ट्रेन टिकट बुक (Train Ticket Booking) करने के लिए हर किसी को चिंता होती है. खासतौर से अगर तत्काल ट्रेन टिकट (Tatkal Train Ticket) बुक करना है तो ये काम बिना दलाल के नहीं होता है. हर ट्रेन में एसी फर्स्ट क्लास और एक्जीक्युटिव क्लास को छोड़कर तत्काल ट्रेन टिकट बुक किया जा सकता है. हाल ही में तत्काल टिकट बुक करने में फर्जीवाड़े को खत्म करने के लिए रेलवे ने कई कदम भी उठाए हैं. इस संबंध में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में जवाब भी दिया.
तत्काल टिकट बुकिंग में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए भारतीय रेल ने ये कदम उठाए हैं.
1. सुबह 10 बजे से 12 बजे दोपहर तक एक यूजर केवल 2 दो तत्काल टिकट ही बुक कर सकता है.
2. तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया में रैंडम सिक्योरिटी सवाल पूछे जाएंगे.
3. रिटेल सर्विस प्रोवाइडर्स यानी एजेंट्स के एक दिन में एक ट्रेन में एक ही टिकट बुक कर सकते हैं.
4. एक मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर एक ही IRCTC यूजर आईडी बनाई जा सकती है.5. 1 महीने में एक व्यक्ति कुल 6 रेलवे टिकट ही बुक कर सकता है. अगर कोई यूजर अपने IRCTC आईडी को आधार से लिंक करता है तो उनके लिए यह लिमिट 12 टिकटों की होगी. इसके लिए एक शर्त यह भी है कि पैसेंजर्स में से किसी एक व्यक्ति के पास आधार होना चाहिए.
6. एक लॉगिन सेशन में एक ही टिकट बुक किया जा सकता है. यह प्रतिबंध सुबह 8 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक के लिए होगा.
7. यूजर्स से 3 बार कैप्चा पूछा जाएगा. सबसे पहले रजिस्ट्रेशन करने पर, फिर लॉगिन करने पर और तीसरी बार बुकिंग पेज पर ताकि सॉफ्टवेयर ये पता कर सके कि कोई फ्रॉड तो नहीं किया जा रहा.
8. यूजर्स द्वारा टिकट बुक करने के लिए मिनिमम टाइम पर भी रेलवे की नजर है.
9. एडवांस रिजर्वेशन पीरियड के पहले 15 मिनट में IRCTC ने एजेंट्स पर प्रतिबंध लगाया है.
इन सॉफ्टवेयर्स की मदद से होता था फर्जीवाड़ा हाल ही में रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स ने 60 एजेंट्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले अवैश सॉफ्टवेयर्स को लेकर कार्रवाई की है. इन सॉफ्टवेयर्स की मदद से एजेंट्स टिकट ब्लॉक कर लेते थे. इसके लिए'ANMS', 'MAC' और 'Jaguar' जैसे अवैध सॉफ्टवेयर्स का इस्तेमाल किया जाता था. इन सॉफ्टवेयर्स की मदद से कैप्चा, बुकिंग कैप्चा और बैंक ओटीपी की प्रक्रिया को बाइपास कर लिया जाता था. जबकि, आम लोगों को टिकट बुक करने के लिए इन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है. जब तक वो टिकट बुक कर सकें, तब तत्काल टिकट खत्म हो जाता था.
इसके लिए रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स लगातार काम कर रहा है ताकि अवैध तरीकों से टिकट बुक करने वालों पर नकेल कसी जा सकती है.
Source - News 18

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