड़ को रोकना
✔ आम यात्रियों को आरक्षण के उच्च-मांग वाले समय में प्राथमिकता देना

‍ क्या करना होगा यात्रियों को?

यदि आप रेल टिकट ऑनलाइन बुक करना चाहते हैं, तो:

  • अपने IRCTC खाते में Aadhaar लिंक/वेरिफाई कर लें।

  • वेरिफिकेशन से जुड़े OTP को समय पर पूरा करें ताकि प्रमुख बुकिंग विंडो में टिकट बुक कर सकें।

अगर आपका खाता आधार से लिंक नहीं है, तो रात को 4 बजे के बाद या बाद के दिनों में आप बुकिंग कर सकते हैं — लेकिन आरक्षण खुलते ही टिकट तुरंत भर जाने की संभावना अधिक होती है, इसलिए आधार वेरिफिकेशन जल्दी कर लेना बेहतर है।

Jan 4, 2026

रेलवे कर्मचारियों के लिए कोटा में बैठक में महत्वपूर्ण फैसले

कोटा रेल मंडल में रेलवे कर्मचारियों की बेहतरी को लेकर एक अहम बैठक हुई, जिसमें कई निर्णायक कदम उठाए गए। बैठक में मेज़बान वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ के नेताओं और डिविजनल रेलवे मैनेजर (DRM) के बीच बात-चाल हुई, जिसमें कर्मचारियों के लिए फायदा-मंद निर्णय लिए गए।

मुख्य निर्णयों में शामिल हैं:
• पदोन्नति का लाभ: पिछले वर्ष कोटा मंडल में 3,000 से अधिक कर्मचारियों को पदोन्नति मिली और नए साल में भी 200 से अधिक कर्मचारियों को पदोन्नति प्रदान करने के निर्णय लिए गए।

• रेलवे कॉलोनियों का सुधार: सभी रेलवे कॉलोनियों के जीर्णोद्धार के लिए विस्तृत योजना तैयार करने का निर्णय हुआ, जिसे अगले छह महीनों के भीतर लागू किया जाना है।
• आवास व सुविधा सम्बन्धी निर्णय:

  • रेलवे कॉलोनियों के बाहर काम करने वाले कर्मचारियों को 25 किमी के दायरे में मौजूद बड़े स्टेशन पर परिवार सहित रहने की व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है।

  • विशेष रूप से रनिंग स्टाफ के लिए मोतीपुरा चौकी लॉबी को बंद करने के आदेश जल्द जारी किए जाएंगे।
    • रिक्त पदों पर नियुक्ति: विभागीय सहायक लोको पायलट के चयन रिक्तियों को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, साथ ही क्रू-रिव्यू में लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और अन्य ग्रुप सीएलआइ के पद सृजित किए जाएंगे।

बैठक में DRM और मजदूर संघ के पदाधिकारी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने कर्मचारियों के हितों की दिशा में कई पहलों को समर्थन दिया।

अगले छह महीनों में 8 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू — रेल मंत्री का बड़ा ऐलान

भारतीय रेलवे अपने यात्रियों के लिए एक और बड़ा बदलाव लाने जा रही है। रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि वंदे भारत का स्लीपर वर्जन जल्द ही देशभर में दौड़ना शुरू होगा।

️ पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जल्द परिचालन में

इस साल की शुरुआत में देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर दिखाई दी है और इसका संचालन गुवाहाटी से कोलकाता (हावड़ा/हावरा) के बीच शुरू करने की तैयारी चल रही है।

➤ लॉन्च तारीख:
रेल मंत्री के अनुसार, यह सेवा अगले 15–20 दिनों के भीतर शुरू हो सकती है और इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।

ट्रेन की खास बातें

  • ट्रेन 16 कोच वाली होगी और इसमें एसी स्लीपर सुविधाएँ होंगी।

  • यह ट्रेन लगभग 180 किमी/घंटा की अधिकतम गति पर दौड़ने में सक्षम होगी।

  • यात्री क्षमता करीब 823 बैठकों की होगी, जिनमें 3-AC, 2-AC और 1-AC श्रेणियाँ शामिल हैं।

