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Sep 27, 2023
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Refund Rules of Unreserved & Reserved Tickets of Indian Railway
अनारक्षित, आरएसी और प्रतीक्षासूची टिकटों को रद्द करने के लिए प्रति यात्री क्लर्केज का शुल्क:-
i). अनारक्षित (द्वितीय श्रेणी): रु. 30. (ii) द्वितीय श्रेणी (आरक्षित) और अन्य श्रेणियां: रु. 60
कन्फर्म (आरक्षित) टिकटों पर प्रति यात्री रद्दीकरण शुल्क:-
(i). ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान से 48 घंटे पहले न्यूनतम रद्दीकरण शुल्क
प्रथम एसी/एग्जीक्यूटिव क्लास: रु. 240
2 एसी/प्रथम श्रेणी : रु. 200
3AC/ACC/3A इकोनॉमी: रु. 180
द्वितीय शयनयान श्रेणी : रु. 120
द्वितीय श्रेणी : रु. 60
(ii). ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान से 48 घंटे से 12 घंटे पहले के बीच 25% @ उपरोक्त (i) के अनुसार न्यूनतम शुल्क के अधीन।
(iii) ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान से 12 घंटे से 4 घंटे पहले के बीच 50% @ उपरोक्त (i) के अनुसार न्यूनतम शुल्क के अधीन।
(iv) उपरोक्त निर्धारित समय सीमा के बाद कोई रिफंड नहीं।
आंशिक रूप से कन्फर्म टिकटों पर : ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान से आधे घंटे पहले तक, अप्रयुक्त आरएसी/डब्ल्यूएल टिकटों पर रिफंड: ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान से आधे घंटे पहले तक, क्लर्केज शुल्क की कटौती के अधीन। उपरोक्त निर्धारित समय सीमा के बाद कोई रिफंड नहीं।ट्रेनों को रद्द करने के मामले में, ई टिकटों के लिए स्वचालित रिफंड दिया जाता है। टीडीआर दाखिल करने की आवश्यकता नहीं है।
Note -काउंटर पीआरएस टिकट के लिए कोई बदलाव नहीं।
Levy of clerkage per passenger for cancellation of unreserved, RAC and waitlisted tickets:- (i). Unreserved (second class): Rs. 30. (ii) Second class (reserved) and other classes: Rs. 60
Cancellation charge per passenger on confirmed (reserved) tickets:- (i). 48 hours before the scheduled departure of the train minimum cancellation charge
1st AC/executive class: Rs. 240 2 AC/1st Class : Rs. 200 3AC/ACC/3A economy: Rs. 180 Second sleeper class : Rs. 120 Second class : Rs. 60
(ii). Between 48 hours and 12 hours before the scheduled departure of the train @ 25% subject to minimum charge as per (i) above.
(iii) between 12 hours and 4 hours before the scheduled departure of the train @ 50% subject to minimum charge as per (i) above.
(iv) No refund after the above prescribed time limit.
Partially confirmed: Upto half an hour before the scheduled departure of the train,
Refund on unused RAC/WL tickets: Upto half an hour before the scheduled departure of the train subject to deduction of clerkage charge. No refund after the above prescribed time limit.
In case of cancellation of trains for e tickets: W. e. f. 01.07.2015, automatic refund is granted. Filing of TDR is not required.
Note - No change for counter PRS ticket.
RAIL NEWS CENTEROct 20, 2022
Salient Features of The Up-gradation Scheme of Railway Tickets to The higher Class
Salient Features of The Up-gradation Scheme of Railway Tickets to The higher Class
With a view to optimise the utilisation of available accommodation in train, a scheme to upgrade full-fare paying passengers to the higher class without any extra charge against the available vacant accommodation is available in almost Mail / Express trains.
• The passengers are required to give the option for being considered for upgradation. If no option is given at the time of filling up of requisition form, the same is treated as 'yes' and passenger(s) can be considered for upgradation.
• The passengers for upgradation are selected automatically (except in cases where the passenger has shown his unwillingness to be upgraded) on random basis by the System at the time of preparation of reservation charts.
