भारतीय रेल दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। आज से ठीक 164 साल पहले यानी 16 अप्रैल 1853 को देश की पहली ट्रेन की शुरुआत हुई थी। परन्तु करीब 50 साल तक भारतीय ट्रेनों में टॉयलट नहीं होते था।
वह तो भला हो ओखिल चंद्र सेन नामक एक यात्री का, जिन्होंने 1909 में पैसेंजर ट्रेन से यात्रा के अपने बुरे अनुभव के बारे में साहिबगंज रेल डिविजन के ऑफिस को एक खत लिखकर लेकर बताया। इस करारे पत्र के बाद ब्रिटिश हुकूमत को यह खयाल आया कि ट्रेनों में टॉयलट की बहुत आवश्यकता है। यह पत्र आज भी भारतीय रेल संग्रहालय में मौजूद है। इस ट्रेन को चलाने का पूरा श्रेय ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेलवे (जीआईपी रेलवे) को जाता है, जिसका स्वतंत्रता के बाद नाम बदलकर सेंट्रल रेलवे कर दिया गया।

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