8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है। इसके दो दिन पहले ही शुक्रवार को धनबाद में महिला सशक्तीकरण का बेजोड़ नजारा देखने को मिल रहा है। भारतीय रेलवे को सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले पांच रेल मंडलों में शुमार धनबाद रेल मंडल के धनबाद रेलवे स्टेशन महिलाओं के हवाले है। महिलाएं टिकट काट रही हैं। कंट्रोल रूम में बैठकर रेल गाड़ियों के परिचालन को नियंत्रित कर रही हैं। टिकट चेकिंग के साथ-साथ सुरक्षा का जिम्मा भी संभाल रखा है।
कंट्रोल रूम महिलाओं के जिम्मे
धनबाद रेल मंडल अनूठे अंदाज में महिला दिवस मना रहा है। एक तरह से यह महिलाओं के प्रति सम्मान है। उनकी काबिलियत की स्वीकार्यता है। शुक्रवार सुबह से ही धनबाद रेलवे स्टेशन का नजारा बदला-बदला सा दिखा। अंतरराष्ट्रीय महिला सप्ताह पर यहां की बागडोर महिलाओं ने संभाल लिया। टिकट काउंटर पर सिर्फ महिला कर्मी ही टिकट जारी कर रही हैं। बेटिकट यात्रियों से निपटने के लिए भी महिला टीटीई को उतारा गया है। सुरक्षा के लिए आरपीएफ की महिला बटालियन ने परेड किया। रविवार को महिला दिवस पर भी धनबाद स्टेशन परिचालन की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं के ही हाथ होगी।
सिंदरी-धनबाद पैसेंजर का परिचालन करेंगी महिलाएं
महिला दिवस पर धनबाद से सिंदरी के बीच चलने वाली पैसेंजर सवारी गाड़ी का परिचालन महिला कर्मचारियों के जिम्मे होगा। सवारी गाड़ी में चालक, सहायक चालक, गोर्ड, टिकट चेकिंग और सुरक्षा व्यवस्था सबकुछ महिलाएं ही संभालेंगी।
धनबाद रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार को आरपीएफ की महिला सुरक्षाकर्मियों ने परेड किया। महिला दिवसपर महिला आरपीएफ अधिकारी अपने बटालियन के साथ मुस्तैद रहेंगी। धनबाद से खुलने और गुजरने वाली टे्रनों में सफर करने वाली महिला यात्रियों से फीडबैक भी लिए जाएंगे। उससे डीआरएम व अन्य संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
Source - Jagran

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