• In case there are not enough eligible confirmed passengers who have opted for upgradation. RAC/Waiting list passengers can be upgraded irrespective of the choice given by them.
• All the passengers on a ticket are upgraded together.
• It is not done for block booking transactions.
• If a passenger, who has been upgraded, cancels his ticket, cancellation charges of the original class only are payable. It Is advisable to avail the facility (by exercising the option In the affirmative) and always to check the status (coach/ berth numbers) before boarding the train.
Dec 1, 2021
चाबीदार, मेट / पेट्रोलमैनों / ट्रेकमैनके सेप्टी नियम - P Way कर्मियों के हित में जारी
रेलवे कर्मियों के हित में जारी - चाबीदार (KEYMAN) / मेट(mate)/ पेट्रोलमैनों (patrolman)/ ट्रेकमैन(Trackmans)के सेप्टी नियम
चाबीदार के सेप्टी नियम (KEYMAN)
1. सेक्सन मे हमेशा डबल चाबीदार चलेंगे।
2.प्रोटेक्सन का पूरा सामान साथ मे रखेंगे
3.A3 मेडीकल पास ही चाबीदार का कार्य करेंगे।.
4.वरिष्ट व योग्यताधारी ट्रेकमेन्टेनर को ही चाबीदार बनाया जाता है।
5. 4 किमी के सेक्सन मे 2 चाबीदार निरीक्षण करेंगे।
6.किसी भी प्रकार से ट्रेक असामान्य दिखने पर तुरन्त सूचना युनिट इनचार्ज व SSE को दे तथा स्वयं प्रोटेक्सन करे।
7.चाबीदार सेक्सन का पूर्ण जवाब देही ट्रेकमेन्टेनर होता है। उसे सेक्सन का मालिक भी कहते हैं।
8.चाबीदारी इनचार्ज के बाद सबसे वरिष्ठ ट्रेकमेन्टेनर होता है।
9.रोज सेक्सन की पूरी जानकारी sse को देता है।
10.चाबीदार ट्रेक से सम्बन्धित सभी प्रकार के कार्यो मे निपुण होता है।
11.चाबीदार किसी भी प्रकार के सामान /औज़ार /ट्रेक सम्बन्धी आवश्यक सामग्री की कमी होने पर तुरन्त SSE को बतायें।
Also See
Engineering (P Way / Works) Department
Study Material & Question Bank
मेट(mate)/इनचार्ज के कर्तव्य
1.सभी ट्रेकमेन्टेनर ड्यूटी टाइम टूल रूम पर आते ही हस्ताक्षर करवा कर मेन्टेनेस कार्य की पोजीसन बताऐ।
2.इंनचार्ज अपने साथ प्रोटेक्सन का पूरा सामान लें।
3. साथ में झंडी /बावटा, प्राथमिक उपचार पेटी,
हुटर, थर्मामीटर ,यूनिट पोजीशन के पुरे दस्तावेज, तख्ता -पंसाल को रखें।
4.यूनिट इंचार्ज वरिष्ठ ,पढा -लिखा ,पंसाल का जानकार ,ट्रेकमेन्टीनेन्स के कार्य में दक्ष होगा।
5.कार्य करवाते समय कोई दुर्घटना न हो इसका विशेष ध्यान रखे।
6.किसी के भी दबाव में आकर या रिश्वत लेकर भेदभाव ना करें।
7.दबाव की पोजीसन की सिकायत तुरन्त बड़े अधिकारियों से करे।
8.झगड़ा या मनमुटाव यूनिट मे न होने दे।
9.किसी ट्रेकमेन्टेनर का स्वास्थ्य असामान्य होने पर अपने अधिकार क्षेत्र में उसे आराम दे सकते हैं।
विशेष --- बाबू(os) /लिपिक कार्य में देरी या रिश्वतखोरी करे तथा एक बार मे ऑफिस कार्य की पूर्ण जानकारी न दे तो तुरन्त मैसेज बड़े अधिकारियो को डाल दे। जिससे आप तनाव मुक्त रहेंगे व आपका कार्य भी गुणवत्तायुक्त होगा।