  • सुविधा और सुरक्षा दोनों का विशेष ध्यान रखा गया है, जैसे कि स्वचालित ट्रेन संरक्षण प्रणाली (कवच), फायर सेफ्टी और एआई-आधारित कैमरे।

किराया और सुविधाएँ

रेल मंत्री ने कहा कि टिकट फेयर को औसत टिकट यात्री की जेब के अनुसार डिज़ाइन किया गया है। अनुमान के मुताबिक:

  • 3-AC: लगभग ₹2300 (भोजन सहित)

  • 2-AC: लगभग ₹3000

  • 1-AC: लगभग ₹3600

ये किराया हवाई यात्रा की तुलना में काफी सस्ता है, जिससे यात्रियों को बेहतर विकल्प मिल सकेगा।

आने वाले छह महीने में विस्तार

रेल मंत्रालय ने बताया है कि यह सिर्फ शुरुआत है। अगले 6 महीनों में 8 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू की जाएंगी और वर्ष के अंत तक इनकी संख्या 12 तक पहुंच सकती है।

यह कदम भारतीय रेलवे की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य है लंबी दूरी की रात्रीय यात्राओं को तेज़, आरामदायक और आधुनिक सुविधाओं से भरपूर बनाना।

Jan 3, 2026

प्रयागराज माघ मेला 2026: भारतीय रेलवे ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त ट्रेन ठहराव की घोषणा की

माघ मेला 2026 के सफल आयोजन और भारी भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने प्रयागराज के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर कई ट्रेनों के अस्थायी ठहराव (टेम्परेरी हॉल्ट) देने का निर्णय लिया है। इस कदम का उद्देश्य तीर्थयात्रियों और यात्रियों को बेहतर रेल सुविधाएं मुहैया कराना है ताकि वे आसानी से मेला स्थल तक पहुँच सकें। AajTak+1

क्या बदलाव होंगे?

✅ रेलवे प्रशासन ने प्रयागराज जंक्शन, प्रयागराज रामबाग और झूसी स्टेशनों पर कई प्रमुख लंबी दूरी की ट्रेनों को अस्थायी रूप से रुकने की अनुमति दी है। यह ठहराव सामान्यत: लगभग 2 मिनट का होगा और यह 1 जनवरी से 20–22 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा।

इस निर्णय के तहत कुल 7 जोड़ी यानी 14 ट्रेनों को इन स्टेशनों पर ठहरने की सुविधा दी जा रही है।
इनमें कई बड़ी एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं, जैसे पवन एक्सप्रेस, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, लिच्छवी एक्सप्रेस, उधना एक्सप्रेस आदि।

ठहराव कब और कहाँ मिलेगा?

रेलवे प्रशासन ने अलग-अलग तारीखों पर इन ट्रेनों को झूसी और रामबाग स्टेशनों पर ठहराव देने की योजना बनाई है ताकि माघ मेला में आने वाले यात्रियों को सुविधा हो।

उदाहरण के लिए:
जयनगर-लोकमान्य तिलक पवन एक्सप्रेस और लिच्छवी एक्सप्रेस जैसे ट्रेनें मेला अवधि के दौरान इन स्टेशनों पर रुकेंगी।
इसी तरह अन्य ट्रेनों के लिए भी विशिष्ट तारीखों में अस्थायी ठहराव दिया जाएगा ताकि श्रद्धालु आसानी से यात्रा कर सकें।

️ क्यों यह निर्णय लिया गया?

