बोर्ड के दिनांक 9.09.1988 के पत्र सं. ई(जीपी)87/2/23 में अंतर्विष्ट अनुदेशों के अनुसार, यह निर्धारित किया गया है कि ग्रुप 'बी' पदों में पदोन्नति के लिए चयन/आयोजित सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा में वार्षिक कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट का मूल्यांकन पिछले पांच वर्षों की गोपनीय रिपोर्टों पर आधारित होना चाहिए। इसके अतिरिक्त, बोर्ड के दिनांक 29.09.1989 के उक्त उल्लिखित पत्र के अनुसार, निचले ग्रेड या पिछले वर्षों (गणना के वर्षों से इतर) के माध्यम से वार्षिक कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट की कमी पूरी करने के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
2... हाल ही में एक ऐसे मामले का पता चला है जिसमें सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा में भाग लेने वाल्ने एक कर्मचारी की वार्षिक कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट उपलब्ध न होने के कारण प्रारंभिक प्रशिक्षण अवधि में शून्य अंक दिया गया है। इसलिए, अब यह विनिश्चय किया गया है कि उक्त उल्लिखित अनुदेशों के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया के अतिरिक्त, ग्रुप 'बी' पदों में पदोन्नति के लिए चयन/आयोजित सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा में यदि ग्रुप 'सी' कर्मचारी ने निर्धारित पात्रता मानदंड पूरे किए हैं और प्रारंभिक प्रशिक्षण, अध्ययन अवकाश आदि पर रहते हुए अपेक्षित वर्षों की वार्षिक कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट नहीं है तो वार्षिक कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट के मूल्यांकन के ऐसे मामले में वार्षिक कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट की गणना में, जिस वर्ष वार्षिक कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट नहीं लिखी गई है, अपेक्षित वर्ष (वर्षों) की ग्रेडिंग के लिए सभी उपलब्ध वर्षों के वार्षिक कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट के औसत की गणना की जाए। इस संबंध में इसे आसानी से समझने के लिए काल्पनिक आंकड़ों सहित एक उदाहरण अनुबंध के रूप में संलग्न है।
संलग्नक: यथोक्त। | (मीनाक्षी सल्जा) उप निदेशक, स्थापना (जीपी)III रेलवे बोर्ड फोन नं. 23047250
श्री एक्स को रेल सेवा में 01.09.2012 को नियुक्त किया गया है। उनकी पहली एपीएआर 01.09.2012 से 31.03.2013 की अवधि में नियत है। ग्रुप 'बी' पद में पदोन्नति के लिए चयन में सेवा रिकॉर्ड के अंतर्गत अंक की गणना के लिए 31.03.2016 को समाप्त होने वाले वर्ष के अंत तक पांच वर्षों की एपीएआर की गणना की गई है। चूंकि एक एपीएआर उपलब्ध नहीं है, इसलिए चार उपलब्ध एपीएआर के ए से ई तक के औसत को पहले 4 (66/4=16.5) से विभाजित किया जाएगा और इसे ही पूर्ववर्ती वर्ष 2011-12 के लिए ए से ई तक के कुल योग पर विचार किया जाएगा और इसी प्रकार उपलब्ध चार ए एपीएआर की ग्रेडिंग के तहत पूरे अंकों को भी 4 (14/4=3.5) से विभाजित किया जाएगा और इसे पूर्ववर्ती वर्ष 2011-12 के लिए ग्रेड़िंग के अंतर्गत उसके अंकों के रूप में विचार किया जाएगा। अत: उनकी कुल ग्रेडिंग 17.5 (14+3.5) होगी और ए से ई का कुल योग 82.50 (66+16.50) होगा।
निर्धारित मानदंडों के अनुसार गणना करते हुए सेवा रिकॉर्ड में उनके अंक निम्नानुसार होंगे: ए से ई तक का औसत 82.5 /5= 16.5 समग्र औसत 17.5+16.5 = 34/2 = 17

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