नोट --- ये सभी नियम/कर्तव्य सामान्य है आपातकालीन स्थिति मे सक्षम अधिकारी द्वारा नियम बदले जा सकते हैं।
ट्रेकमैन(General Rules of Trackmans) से सम्बन्धित प्रमुख सेप्टी नियम
गैंगमैन/ट्रेकमैन के नियम
1.ट्रेक पर मोबाईल फोन पर बात न करें।जरूरी हो तो ट्रेक से नीचे उतर कर बात करें।
2. ट्रेक का मेन्टीनेन्स करते समय कार्य स्थल से 300 मीटर दूरी व ट्रेन के विपरीत दिशा में एक ट्रेकमेन्टेनर साथी को भेजें जो ट्रेन के आने की सुचना हुटर,सिटी या आवाज लगाकर दे सके। जिसके पास लाल /हरी झंडी, हुटर, व सिटी हो।
3.पेकिंग के दौरान पहले पंसाल नाप लें फिर जैक के द्वारा ट्रेक उठाकर पेकिंग कार्य करे।
4. 60/52 की ट्रैक पर थ्रू पेकिंग प्रतिबंधित है। सिर्फ लाइन पर पड़े गच्चे की मरम्मत करे।
5. यदि सेक्सन मे ज्यादा ट्रेक खराब है तो पैकिंग मशीन पेकिंग करेगी।सीमेंट स्लीपर की पैकिग मशीन से ही होती है।
6.थर्मामीटर हमेशा कार्य स्थल पर रहेगा। DT +10 ट्रेक से सम्बन्धित कार्य बन्द हो जायेगा। तथा DT+20 पर पेट्रोलिंग शुरू हो जायेगी।
7.कार्य स्थल पर ट्रेकमेनों के पास मिले जुले सभी औज़ार होने चाहिए।
8.कार्य स्थल पर प्राथमिक उपचार पेटी पूरी प्राथमिक दवाईयों के साथ जरूर होना चाहिए।
9.ट्रेकमेन के साथ कोई भी असामान्य दुर्घटना होने पर तुरन्त प्राथमिक उपचार कर 2 साथी ट्रेकमेन्टेनर उसे ट्रेन रूकवाकर या बाई रोड या जो भी व्यवस्था हो नजदीकी अस्पताल पहुचायें एंव उसका इलाज शुरू कराएं।
10. कार्य करते समय एक- दूसरे साथी का विशेष ध्यान रखेगे। कोई कार्य मिलजुल कर करें कामचोरी करके दूसरे साथी पर बोझ न बढ़ाएं।
11. यार्ड में कार्य करते समय 30 का काॅसन ऑडर या ब्लाक या फिर अति आवश्यक हो तो लाल बाउटा लगाकर कार्य करें।
12. कभी भी बिना ट्रेनिंग के ट्रैक पर कार्य नही करें।
13.पुरा विश्राम कर तथा तनाव मुक्त होकर ही ट्रेक पर चढ़ें।
14.ट्रेक पर गप-सप या बातों मे ध्यान ना भटकायें।
15. कार्य के दौरान ज्यादा थकान होने पर अपना कार्य साथी को सौप कर 10 मिनट रेस्ट कर पानी पी लें।
16.असामान्य घटना की सम्भावना लगते ही सबसे पहले अपनी सेप्टी करे। फिर ट्रेक की सेप्टी करे।(आप सुरक्षित तो ट्रेक सुरक्षित)।
18.प्रत्येक ट्रेकमेन्टेनर को ट्रेक से सम्बन्धित सेप्टी के पूरे नियम ध्यान में रखने चाहिए।
19 प्रत्येक ट्रेकमेन्टेनर को प्रोटेक्सन करना जरूर आना चाहिए।जो गेट नियमो में शामिल है।
20. जरूरी हो तो हेलमेट लगाकर कार्य करे।
21. 2 घण्टे से अधिक ओवर टाइम होने पर half time CR /OT होगा।
22. SSE का मान-सम्मान करें एंव उनके निर्देशों का पालन करें।गैरजिम्मेदाराना फरमान जो आपको अनुचित प्रतीत हो तुरन्त SSE से बोलकर संतुष्ट हो लें।
23. 08 किमी से ज्यादा कही भी सेक्सन मे ड्यूटी करने पर TA भरा जायेगा।
24. ट्रेकमेन्टेनर का परम कर्तव्य ट्रेक की सुरक्षा है,ना कि अधिकारियो की मिली भगत से आफिसों,बंगलो व घरो में कार्य करना।
25. डेड बॉडी की रखवाली 02 ट्रेकमेन्टेनर करेगे।
पेट्रोलमैनों (petrolman) के नियम
1.डबल ट्रेक 2 पेट्रोलमैन 2 किलोमीटर के एरिया मे अपने प्रोटेक्शन सामग्री के साथ चलेंगे।
