यात्री सुविधा और ट्रेनों का परिचालन समय पर हो, इसके लिए रेलवे स्टेशनों पर 'क्विक वाटरिंग सिस्टम' की व्यवस्था की जा रही है। यानी ट्रेनों में परिचालन के दौरान कभी भी पानी खत्म होने पर उसे कम समय के अंदर भरा जा सकेगा। अब तक जहां 25 मिनट का समय एक ट्रेन में पानी भरने में लगता है, वहीं यह काम छह मिनट में पूरा हो जाएगा। इस सिस्टम से अब ट्रेनों का परिचालन समय से हो सकेगा। यात्रियों को भी परेशानी नहीं होगी।
इस सिस्टम के प्रयोग में आने के बाद स्टेशन पर ज्यादा समय इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मुरी और रांची स्टेशन से इसकी शुरुआत होगी। इस दिशा में निविदा भी हो गई है और काम की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि दिसंबर माह में इसकी सेवा स्टेशनों पर मिलनी शुरू हो जाएगी। इसके लिए मौके पर जेट पंप की सुविधा दी जाएगी और साथ ही सेंसरयुक्त उपकरण लगाए जाएंगे, ताकि कोच में पानी भरते ही वह स्वत: बंद हो जाए। इससे पानी की बर्बादी नहीं होगी।
रांची रेल मंडल में पहली बार इस व्यवस्था को लागू किया जा रहा
रांची रेल मंडल में पहली बार इस व्यवस्था को लागू किया जा रहा है। इसके लिए प्रारंभिक चरण में रांची और मुरी स्टेशन को चयनित किया गया है। भविष्य में जरूरत के अनुसार अन्य स्टेशनोंं पर इसकी सेवा दी जा सकती है। दक्षिण पूर्व रेलवे के गिने-चुने स्टेशनों पर इसकी सेवा मुहैया कराई गई है।
यात्री सुविधा और ट्रेनों का समय पर परिचालन को ध्यान में रखते हुए क्विक वाटर सिस्टम की सेवा शुरू की जा रही है। मुरी और रांची स्टेशन पर इसकी सेवा शुरू करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है, जो रांची रेल मंडल का पहली व्यवस्था होगी।
Source - Jagran

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