माघ मेला 2026 में लाखों श्रद्धालु संगम में स्नान और दर्शन के लिए आने वाले हैं। ऐसे में रेल व्यवस्था को अधिक भीड़ को संभालने के लिए सुचारु बनाना आवश्यक है। रेल प्रशासन ने यही सुनिश्चित करने के लिए ये अतिरिक्त ठहराव दिए हैं ताकि यात्री आसानी से ट्रेन से उतर सकें और अपनी यात्रा जारी रख सकें।

भारतीय रेल की नई समय-सारणी से यात्रियों को बड़ी राहत

भारतीय रेलवे ने 1 जनवरी 2026 से नई समय-सारणी लागू कर दी है, जिसका मुख्य लक्ष्य रेल मार्गों पर ट्रेनों की गति और संचालन को बेहतर बनाना है। इस बदलाव के तहत कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं:

1. तेज-तर्रार ट्रेनें

  • पूर्वोत्तर रेलवे ज़ोन में अब तीन नई वंदे भारत ट्रेनें और सात नई अमृत भारत ट्रेनें शामिल हो गई हैं।

  • यह बदलाव यात्रियों को तेज़, बेहतर और सुविधाजनक रेल सेवा देगा।

⏱️ 2. समय की बचत

  • कुल 62 मेल एक्सप्रेस ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई गई है, जिससे इन ट्रेनों पर कुल 653 मिनट की समय-बचत होगी।

  • इसके अलावा 55 पैसेंजर ट्रेनें भी तेज़ चलेंगी, जिससे और 712 मिनट बचेंगे।

  • इन सुधारों से यात्री दूरी तय करने में कम समय लगाएंगे और यात्रा का अनुभव बेहतर होगा।

3. रूट और टर्मिनल सुधार

  • कुछ ट्रेनों का टर्मिनल स्थान बदल दिया गया है और कुछ ट्रेन मार्गों को विस्तार भी दिया गया है।

  • उदाहरण के लिए, गोरखपुर-पीलीभीत-गोरखपुर एक्सप्रेस अब इज्जतनगर तक विस्तार से चलेगी।

4 से 21 जनवरी तक चक्रधरपुर रेल मंडल से 15 ट्रेनें रद्द, उत्कल एक्सप्रेस भी प्रभावित; जानें वजह

जनवरी महीने में ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक अहम सूचना सामने आई है। चक्रधरपुर रेल मंडल से गुजरने वाली कई ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव किया गया है। रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार 4 जनवरी से 21 जनवरी के बीच कुल 15 ट्रेनें रद्द की गई हैं, जबकि कुछ ट्रेनों के रूट में बदलाव किया गया है। इस सूची में लोकप्रिय उत्कल एक्सप्रेस भी शामिल है।

ट्रेनें रद्द होने की क्या है वजह?

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत आधुनिकीकरण और ट्रैक रखरखाव कार्य किया जा रहा है।
इस दौरान:

  • रेलवे ट्रैक की मरम्मत

  • सिग्नल प्रणाली का उन्नयन

  • सुरक्षा से जुड़े तकनीकी कार्य

किए जा रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द करना और कुछ के मार्ग बदलना आवश्यक हो गया।

रद्द की गई प्रमुख ट्रेनें

इस अवधि में रद्द होने वाली ट्रेनों में लंबी दूरी और एक्सप्रेस श्रेणी की ट्रेनें शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से:

  • उत्कल एक्सप्रेस

  • कुछ पैसेंजर और मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें

शामिल हैं, जिनका संचालन निर्धारित तिथियों पर नहीं होगा।

बदले गए रूट वाली ट्रेनें

कुछ ट्रेनों को पूरी तरह रद्द करने के बजाय उनके मार्ग परिवर्तित किए गए हैं। ये ट्रेनें वैकल्पिक रास्तों से होकर अपने गंतव्य तक पहुंचेंगी, जिससे यात्रा का समय प्रभावित हो सकता है।

यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि:

  • यात्रा से पहले PNR स्टेटस और ट्रेन शेड्यूल अवश्य जांच लें

  • IRCTC वेबसाइट, रेलवे ऐप या हेल्पलाइन से ताजा जानकारी प्राप्त करें

  • रद्द ट्रेन का टिकट होने पर रिफंड की सुविधा स्वतः या निर्धारित प्रक्रिया के तहत मिलेगी

कब तक रहेगा यह बदलाव?