2.फैक्चर का बरीकी से निरीक्षण करेंगे फैक्चर मिलने पर नियमानुसार प्रोटेक्सन करेंगे।
3. A3 मेडीकल होने पर ही पेट्रोलिंग मे जायें।
4. रात्रिकालीन पेट्रोलिंग मे पूर्ण विश्राम व नींद पूरी करके ही जायें।
5.हमेशा ट्रेन के विपरीत दिशा मे चलें।
6. पेट्रोलिंग के दौरान टाइम टेबल का प्रयोग करें। 2 किमी का 3 चक्कर (फेरी) जरूर लगाये।
7. कान खुले रखे तथा बीच मे गेट पड़ने पर गेटमेन से ट्रेन के बारे पूछें।
8. 2 टॉर्च , फटाका, ब्रेकेट(जोड़ीदार),लाल और हरी झंडी, पाना, हथौड़ा, सिटी, 2 /1 इंची ट्रेक का कटा हुआ टुकड़ा जरूर साथ रखें।
9. साईनिंग सेप्टी जैकेट पहने।
10 पहले दिन पेट्रोलिंग मे जाने के लिये हाफ टाइम से यूनिट कार्य छोड दें।
11.सामने से ट्रेन दिखाई देते ही ट्रेक से नीचे उतर जायें।पहले अपनी सेफ्टी करें फिर ट्रेक की क्योकि जब आप सुरक्षित रहेंगे तभी तो अपना ट्रेक सुरक्षित करेंगे।
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Classification - extension of validity of unused Passes.
Classification w.r.t. extension of validity of unused Passes.
भारत सरकार GOVERNMENT OF INDIA रेल मंत्रालय MINISTRY OF RAILWAYS (रेलवे बोर्ड) (RAILWAY BOARD)
No. E(W)2020/PS5-2/7
New Delhi, dated 19.08.2021
The General Managers (P) All Zonal Railways & Production Units.
Sub: Clarification w.r.t. extension of validity of unused Passes. Ref: Board’s letter of even number dated 30.06.2021.
Representations and RTI applications are being received in Board’s office complaining that Pass Issuing Authorities (PIA) are not extending validity of partly used Passes in terms of Board’s above referred letter and are deprived from using the Pass for unused portion. In this regard unused portion on Pass is illustrated below:-
On Pass issued for journey from Stations A to D with break journeys at Stations B & C, journey was performed only from Station A to B. The unused portions in such case are from Stations B to C and C to D.
2. In this context, attention is invited to Para-2 of Board’s letter referred to above which categorically stipulates that extension of validity should be granted on all unused Passes/PTOs upto 30.09.2021. In E-Pass Module of HRMS, all E-Passes, including partly used ‘E-Passes have been revalidated in the system itself for booking of tickets including for unused portion, upto 30.09.2021. Considering the instructions issued vide Board’s letter ibid and also in order to follow uniformity with E-Passes, the validity of Physical Passes should also be extended similarly. Accordingly, PIAs may be advised to take-necessary action to revalidate the partly used Physical Passes also upto 30.09.2021, if not already. done.
(Mahesh Kumar Meena) Joint Director Estt. (Welfare) Railway Board.
