देश की आधी आबादी यानी कि महिलाएं हर क्षेत्र में अपने बड़े-बड़े कारनामे कर रही है। तो वही महिलाएं आगे बढ़े जिनके लिए सरकारी योजनाओं के तहत काफी लाभ दिए जाते हैं। देश के यातायात साधनों में से एक इंडियन रेलवे में भी महिलाओं के लिए ऐसे खास नियम है, जिसे महिलाओं के अधिकार बढ़ जाते है, ऐसे में महिलाओं को यात्रा करने में काफी आसानी होती है
तो वही महिलाओं को मिले रेलवे से जुड़े कई अधिकार की जानकारी नहीं होती है। जिससे यहां पर जानकारी पढ़ कर फायदा उठा सकते हैं। तो चलिए आपको बताते हैं, ट्रेन के सफर के दौरान महिलाओं को मिलते कौन-कौन से मिलते हैं। जब जरुरत हो इनके जरुर लाभ उठाएं।
रेल में 45 साल के ऊपर की महिलाओं को लेडीज कोटा में प्राथमिकता मिलती है, तो वही अगर इन महिलाओं के साथ 3 साल तक का बच्चा भी है तो भी ट्रेवल कर सकता है। उसको आपके साथ लेडीज कोटा में ही रखा जाएगा।
हर कोच में मिलती है लोअर बर्थ
तो वही अगर कोई महिला सीनियर सिटीजन है, जैसे 45 साल या उससे ज्यादा उम्र की जिसमें महिला यात्रि या गर्भवती महिलाओं के लिए ट्रेन के हर कोच में लोअर बर्थ दी जाती है।
मिलती है अलग काउंटर की सुविधाinformationcenter.co.in
महिलाओं के लिए ऑनलाइन बुकिंग के अलावा अगर आप रेलवे काउंटर से टिकट लेने के लिए खास सुविधा मिलती है, जिससे यहां पर महिलाओं के लिए अलग से काउंटर बनाए गए हैं।ट्रेन से TTE नहीं कर सकते है यह काम
ट्रेन में टिकट का रिजर्वेशन नहीं होने पर या बिना टिकट यात्रा करने पर महिलाओं को ट्रेन से TTE नहीं उतार सकते हैं। रेलवे के कानून के मुताबिक कुछ शर्तों पर महिला को यात्रा जारी रखने की इजाजत मिलती है।
यात्रा में करा सकती है सीट में बदलाव
ट्रेन में अगर महिला अकेली सफर कर रही हैं तो वह टीटीई से बोलकर वह अपनी सीट में बदलाव करा सकती हैं। अगर महिला के पास पैसे नहीं हैं तो उस पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं डाल सकते हैं।