यह व्यवस्था 4 जनवरी से 21 जनवरी तक प्रभावी रहेगी। कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से बहाल कर दिया जाएगा।


निष्कर्ष

चक्रधरपुर रेल मंडल में चल रहे विकास और सुरक्षा कार्यों के चलते यह अस्थायी असुविधा जरूरी मानी जा रही है। यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा की योजना बनाते समय इन बदलावों को ध्यान में रखें और अपडेट जानकारी के साथ ही सफर शुरू करें।

Dec 26, 2025

आज से महंगा होगा ट्रेन का सफर, रेल मंत्रालय ने जारी की नई टिकट दरों की अधिसूचना; देखें कितनी हुई बढ़ोतरी

भारतीय रेलवे ने 26 दिसंबर 2025 से देशभर में यात्री टिकटों के किरायों में बढ़ोतरी करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह बदलाव रेलवे द्वारा जारी नई टिकट दरों के तहत लागू होंगे और इसका असर खासकर लंबी दूरी की ट्रेनों पर देखा जाएगा।


नई दरें कब से लागू होंगी?

  • नई टिकट दरें 26 दिसंबर 2025 से बुकिंग की तारीख के आधार पर लागू होंगी।

  • यदि आपने 26 दिसंबर या उसके बाद टिकट बुक किया है, तो आपको नई कीमतें देना होगा।

  • पहले बुक किए गए टिकटों पर यह बदलाव नहीं लगेगा, भले ही यात्रा तारीख बाद की ही क्यों न हो।


टिकट किराया कितनी बढ़ा?

रेल मंत्रालय के अनुसार टिकट किराए को कुछ इस तरह बढ़ाया गया है:

साधारण (Ordinary/General Class)

  • 215 km तक: कोई बढ़ोतरी नहीं

  • 216–750 km: ~₹5 तक

  • 751–1250 km: ~₹10 तक

  • 1251–1750 km: ~₹15 तक

  • 1751–2250 km: ~₹20 तक
    यानि लंबी दूरी पर साधारण टिकट आम लोगों के लिए थोड़ा अधिक महंगा हुआ है।

मेल / एक्सप्रेस और अन्य श्रेणियाँ

  • Mail/Express (Non-AC): प्रति किमी ~2 पैसे

  • AC कोच: प्रति किमी ~2 पैसे
    इसका मतलब है कि एसिलीपर या एसी 3-tier जैसी सर्विसेज़ में भी थोड़ी बढ़त आई है।

✳️ उदाहरण: 500 km की मेल/एक्सप्रेस ट्रेन यात्रा लगभग ₹10 ज्यादा खर्च हो सकती है।


क्या कुछ सेवाओं में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई?

जी हाँ, रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कुछ श्रेणियों में किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है:
✔️ सबअर्बन/लोकल ट्रेनें
✔️ सीजन टिकटें (जैसे मासिक पास)
✔️ साधारण द्वितीय श्रेणी यात्रा 215 km तक
इसका मतलब है कि रोज-मर्रा के छोटे सफर या दैनिक यात्रियों पर फिलहाल कोई नया बोझ नहीं पड़ा है।


बढ़ोतरी का असर — सरल शब्दों में

श्रेणी बढ़ोतरी विवरण
साधारण टिकट (≤215 km) कोई वृद्धि नहीं
साधारण टिकट (>215 km) दूरी के हिसाब से ₹5-₹20 तक
मेल/एक्सप्रेस (Non-AC/AC) प्रति किमी ~2 पैसे
Suburban/Season Tickets कोई बदलाब नहीं

क्यों बढ़ाया गया किराया?

रेल मंत्रालय का कहना है कि किराया ढांचा ऑपरेशन लागत और सेवाओं को बेहतर रखने के उद्देश्य से संशोधित किया गया है।
इसका लक्ष्य है यात्री सुविधा के साथ-साथ रेल संचालन को स्थिर और दीर्घकालिक रूप से सुरक्षित रखना।

✍️ निष्कर्ष

26 दिसंबर 2025 से भारतीय रेलवे ने लंबी दूरी की ट्रेनों के किराए में हल्की से मध्यम बढ़ोतरी की है। छोटे सफर और रोज-मर्रा के यात्रियों को फिलहाल राहत मिली है, लेकिन लंबी दूरी के यात्रियों को अब थोड़ा अधिक खर्च करना होगा।

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