Jul 15, 2021
Master Circular No. 43 Trade Test for Promotion in Artisan
Master Circular No. 43
Trade Test for Promotion in Artisan Categories.
“Click Above or View below PDF”
Jul 8, 2021
Imposition of incorrect/unintended penalty by Authorities
No.E(D&A) 2021/RG6-7
New Delhi., Dated 15 .03. 2021 The General Managers, All Indian Railways & Production Units etc., (As per standard List). Subject: Imposition of incorrect/ un intended penalty by Authorities (Disciplinary/ Appellate Revisionary)- reg. A case has been brought to notice by the Vigilance Directorate, wherein, a Disciplinary Authority, though intending to impose a major penalty, under Rule 6(v) of the Railway Servants(Discipline & Appeal) Rules, 1968, actually ended up imposing a penalty which happened to be a minor penalty under Rule 6 (iii-b) of the aforesaid Rules.
2. It has been considered necessary to sensitize the Disciplinary Authorities/Appellate Authorities/Revisionary Authorities so that such errors do not recur in the future. 3. It needs to be recalled that there are two segments of the penalty of reduction by stage(s) in the same time scale of pay, one falling within the Rule 6(iii-b) which happens to be a minor penalty and the other falling under Rule 6(v) which happens to be a major penalty.
As provided for in Rule 6, except for a reduction by one stage in the same time scale of pay for a period not exceeding 3 years, which is without cumulative effect and which does not adversely effect the pension of the concerned Railway Servant, all other variables of reduction by stage(s) in the same time scale of pay happens to be major penalties.
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Jun 29, 2021
Mar 26, 2021
Dec 1, 2020
ट्रेन में मिडिल बर्थ मिले तो क्या करें? सफर से पहले जरूर समझें रेलवे का ये काम का नियम
ट्रेन में सफर को हर कोई आरामदायक बनाना चाहता है. टिकट बुकिंग (Train Ticket Booking) के वक्त ही बर्थ सेलेक्शन (Berth Selection) किया जाता है. हर मुसाफिर अपना कन्फर्ट देखता है. बर्थ से लेकर सामान को एडजस्ट करने तक सबकुछ परफेक्ट चाहता है. लेकिन, ऐसा होता नहीं. क्योंकि, रेलवे (Indian Railways) का पास भी हर चीज की लिमिटेशन है. लेकिन, यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने कड़े नियम (Indian Railways rules) बनाए हुए हैं. इन नियमों की जानकारी होना और उन्हें फोलो करना दोनों ही जरूरी है.
सफर के दौरान मीडिल बर्थ (Train Middle berth) आपको मिल जाए तो क्या करेंगे? लोअर बर्थ वाले मुसाफिर अक्सर देर रात तक बैठे रहते हैं. ऐसे में काम आते हैं रेलवे के नियम, मिडिल बर्थ को लेकर रेलवे के निमय (Railway rule for Middle berth) अलग हैं. रेलवे के नियमों को पढ़ा जाए तो कोई भी आपकी यात्रा सही मायने आरामदायक हो जाएगी. यात्रा करते वक्त अपने अधिकार और रेलवे के नियमों की जानकारी शायद ही कुछ लोगों को होती है. लेकिन, ये नियम बड़े काम के होते हैं. इनकी जानकारी न होने पर यात्री धोखा खाते हैं.
मिडिल बर्थ के लिए सोने का नियम (Middle berth ke niyam)
अक्सर हम देखते हैं कि मिडिल बर्थ पर सोने वाले यात्री, इसे ट्रेन शुरू होते ही खोल लेते हैं. इससे लोअर बर्थ (Train Lower berth) वाले यात्री को काफी दिक्कत होती है. रेलवे के नियम के मुताबिक, मिडिल बर्थ वाला यात्री अपनी बर्थ पर 10 बजे रात से सुबह 6 बजे तक ही सो सकता है. रात 10 से पहले अगर कोई यात्री मिडिल बर्थ खोलने से रोकना चाहे तो रोका जा सकता है. वहीं, सुबह 6 बजे के बाद बर्थ को नीचे करना होगा, ताकि दूसरे यात्री लोअर बर्थ पर बैठ सकें.
