रेलवे के Guard cadre से जुड़े MACP मामले में Supreme Court ने 23 जुलाई 2026 को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। Court ने स्पष्ट किया कि Guard cadre के भीतर हुई functional promotions को MACP की गणना में promotion माना जाएगा, भले ही कुछ पदों के बीच Grade Pay समान रहा हो। Mail/Express Guard तक पहुंच चुके कर्मचारी ने cadre की निर्धारित promotional hierarchy में उपलब्ध प्रमुख promotions हासिल कर ली हैं, इसलिए उन्हें उसी आधार पर आगे की MACP financial upgradation का लाभ नहीं दिया जा सकता।
फैसले में Supreme Court ने यह भी कहा कि केवल Grade Pay के समान रहने से किसी पद पर हुई वास्तविक promotion का स्वरूप समाप्त नहीं हो जाता। Guard cadre की निर्धारित promotional hierarchy और संबंधित Recruitment Rules को MACP के उद्देश्य से महत्व दिया जाएगा।
कर्मचारियों के लिए महत्व:
यह फैसला उन रेलवे कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जिनके MACP मामलों में Guard cadre की promotions को लेकर विवाद रहा है। इसके आधार पर समान प्रकृति के मामलों की समीक्षा हो सकती है।
Practical Update:
जिन कर्मचारियों का MACP मामला इसी प्रकार की promotional hierarchy से जुड़ा है, वे अपने व्यक्तिगत service record और विभागीय आदेशों की स्थिति संबंधित Personnel Branch से जांच सकते हैं।
Source: Supreme Court of India — Union of India & Others v. Harbans Lal Verma

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