दो सौ साल पहले रेल के डिब्बे कैसे होते थे। क्रेन से रेल की बोगी में कोयला कैसे भरा जाता था। अगर इस प्रकार के सवाल आपके या आपके बच्चों के मन में उठ रहे हैं तो रेलवे जल्द ही आपकी जिज्ञासा को पूरा करेगा। रेलवे ने रेल म्यूजियम में रखे करीब 350 ऐतिहासिक उपकरणों को आमजन और स्कूली बच्चों के लिए फिर से दिखाने की रूपरेखा बना रहा है।
बीकानेर रेलवे स्टेडियम के पिछले द्वारा पर स्थित इस रेल म्यूजियम में करीब 350 ऐतिहासिक वस्तुएं रखी हैं, जिसे अब आमजन और स्कूली बच्चों के लिए खोला जाएगा। हालांकि रेलवे इसे खोलने से पहले इसकी मरम्मत और साफ-सफाई करवाएगा। कोरोना के दौरान इस म्यूजियम को बंद कर दिया था। वर्ष 2012 में तत्कालीन डीआरएम श्याम सुंदर गुप्ता ने इसका उद्घाटन किया था।
डीआरएम बोले-यह हमारी धरोहर
डीआरएम आशीष कुमार ने बताया कि रेलवे ने दिनों-दिन प्रगति कर रेल यात्रियों को सहज और सुलभ यात्रा करने का मौका दिया है। इस सफर में पुराने उपकरणों का अहम रोल रहा है। कई जगह इसे रेल धरोहर के रूप में संजोकर रखा गया है। रेल म्यूजियम में रखे उपकरणों की सार-संभाल और आमजन को इसके प्रति आकर्षित करने और नॉलेज बढ़ाने के लिए वापस खोला जाएगा। इससे पहले इसकी सार-संभाल और मरम्मत के प्रयास किए जाएंगे। आगामी वर्षों में रेल यात्रियों को रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत एयरपोर्ट सरीखी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी।

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