दो स्टॉप का नियम (Seat allotment rules)
अगर आप की ट्रेन छूट जाती है तो TTE अगले दो स्टॉप या अगले एक घंटे तक (दोनों में जो पहले हो) आपकी सीट किसी और यात्री को अलॉट नहीं कर सकता है. इसका मतलब यह हुआ कि अगले दो स्टॉप में से किसी से आप ट्रेन पकड़ सकते हैं. तीन स्टॉप गुजर जाने के बाद टीटीई के पास अधिकार होता है कि वह RAC लिस्ट में अगले व्यक्ति को सीट अलॉट कर दे.
यात्रा को बढ़ाना (Extend your destination)
कई बार पीक सीजन के दौरान आप जिस स्टेशन तक जाना चाहते हैं, वहां तक की टिकट नहीं मिलती है. उस स्थिति में यात्री कुछ स्टेशन पहले के लिए टिकट ले लेते हैं. इस स्थिति में निर्धारित स्टेशन पर पहुंचने से पहले TTE को सूचित करके अपनी यात्रा को बढ़ा सकता हैं. TTE आपसे अतिरिक्त किराया वसूलेगा और आगे की यात्रा के लिए टिकट बना देगा. आपको अलग बर्थ दी जा सकती है. अगर खाली बर्थ नहीं मिली तो आपको बाकी यात्रा चेयर कार में करनी होगी.
रात 10 बजे के TTE नहीं करेगा टिकट चेक (Indian Railways Ticket checking rules)
आपकी यात्रा के दौरान ट्रैवल टिकट एग्जामिनर (TTE) आपसे टिकट लेने आता है. कई बार वह देर आकर आपको जगाता है और अपनी आईडी दिखाने को कहता है. लेकिन, आपको बता दें, रात 10 बजे के बाद TTE भी आपको डिस्टर्ब नहीं कर सकता है. टीटीई को सुबह 6 से रात 10 बजे के बीच ही टिकटों का वेरिफिकेशन करना जरूरी है. रात में सोने के बाद किसी भी पैसेंजर को डिस्टर्ब नहीं किया जा सकता. यह गाइडलाइन रेलवे बोर्ड की है. हालांकि, रात को 10 बजे के बाद यात्रा शुरू करने वाले यात्रियों पर यह नियम लागू नहीं होता.
Source - Zee NewsAug 18, 2020
रेलवे स्टेशन के हर स्टॉल पर लगेगा 'No Bill No Pay' का बोर्ड, नहीं लगाने पे होगी सख्त कार्यवाई
भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, स्टेशन के सभी स्टॉल पर 'नो बिल नो पे' (No Bill-No Pay) का बोर्ड लगाना अनिवार्य कर दिया है. रेलवे ने एक दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि भारतीय रेल के सभी जोनों एवं मंडलों के सभी स्टेशनों पर लगे स्टालों पर 'नो बिल नो पे' (No Bill-No Pay) का बोर्ड प्रदर्शित करना अनिवार्य है. साथ ही साथ पीओएस (Point on sale) मशीन भी लगाना जरुरी होगा, जहां कहीं भी निर्देश के पालन में कमी पाई जाएगी उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाई करने का प्रावधान किया जाए.
पूर्व-मध्य रेल (ईसीआर) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने सोमवार को बताया कि भारतीय रेल ने यात्रियों की
सुविधा और अधिकार में वृद्धि करते हुए सभी जोन एवं मंडल को निर्देश जारी किया गया है कि सभी स्टेशनों पर उपलब्ध स्टालों पर नो बिल-नो पे का बोर्ड प्रदर्शित करना और पीओएस मशीन की उपलब्धता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है. जहां कहीं भी निर्देश के पालन में कमी पाई जाएगी उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
शर्तों का पालन नहीं करने पर देना होगा जुर्माना- मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने कहा कि स्टेशनों पर उपलब्ध सभी स्टॉल यात्रियों के भुगतान किए जाने पर उन्हें बिल देने की व्यवस्था करें और जो सुविधा प्रदाता इन शर्तों का पालन करने में असफल होते हैं उन्हें भारी जुर्माना देना होगा। उन्होंने कहा कि इस तरह से यह निर्णय यात्रियों की सुविधा की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा. पूर्व मध्य रेल भी यात्रियों की सेवा हेतु सदैव तत्पर है. पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक श्री ललित चंद्र त्रिवेदी के द्वारा सभी मंडलों दानापुर, सोनपुर, धनबाद, समस्तीपुर एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के मंडल रेल प्रबंधको को इससे संबंधित दिशा निर्देश देते हुए इनका अनुपालन सुनिश्चित करने की बात कही गई है.
सभी डीआरएम यह सत्यापित करने या जांच करने की व्यवस्था करें कि स्टॉल पर 'नो बिल-नो पे' का बोर्ड लगा है कि नहीं एवं उन पर पीओएस मशीन उपलब्ध है एवं चालू रूप में है कि नहीं. यात्रियों के भुगतान किए जाने पर उन्हें बिल देने की व्यवस्था करें और जो सुविधा प्रदाता इन शर्तों का पालन करने में असफल होते हैं उन्हें भारी फाइन लगाया जाए.
Source - News 18Indian Railways को जल्द मिलेगा 5G स्पेक्ट्रम, इन सेवाओं में मिलेगा लाभ
Indian Railways को जल्द ही 5G स्पेक्ट्रम का आवंटन किया जा सकता है। भारतीय रेलवे की Safety and Security सर्विसेज को बेहतर करने के लिए केंद्र सरकार यह फैसला लेने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक 20 अगस्त को होने वाली डिजिटल कम्यूनिकेशन कमीशन की बैठक में इस पर फैसला होने की संभावना है।
TRAI तो पहले ही रेलवे को बिना नीलामी के 5G स्पेक्ट्रम देने की सिफारिश कर चुकी है। रेलवे इस स्पेक्ट्रम का कमर्शियल उपयोग नहीं कर पाएगी। भारतीय रेलवे को 5 Mhz 5G मिलेगा और वह इसका उपयोग सिग्नलिंग और CCTV मॉनिटरिंग के लिए कर सकेगी। इसके साथ ही पैसेंजर इन्फॉर्मेशन सर्विस और आंतरिक कार्यों के लिए इसका उपयोग किया जा सकेगा। इसकी वजह से रेलवे की सुरक्षा प्रणाली और मजबूत होगी। रेलवे 90000 CCTV कैमरों का टेंडर जारी कर चुका है।
भारतीय रेलवे अब अपनी सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने में जुटा हुआ है। बुलेट तेज और हाई स्पीड ट्रेन शुरू करने की तैयारियां जोरों पर है। ऐसे में 5G स्पेक्ट्रम मिलने से रेलवे को बहुत लाभ होगा।
5G की विशेषताएं:
5G हाई-स्पीड इंटरनेट और कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। 3 घंटे की फिल्म कुछ सेकंड में ही डाउनलोड की जा सकेगी। वीडियो बफरिंग नहीं होगी क्योंकि डेटा ट्रांसफर तेजी से होगा। 4G सेवा में जितना डेटा वितरित करने में 70 मिली सेकंड लगते हैं, 5G नेटवर्क में उसके लिए मात्र 1 मिली सेकंड लगेगा। स्पेक्ट्रम एक प्रकार का विद्युत चुंबकीय क्षेत्र है। यह एक विद्युत चुंबकीय क्षेत्र का बहुत छोटा रूप है। इसे एक प्रकार का विकिरण उर्जा कहा जा सकता है, जोकि पृथ्वी को चारों तरफ से घेरे हुए है। यह उर्जा तारों और आकाशगंगाओं तथा पृथ्वी के नीचे दबे रेडियोएक्टिव तत्वों से मिलती है।
Source - Nai DuniyaMay 11, 2020
रेल सेवा आचरण नियम (Indian Railway)
Railway Employee
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